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23/08/2025
16/08/2025
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फूटा हुआ घड़ा – एक शिक्षाप्रद कहानी
एक समय की बात है, एक गाँव में एक किसान रहता था। वह ईमानदार, परिश्रमी और सरल स्वभाव का था। उसका दिन बहुत सुबह शुरू होता था। रोज़ वह सूरज उगने से पहले ही उठ जाता और पास के एक झरने से पानी लेने के लिए निकल पड़ता। किसान के पास दो बड़े घड़े थे जिन्हें वह एक लकड़ी के डंडे के दोनों सिरों पर बाँधकर अपने कंधे पर रख लेता और झरने से पानी भरकर अपने घर लाता।
इन दोनों घड़ों में से एक बिल्कुल सही और मजबूत था, जबकि दूसरा घड़ा थोड़ा सा फूटा हुआ था। जब भी किसान झरने से पानी भरकर घर आता, तो एक घड़ा पूरा पानी पहुँचाता जबकि फूटा हुआ घड़ा रास्ते में पानी टपकाता जाता और घर पहुँचते-पहुँचते उसका आधा पानी खत्म हो जाता।
यह सिलसिला पिछले दो वर्षों से चल रहा था।
सही घड़े को इस बात पर बहुत गर्व था कि वह बिना किसी कमी के अपना पूरा काम करता है, जबकि फूटा हुआ घड़ा खुद को बहुत दोषी और शर्मिंदा महसूस करता था। वह हमेशा सोचता कि वह किसान की मेहनत को बेकार कर रहा है क्योंकि वह केवल आधा पानी ही पहुँचा पाता है।
एक दिन फूटे हुए घड़े से रहा नहीं गया। उसने किसान से बहुत ही दुःखी होकर कहा,
“मालिक, मुझे आपसे माफ़ी माँगनी है। मैं बहुत शर्मिंदा हूँ। पिछले दो सालों से मैं अपना काम ठीक से नहीं कर पा रहा हूँ। मैं आधा पानी गिरा देता हूँ। मेरी वजह से आपकी मेहनत बेकार चली जाती है। मेरे अन्दर जो कमी है, वह मुझे बहुत दुःख देती है।”
किसान यह सुनकर मुस्कराया और बड़े प्रेम से बोला,
“तुम्हारी बात सुनकर मुझे दुःख जरूर हुआ, पर तुम जिस बात को अपनी कमी समझ रहे हो, वह असल में एक वरदान है। मैं तुम्हें कल एक बात दिखाता हूँ जिससे तुम्हारी उदासी हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।”
अगले दिन जब किसान पानी भरकर लौट रहा था, तो उसने फूटे हुए घड़े से कहा,
“आज जब हम घर लौटें, तो तुम रास्ते में अपने तरफ ध्यान देना। तुम देखोगे कि तुम्हारी ओर रास्ते भर रंग-बिरंगे, सुंदर और खुशबूदार फूल खिले हैं।”
फूटा हुआ घड़ा रास्ते भर फूलों को देखता रहा—लाल, पीले, नीले, गुलाबी फूल। वह फूलों की सुंदरता में खो गया। उसकी उदासी थोड़ी कम हो गई।
मगर जैसे ही घर पहुँचा और देखा कि उसका आधा पानी फिर गिर चुका है, तो वह फिर मायूस हो गया और बोला,
“मालिक, फूल तो बहुत सुंदर थे पर मेरा काम अधूरा ही रहा। आधा पानी फिर गिर गया।”
किसान मुस्कराया और बोला,
“क्या तुमने गौर किया कि सारे फूल केवल तुम्हारी ही तरफ थे, सही घड़े की ओर नहीं?”
घड़े ने सिर हिलाकर हामी भरी।
किसान बोला,
“क्योंकि मुझे पहले ही पता था कि तुम फूटे हुए हो, इसलिए मैंने तुम्हारी ओर वाले रास्ते पर फूलों के बीज बो दिए थे। रोज़ जब तुम पानी टपकाते थे, तो वही पानी इन बीजों को सींचता था और आज उन्हीं फूलों से मैं अपने घर को सजाता हूँ, भगवान की पूजा करता हूँ। यह सब तुम्हारी ही वजह से संभव हुआ। अगर तुम जैसे हो वैसे न होते, तो यह सुंदरता, यह सौंदर्य कभी नहीं होता।”
फूटा हुआ घड़ा यह सुनकर भावुक हो गया। उसे समझ में आ गया कि हर कमी में भी एक खूबसूरती छिपी होती है — बस उसे देखने का नजरिया चाहिए।
सीख:
हम सभी में कोई न कोई कमी होती है, पर हर कमी के पीछे भी एक कारण और उपयोग छिपा होता है। यदि हम उसे सही दिशा दें, तो वह भी किसी की ज़िंदगी को खूबसूरत बना सकती है।
True.
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