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14/09/2024
16/02/2024

नूगा बेस्ट थेरेपी क्या है?

नूगा बेस्ट थेरेपी:

संसार में जिस तरह नई बिमारियां पनप रही हैं, उसी तरह उन बिमारियों के इलाज के लिए चिकित्सा भी उपलब्ध है। कई तरह की क्रॉनिक बिमारियों के इलाज के लिए शहर में विशेष प्रकार की चिकित्सा पद्धतियां उपलब्ध है। विज्ञान की प्रगति के साथ चिकित्सा क्षेत्र में भी कई तरह के अनोखे बदलाव आए हैं। जहां कुछ समय पूर्व छोटी-छोटी बिमारियां जानलेवा हुआ करती थी। वहीं चिकित्सा की प्रगति ने आज कई तरह की असाध्य बिमारियों का सफल इलाज तलाश लिया है। इसी तरह की एक विशेष पद्धति है थर्मल एक्यूप्रेशर थैरेपी। जिसकी मदद से कई तरह की असाध्य बिमारियों से निपटने में मदद मिलती है।

क्या है थर्मल एक्युप्रेशर थैरेपी या नूगा बेस्ट थेरेपीः

इस थैरेपी के तहत गर्माहट व पत्थर की मदद से रोगों का इलाज किया जाता है। इस तरह गर्माहट देने वाने कीमती पत्थरों से रोगियों का इलाज किया जाता है। साउथ कोरियन कम्पनी की यह थर्मल एक्यूप्रेशर थैरेपी है जिसमे टरमोनियम स्टोन लगे हुए हैं। कैसे काम करती है थैरेपी में इस्तेमाल होने वाले टरमोनियम स्टोन का इसमें खासा महत्व है। टरमोनियम स्टोन से एफ.आई.आर रेंज निकलती है जो शरीर के टॉक्सिन को बाहर निकालने का काम करती है और ऑक्सीजन लेवल को संतुलित रखती है। साथ ही नर्व को खोलने का काम करती है व रक्त संचरण को अच्छा रखती है। ये थैरेपी स्पाइनल कोड (रीड की हडडी) पर दी जाती है जहां मानव के अंगों के एक्युप्रेशर पॉइंट होते हैं। जिससे अंगों को ऊर्जा मिलती है और वह सुचारू रूप से अपना काम करने लगते हैं।

पांच सिद्धांतों पर चलती है थैरेपी:

थर्मल एक्युप्रेशर थैरेपी पांच सिद्धांतों पर काम करती है। इसके लिए पांच तरीकों को इस्तेमाल कर रोगियों को रोग मुक्त किया जाता है। मसाज, एक्युप्रेशर, हीट कायरोपेटरिक, एफ. आई. आर किरणों की मदद से यह थैरेपी काम करती है।

साइड इफेक्ट्स नहीं

इस थैरेपी का कोई साइड इफैक्ट नही है। कम्पनी व थैरेपी को अमरीका से एफ.डी. आई सर्टिफिकेट प्राप्त है। मिलते हैं कई फायदेथैरेपी के नियमित इस्तेमाल करने से लम्बे समय से चली आ रही कई असाध्य बिमारियों से बचा जा सकता है। इसके उपयोग से ब्लड प्रेशर, शुगर, हृदय समस्या, सरवाइकल, स्लिप डिस्क, साईटिका, जॉइन्ट पेन, अर्थरॉइडिस, मोटापा, कब्ज,थॉइराइड, पाइल्स, पीरीयडस समस्या आदि बिमारियों से उभरने में मदद मिलती है।
एसे करें उपयोग
थर्मल एक्युप्रेशर थैरेपी का समय 40 मिनटों का होता है। थैरेपी शारीरिक फैक्शन को अच्छा करती है। इस थैरेपी को खाली पेट लिया जाए तो बेहतर व शीघ्र फायदा होता है। इसी तरह अगर भोजन के बाद थैरेपी का इस्तेमाल करना हो तो कम से कम दो घण्टें का अन्तराल रखें। 5 वर्ष से लेकर 80 वर्ष तक उम्र के व्यक्ति इसका फायदा उठा सकते हैं।

15/01/2022

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19/11/2020

Spine is the root of human body

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