Ayurveda Gharelu Gyan
𝗙𝗼𝗿 𝗕𝘂𝘀𝗶𝗻𝗲𝘀𝘀 𝗶𝗻𝗾𝘂𝗶𝗿𝘆 & 𝗖𝗼𝗹𝗹𝗮𝗯 – 𝗵𝗲𝗮𝗹𝘁𝗵𝘀𝗵𝗮𝗿𝗮𝗻𝗮𝗺@𝗴𝗺𝗮𝗶𝗹.𝗰𝗼𝗺
"आयुर्वेद में शीघ्रपतन को शुक्रधातु की दुर्बलता, वातदोष की प्रबलता, मनोविकार (चिन्ता, भय, मानसिक तनाव), इन्द्रिय-असंयम तथा वाजीकरण शक्ति के क्षीण होने का परिणाम माना गया है। जब शुक्रधातु पर्याप्त पुष्ट नहीं रहती तथा अपानवायु का संतुलन विचलित हो जाता है, तब मैथुन के समय वीर्य का धारणकाल घट जाता है और अकाल स्खलन की प्रवृत्ति उत्पन्न होती है। आयुर्वेद में संतुलित आहार-विहार, ब्रह्मचर्य पालन, योग, प्राणायाम तथा योग्य वैद्य के निर्देशन में वाजीकरण एवं रसायन चिकित्सा द्वारा धातुपोषण, बल, ओज तथा संयम शक्ति को पोषित करने पर विशेष बल दिया गया है।"
16/07/2026
शुगर का काल है ये देशी खुराक! 🌱✨
क्या आप जानते हैं कि हमारी रसोई और प्रकृति में ही सेहत का खजाना छुपा है? आयुर्वेद में ऐसी शक्तिशाली जड़ी-बूटियाँ हैं जो नेचुरल तरीके से ब्लड शुगर लेवल को मैनेज करने और शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करती हैं।
इस देसी खुराक में शामिल हैं पारंपरिक हर्ब्स जो मैटाबॉलिज्म को सुधारती हैं और इन्सुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाती हैं। दवाओं के साथ-साथ सही डाइट और आयुर्वेद का यह तालमेल आपकी सेहत को एक नई दिशा दे सकता है।
Click here to claim your Sponsored Listing.