URVI HNA
DrPriti Arya चर्म केश सौन्दर्य चिकित्सक
Master diploma in DERMATOLOGY MBA(Hospital management).BHMS ACUPRESSURE SUJOK AYURVEDA YOGA REIKI THERAPY
23/09/2026
कही ये आपकी कहानी तो नही?
आपको दो-तीन दिन बुखार आया था। अगर आपने दवा नहीं भी ली होती, तो भी शरीर शायद अपने आप ठीक हो जाता।*
लेकिन आप डॉक्टर के पास गए।
डॉक्टर ने शुरुआत में ही कई जाँचें लिख दीं।
जाँचों में बुखार का कोई स्पष्ट कारण नहीं मिला। लेकिन कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर थोड़ा बढ़ा हुआ दिखाई दिया — जो सामान्य व्यक्ति में भी कभी-कभी हो सकता है।
बुखार ठीक हो गया, लेकिन अब आप केवल बुखार के मरीज नहीं रहे।
डॉक्टर ने कहा:
"आपका कोलेस्ट्रॉल अधिक है। शुगर थोड़ी ज्यादा है। यानी आप प्री-डायबिटिक हैं। कोलेस्ट्रॉल और शुगर के लिए दवाएँ लेनी पड़ेंगी।"
इसके साथ ही खान-पान पर भी कई प्रतिबंध लगा दिए गए।
शायद आपने उन प्रतिबंधों का पूरी तरह पालन नहीं किया — लेकिन दवाएँ लेना नहीं भूले।
तीन महीने बीत गए। फिर से जाँच हुई।
कोलेस्ट्रॉल थोड़ा कम हुआ, लेकिन अब ब्लड प्रेशर थोड़ा बढ़ा हुआ दिखाई दिया।
एक और गोली लिख दी गई।
अब आप तीन गोलियाँ लेने लगे।
यह सुनकर आपकी चिंता बढ़ गई।
“आगे क्या होगा?” इस विचार के कारण आपकी नींद खराब होने लगी। डॉक्टर ने नींद की गोली लिख दी — अब गोलियों की संख्या चार हो गई।
सभी दवाएँ लेने के कारण एसिडिटी और अपच शुरू हो गई।
डॉक्टर ने कहा:
"खाने से पहले खाली पेट एसिडिटी की गोली लें।"
अब गोलियों की संख्या पाँच हो गई।
छह महीने बीत गए। एक दिन सीने में दर्द हुआ और आप अस्पताल पहुँच गए।
पूरी जाँच के बाद डॉक्टर ने कहा:
"आप समय पर आ गए, वरना स्थिति गंभीर हो सकती थी।"
फिर कई महँगी जाँचें कराने की सलाह दी गई।
बाद में कहा गया:
"वर्तमान दवाएँ जारी रखें। लेकिन हृदय के लिए दो और गोलियाँ लें। और एंडोक्राइनोलॉजिस्ट से भी सलाह लें।"
अब गोलियों की संख्या सात हो गई।
हृदय विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार आप एंडोक्राइनोलॉजिस्ट के पास गए।
उन्होंने डायबिटीज के लिए एक और गोली और थायरॉइड के लिए एक गोली लिख दी।
अब आपकी कुल दवाओं की संख्या नौ गोलियाँ हो गई।
धीरे-धीरे आपको लगने लगा कि आप एक गंभीर मरीज हैं:
हृदय रोगी
डायबिटिक
नींद की समस्या
अपच
थायरॉइड
किडनी
..और यह सूची बढ़ती गई।
किसी ने आपको यह नहीं बताया कि मनोबल, आत्मविश्वास और जीवनशैली में बदलाव के माध्यम से स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है।
लेकिन आपको लगातार यह बताया जाता रहा कि आप कमजोर, असफल और रोगग्रस्त हैं।
छह महीने बाद, सभी दवाओं के दुष्प्रभावों के कारण आपको पेशाब से संबंधित परेशानी शुरू हो गई।
जाँच हुई और किडनी से संबंधित समस्या की संभावना दिखाई दी।
डॉक्टर ने और जाँचें कराईं। रिपोर्ट देखकर कहा:
"क्रिएटिनिन थोड़ा बढ़ा हुआ है। लेकिन चिंता मत कीजिए — दवाएँ नियमित रूप से लेते रहें।"
उन्होंने दो और गोलियाँ लिख दीं।
अब गोलियों की संख्या ग्यारह हो गई।
अब आप भोजन से ज्यादा गोलियाँ लेने लगे हैं और इन सभी गोलियों के दुष्प्रभावों के कारण धीरे-धीरे मृत्यु की ओर बढ़ रहे हैं।
अगर शुरुआत में बुखार के समय डॉक्टर ने केवल इतना कहा होता:
,,
"चिंता मत कीजिए। यह हल्का बुखार है। दवा की जरूरत नहीं है। केवल आराम करें, पर्याप्त पानी पिएँ, ताजे फल-सब्जियाँ खाएँ और सुबह टहलने जाएँ — इतना ही पर्याप्त है। किसी दवा की जरूरत नहीं है।"
लेकिन फिर... डॉक्टरों और दवा कंपनियों का व्यवसाय कैसे चलता?
सबसे बड़ा सवाल:
डॉक्टर किस आधार पर किसी व्यक्ति को कोलेस्ट्रॉल, बीपी, डायबिटीज, हृदय या किडनी का मरीज घोषित करते हैं?
इन सीमाओं को किसने निर्धारित किया है?
आइए थोड़ा गहराई से समझते हैं:-
1979 में डायबिटीज के लिए ब्लड शुगर का स्तर 200 mg/dl माना जाता था। उस समय केवल 3.5% लोगों को टाइप-2 डायबिटीज माना जाता था।
1997 में इंसुलिन कंपनियों के दबाव के कारण यह सीमा 126 mg/dl कर दी गई और अचानक डायबिटिक लोगों का प्रतिशत 3.5% से बढ़कर 8% हो गया — यानी 4.5% अधिक लोगों को डायबिटिक घोषित कर दिया गया, जिनमें वास्तव में कोई लक्षण नहीं थे।
1999 में WHO ने इन दिशानिर्देशों को स्वीकार कर लिया।
इंसुलिन कंपनियों ने बहुत अधिक मुनाफा कमाया और नई फैक्ट्रियाँ स्थापित कीं।
2003 में अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन (ADA) ने फास्टिंग ब्लड शुगर की प्री-डायबिटिक सीमा 100 mg/dl कर दी।
इसके कारण 27% लोगों को डायबिटिक घोषित कर दिया गया — बिना किसी कारण के।
वर्तमान में ADA के अनुसार भोजन के बाद 140 mg/dl शुगर वाले लोगों को डायबिटिक माना जाता है।
इसके कारण अब दुनिया की लगभग 50% आबादी को डायबिटिक घोषित कर दिया गया है — जिनमें से बहुत से लोग वास्तव में मरीज नहीं हैं।
भारतीय दवा कंपनियाँ इस सीमा को और कम करके HbA1c 5.5% करने का प्रयास कर रही हैं, जिससे और अधिक लोग "मरीज" बनेंगे और दवाओं की बिक्री बढ़ेगी।
वास्तव में कई विशेषज्ञों का मत है कि HbA1c 11% तक भी डायबिटीज नहीं माना जाना चाहिए।
एक और उदाहरण:
2012 में एक बड़ी दवा कंपनी पर US सुप्रीम कोर्ट ने 3 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया।
उस कंपनी पर आरोप था कि 2007–2012 के दौरान उसकी डायबिटीज की दवा से हार्ट अटैक का खतरा 43% बढ़ता था, यह जानकारी पता होने के बावजूद कंपनी ने इसे छिपाया।
इस दौरान उन्होंने 300 अरब डॉलर का मुनाफा कमाया।
यही है आज का “अत्याधुनिक चिकित्सा विज्ञान”!
सोचिए... विचार कीजिए...
इसे जरूर सुरक्षित करके रखें,और शेयर करै
हर व्यक्ति स्वस्थ और खुश रहे — यही आज की शुभकामना है।
18/09/2026
काफी बिजि शेड्यूल है,पर रास्ते के सफर मे फोटो लेकर डालने की फुरसत निकाल ही लेती हूँ
17/09/2026
Celebrating my 1st year on Facebook. Thank you for your continuing support. I could never have made it without you. 🙏🤗🎉
17/09/2026
सुरक्षा संयोग नहीं, संस्कार है |
World Patient Safety Day
आज जब हम आधुनिक मशीनों, AI और रोबोटिक सर्जरी की बात करते हैं, तो हम अक्सर भूल जाते हैं कि स्वास्थ्य सेवा का सबसे पहला उपकरण है –विश्वास।
विश्व रोगी सुरक्षा दिवस हमें यही याद दिलाता है।
रोगी सुरक्षा क्या है?
यह सिर्फ हाथ धोना, सही दवा देना या फाइल पर सही नाम लिखना नहीं है।
रोगी सुरक्षा है –
- सुनना:जब मरीज अपनी बात कहे तो उसे बीच में न टोकना।
- समझाना: दवा क्यों दी जा रही है, यह सरल भाषा में बताना।
- सम्मान: मरीज को केस नंबर नहीं, एक इंसान समझना।
- सतर्कता: छोटी सी छोटी भूल को भी बड़ी मानकर सुधारना।
मेरे क्लिनिक के 5 सुरक्षा सूत्र:
आज इस दिवस पर मैं अपने सभी मरीजों से ये 5 वचन साझा कर रही हूँ:
1. स्पष्ट संवाद: हर दवा, हर प्रक्रिया आपको हिंदी/आपकी भाषा में समझाई जाएगी।
2. दोहरी जाँच: दवा देने से पहले नाम, उम्र और एलर्जी की दो बार जाँच।
3. गोपनीयता का सम्मान:* आपकी हर जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी।
4. स्वच्छता सर्वोपरि: मेरे क्लिनिक में स्वच्छता कोई समझौता नहीं है।
5. फॉलो-अप की जिम्मेदारी:इलाज के बाद भी हम आपसे जुड़े रहेंगे।
मैं मानती हूँ कि एक सुरक्षित मरीज ही एक संतुष्ट मरीज है। और एक संतुष्ट मरीज ही एक स्वस्थ समाज बनाता है।
आज 17 सितंबर को, आइए हम डॉक्टर और मरीज, मिलकर एक सुरक्षित स्वास्थ्य व्यवस्था का संकल्प लें।
क्योंकि आपकी मुस्कान ही हमारी सबसे बड़ी डिग्री है।
आपकी डॉक्टर,
डॉ. प्रीति आर्य
MDD (Dermatology) | MHA | BHMS | DNYS
*t
17/09/2026
अगर आप त्वचा केश और नाखून की समस्या से परेशान है तो,ओ पी डी मे मिले अथवा आनलाइन कंसलटेशन के लिए एपाइंटमेन्ट बुक करे,मेरे व्यस्त शेड्यूल के बाद प्रतिदिन आनलाइन केवल दो पेशेंट का ही एपाइंटमेन्ट बुक होता है।कंसलटेशन फीस दो हजार क्रिनिक केस
पाॅच सो एक्यूट केस।
17/09/2026
एनीमिया
एनीमिया के सामान्य प्रकार
1 आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया: यह आमतौर पर शरीर में आयरन तत्व की कमी के कारण होता है।
2. विटामिन की कमी से होने वाला एनीमिया:
हमारे शरीर को स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं की आवश्यक संख्या बनाने के लिए फोलेट और विटामिन बी-12 की आवश्यकता होती है।
3. पुरानी बीमारी से होने वाला एनीमिया: विभिन्न पुरानी बीमारियाँ जैसे कैंसर, एचआईवी/एड्स आदि जो लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में बाधा उत्पन्न करती हैं।
4 सिकल सेल एनीमिया:
यह आमतौर पर हीमोग्लोबिन के दोषपूर्ण रूप के कारण होता है जो लाल रक्त कोशिकाओं को असामान्य अर्धचंद्राकार आकार बनाने के लिए मजबूर करता है
होम्योपैथिक दवाएँ
फेरम मेट 3X
1. पीलापन के साथ कमज़ोरी, और थोड़ी सी भी उत्तेजना पर बार-बार झूठी लालिमा आना
2. चक्कर आना, तेज़ सिरदर्द और कानों में बजना।
3. सांस लेने में कठिनाई, सांस फूलना और दिल की धड़कन तेज़ होना और शरीर में ठंडक होना। 4. पीरियड्स के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव के कारण एनीमिया से पीड़ित महिलाएं।
चाइना 30
1. अत्यधिक रक्त की कमी के कारण एनीमिया।
2 रक्तस्राव किसी दर्दनाक चोट, पीरियड्स में अत्यधिक रक्तस्राव या गले, आंतों, नाक आदि जैसे शरीर के किसी भी हिस्से से रक्तस्राव का परिणाम हो सकता है।
3. व्यक्ति थका हुआ होता है और बेहोशी के दौरे भी पड़ते हैं।
4. चक्कर आना और कमजोरी महसूस होना।
5. शरीर ठंडा महसूस होना और पीलापन महसूस होना।
6. चेहरा खास तौर पर पीला और धँसा हुआ दिखाई देता है।
7. चाइना रक्तस्राव को नियंत्रित करने के साथ-साथ रक्तस्राव के बाद रक्त की मात्रा को भी बढ़ाता है।
फेरम फॉस 6x
1. हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने के लिए यह सबसे अधिक इस्तेमाल की जाने वाली दवा है।
2. इसका इस्तेमाल सभी आयु वर्ग के लोग सुरक्षित रूप से कर सकते हैं। गर्भावस्था में एनीमिया के दौरान भी।
3. त्वचा पीली दिखाई देती है और दिल की धड़कन बढ़ जाती है और कमजोरी महसूस होती है।
4. नाड़ी की गति तेज हो जाती है।
5. चक्कर और सिरदर्द।
एलेट्रिस फैरिनोसा क्यू
1. यह एनीमिया से पीड़ित महिलाओं के लिए सबसे अच्छी दवा है, जो अत्यधिक कमजोरी और थकान के साथ हैं।
2. पूरे दिन थकान और थकावट महसूस होती है।
3. ऊर्जा का स्तर काफी कम हो जाता है और शरीर शक्तिहीन महसूस करता है।
4. बार-बार गर्भपात के कारण महिलाओं में एनीमिया।
5. ल्यूकोरिया के कारण एनीमिया और कमजोरी।
नेट्रम म्यूर 200
1. एनीमिया के कारण वजन कम होना।
2. रोगी बहुत दुबला और कमजोर हो जाता है और मांस कम हो जाता है।
3. एनीमिया के कारण सिर गरम रहता है।
There are certain remedies that can prevent illness—provided, of course, that they are actually practiced:
1. Exercise is a form of medicine.
2. Walking in the morning and evening is a form of medicine.
3. Fasting is a form of medicine.
4. Eating meals with family is a form of medicine.
5. Laughter and lighthearted banter are a form of medicine.
6. Deep, restful sleep is a form of medicine.
7. Spending time with loved ones and staying happy is a form of medicine.
8. Remaining silent in certain situations is a form of medicine.
9. Helping others is a form of medicine.
10. A good friend is like an entire pharmacy.
Stay happy and keep smiling.
08/09/2026
विश्व फिजियोथेरेपी दिवस
World Physiotherapy Day
8 सितंबर
फिजियोथेरेपी केवल दर्द कम करने की चिकित्सा नहीं, बल्कि शरीर की प्राकृतिक गति, कार्यक्षमता और आत्मनिर्भरता को वापस पाने की विज्ञानसम्मत प्रक्रिया है।
हमारे शरीर की गति हमारे जीवन की गुणवत्ता से गहराई से जुड़ी है। चोट, ऑपरेशन, गठिया, कमर या गर्दन का दर्द, स्ट्रोक, खेल संबंधी चोटों तथा कई अन्य स्थितियों में फिजियोथेरेपी व्यक्ति को सुरक्षित और प्रभावी ढंग से अपनी दैनिक गतिविधियों की ओर लौटने में सहायता कर सकती है।
फिजियोथेरेपी क्यों महत्वपूर्ण है?
1. दर्द और जकड़न को नियंत्रित करने में सहायता
2. मांसपेशियों की शक्ति और लचीलापन बढ़ाना
3.चोट या सर्जरी के बाद पुनर्वास में मदद
4.संतुलन एवं चलने-फिरने की क्षमता में सुधार
5.खेल संबंधी चोटों से उबरने में सहयोग
6.सही posture और body mechanics के प्रति जागरूकता
7.उम्र बढ़ने के साथ सक्रिय और स्वतंत्र जीवन बनाए रखने में सहायता
एक महत्वपूर्ण संदेश
फिजियोथेरेपी का लाभ केवल बीमारी या चोट के बाद ही नहीं, बल्कि सही व्यायाम, शारीरिक सक्रियता और स्वस्थ जीवनशैली के माध्यम से स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण हो सकता है।
हालाँकि, हर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति अलग होती है। इसलिए व्यायाम या पुनर्वास कार्यक्रम योग्य फिजियोथेरेपिस्ट के मूल्यांकन और सलाह के अनुसार करना अधिक सुरक्षित और प्रभावी होता है।
इस विश्व फिजियोथेरेपी दिवस पर उन सभी फिजियोथेरेपिस्टों को नमन, जो लोगों को दर्द से राहत, गति में विश्वास और जीवन में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने में सहयोग देते हैं।
“Movement is not just about moving the body;
it is about moving forward in life.”
Dr. Priti Arya
08/09/2026
विश्व साक्षरता दिवस
8 सितंबर
“साक्षरता केवल पढ़ना-लिखना नहीं, बल्कि जीवन को समझने और सही निर्णय लेने की शक्ति है।”
शिक्षा व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाती है, अधिकारों के प्रति जागरूक करती है और समाज को प्रगति की राह दिखाती है। आज के डिजिटल युग में पढ़ाई के साथ डिजिटल, वित्तीय और स्वास्थ्य संबंधी साक्षरता भी आवश्यक है।
आइए, इस विश्व साक्षरता दिवस पर संकल्प लें कि हम स्वयं सीखेंगे और दूसरों को भी सीखने के लिए प्रेरित करेंगे।
क्योंकि—
एक व्यक्ति की शिक्षा, पूरे परिवार का भविष्य बदल सकती है।
और शिक्षित समाज ही सशक्त समाज की नींव है।
#विश्वसाक्षरतादिवस #शिक्षा #साक्षरता #ज्ञान #शिक्षितसमाज #आत्मनिर्भरभारत
04/09/2026
यौन स्वास्थ्य वैश्विक दिवस — स्वस्थ जीवन, सम्मान और जागरूकता का संदेश
यौन स्वास्थ्य वैश्विक दिवस (World Sexual Health Day) हमें याद दिलाता है कि स्वास्थ्य केवल शरीर को रोगों से मुक्त रखने का नाम नहीं है, बल्कि इसमें व्यक्ति का शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक कल्याण भी शामिल है।
यौन स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर सही जानकारी और स्वस्थ संवाद अत्यंत आवश्यक हैं। गलत धारणाएँ, संकोच और मिथक अक्सर लोगों को उचित स्वास्थ्य सेवाओं और सलाह से दूर कर देते हैं। इसलिए आवश्यक है कि यौन स्वास्थ्य के विषय में वैज्ञानिक जानकारी, जिम्मेदारी, सहमति, सम्मान और निजता को महत्व दिया जाए।
एक स्वस्थ समाज वही है जहाँ व्यक्ति अपने शरीर और स्वास्थ्य के बारे में सही जानकारी प्राप्त कर सके, अपने निर्णय सम्मानपूर्वक ले सके और आवश्यकता पड़ने पर योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लेने में संकोच न करे।
यौन स्वास्थ्य का अर्थ केवल रोगों से बचाव नहीं, बल्कि सुरक्षित एवं जिम्मेदार व्यवहार, पारस्परिक सम्मान, सहमति और स्वस्थ संबंधों को समझना भी है।
आइए, इस दिवस पर संकल्प लें—
1. मिथकों के स्थान पर वैज्ञानिक जानकारी को अपनाएँ।
2. अपने और दूसरों के शरीर एवं सीमाओं का सम्मान करें।
3. किसी भी संबंध में स्पष्ट और स्वतंत्र सहमति को सर्वोच्च महत्व दें।
4. आवश्यकता होने पर योग्य चिकित्सक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।
5. युवाओं और समाज में स्वास्थ्य शिक्षा तथा जागरूकता को बढ़ावा दें।
“ज्ञान संकोच को दूर करता है,
सम्मान रिश्तों को मजबूत करता है,
और जागरूकता स्वस्थ जीवन की नींव बनती है।”
यौन स्वास्थ्य वैश्विक दिवस पर स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और सम्मानपूर्ण संबंधों के लिए जागरूकता फैलाएँ।
Category
Website
Address
Opening Hours
| Monday | 9am - 5pm |
| Tuesday | 9am - 5pm |
| Wednesday | 9am - 5pm |
| Thursday | 9am - 5pm |
| Friday | 9am - 5pm |
| Saturday | 9am - 5pm |
| Sunday | 9am - 5pm |
Alerts
Be the first to know and let us send you an email when URVI HNA posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.