वैदिक ज्योतिष विद्या

वैदिक ज्योतिष विद्या

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🔱 वैदिक ज्योतिष परामर्श
📿 कुंडली • विवाह • करियर • ग्रह दोष
✨ भगवान की कृपा से सही मार्गदर्शन कुंडली मैचिंग हस्तरेखा वैवाहिक जीवन कैसा रहेगा सेहत कैसी रहेगी सब आपके डेट ऑफ बर्थ से पता चलता है आपकी हस्तरेखा से पता चलता है

06/05/2026

🔱✨ ज्योतिष केवल भविष्य बताने की विद्या नहीं,
बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला दिव्य ज्ञान है। ✨🔱

🌙 ग्रहों की चाल हमारे कर्मों का दर्पण होती है,
और कुंडली जीवन के रहस्यों का संकेत देती है।
सही मार्गदर्शन, उचित समय और ईश्वर की कृपा से
हर कठिनाई का समाधान संभव है। 🙏

📿 “ज्योतिष वह दीपक है,
जो अंधकारमय जीवन में प्रकाश का मार्ग दिखाता है।” 🔥

🔯 कर्म बदलिए, समय स्वयं बदल जाएगा।
🚩 हर हर महादेव 🚩

06/05/2026

Radhe radhe 🙏

21/04/2026
21/04/2026

कोई भी क्वेश्चन हो मन में शादी से रिलेटेड शादी में मांगलिक दोष को लेकर या शादी कब फिक्स होगी आप लोग जुड़े और अपना क्वेश्चन पूछ सकते हैं

21/04/2026

आज शाम को 8:00 बजे अभी लाइव आ रहे हैं आप लोग को जो भी क्वेश्चन पूछना है कुंडली के अकॉर्डिंग या किसी को कोई भी क्वेश्चन हो कुंडली मैचिंग करवानी है तो जुड़े

19/04/2026

अक्षय तृतीया हिंदू धर्म का अत्यंत शुभ और पवित्र दिन माना जाता है। “अक्षय” का अर्थ है जिसका कभी क्षय न हो अर्थात जो सदा बढ़ता रहे। इस दिन किए गए पुण्य, दान, जप और शुभ कार्य अनंत फल देने वाले माने जाते हैं। यह वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आता है और बिना किसी मुहूर्त के ही सर्वश्रेष्ठ शुभ दिन माना जाता है।

इस दिन को मनाने के पीछे कई पौराणिक मान्यताएँ हैं। कहा जाता है कि इसी दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम का जन्म हुआ था। इसी दिन महाभारत का लेखन महर्षि वेदव्यास जी ने भगवान गणेश से आरंभ करवाया था। मान्यता यह भी है कि इसी दिन माता गंगा का अवतरण पृथ्वी पर हुआ था। कुबेर को इसी दिन धन की प्राप्ति हुई और सुदामा ने श्रीकृष्ण को चावल भेंट किए, जिससे उनका जीवन अक्षय समृद्धि से भर गया।

अक्षय तृतीया की शुरुआत किसी एक व्यक्ति द्वारा नहीं की गई, बल्कि यह सनातन परंपरा का हिस्सा है जो वैदिक काल से चली आ रही है। यह दिन प्रकृति, धर्म और समृद्धि के संतुलन का प्रतीक है।
इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। कई लोग भगवान श्रीकृष्ण और परशुराम जी की भी आराधना करते हैं। मान्यता है कि इस दिन विष्णु-लक्ष्मी की कृपा से धन, सुख और वैभव में कभी कमी नहीं आती।

पूजन के समय यह श्लोक अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है
“ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः”

भगवान विष्णु के लिए यह स्तोत्र अत्यंत शुभ है
“शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं
विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्।
लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं
वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥”

माता लक्ष्मी की कृपा के लिए यह स्तुति की जाती है
“नमस्तेस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते
शंखचक्र गदाहस्ते महालक्ष्मी नमोऽस्तुते॥”

इस दिन सोना खरीदना, दान देना, नया कार्य आरंभ करना और जप-तप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह दिन केवल धन प्राप्ति का ही नहीं बल्कि आध्यात्मिक उन्नति का भी प्रतीक है, क्योंकि इस दिन किया गया हर सत्कर्म अक्षय फल देता है।

नमामीशमीशान
Jotish ke anusar ai image Bana Do

18/04/2026

कौन सा फल और भोग चढ़ाएँ
माता कटेरी को शुद्ध, सात्विक और प्राकृतिक चीजें प्रिय मानी जाती हैं:
🍎 फल:
नारियल (सबसे मुख्य)
नींबू (रक्षा का प्रतीक)
केला
अनार
मौसमी फल
कितने दिन व्रत रखना चाहिए
👉 आपकी मनोकामना के अनुसार व्रत रखें:
9 दिन (नवरात्रि) → सबसे शक्तिशाली
11 दिन → बाधा निवारण
21 दिन → बड़ी मनोकामना / रक्षा साधना
हर मंगलवार या शुक्रवार नियमित व्रत भी कर सकते हैं
👉 व्रत में:
केवल फलाहार लें
प्याज-लहसुन से दूर रहें
मन और वाणी शुद्ध रखें
⏰ 3. पूजा का सही समय
माता कटेरी उग्र शक्ति हैं, इसलिए इनके 2 समय खास माने जाते हैं:
🌅 सुबह (ब्राह्म मुहूर्त / सूर्योदय)
शांति, आशीर्वाद और सुख के लिए
🌙 रात (8 बजे से 12 बजे)
रक्षा, बाधा निवारण, तांत्रिक शक्ति के लिए (सबसे प्रभावी)

18/04/2026

कोई भी इंसान अध्यात्म की ओर बढ़ता है नाम जाप करता है पूजा पाठ करता है तो इस कलयुग में उसे शांति प्रदान होगी अन्यथा कितना भी धन दौलत हो अंदर जलन और अशांति ही रहेगी शांति मिलेगी तो केवल गुरु कृपा और भजन मार्ग अपनाने से राधेराधे 🙏🙏

18/04/2026

राहु के प्रभाव से बचने के सरल और प्रभावी उपाय
प्रतिदिन या बुधवार/शनिवार को
👉 “ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः”
कम से कम 108 बार जप करें।

18/04/2026

आज पूर्व दिशा में कदम बढ़ाइए, सफलता स्वयं आपका मार्ग प्रशस्त करेगी।” 🚩
या
“उगते सूर्य की ओर चलें, हर कार्य में विजय और शुभता प्राप्त होगी।” 🌅

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