Dr Sushil Kumar, MD

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Photos from Dr Sushil Kumar, MD's post 03/03/2026

Happy Holi
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Photos from Dr Sushil Kumar, MD's post 23/07/2025

पार्थेनियम: एक हानिकारक घास जो त्वचा रोगों की जिम्मेदार है

परिचय:
पार्थेनियम (Parthenium hysterophorus), जिसे भारत में "गाजर घास" के नाम से भी जाना जाता है, एक अत्यंत हानिकारक और आक्रामक खरपतवार है। यह न केवल फसलों और पर्यावरण के लिए नुकसानदायक है, बल्कि इंसानों में विशेष रूप से त्वचा संबंधी रोगों और एलर्जी का एक बड़ा कारण भी बन चुकी है।

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पार्थेनियम क्या है?

पार्थेनियम एक अमेरिकी मूल की घास है जो भारत में 1950 के दशक में गलती से लायी गई। यह सफेद फूलों वाली, तेजी से फैलने वाली झाड़ी है जो मुख्यतः सड़क किनारे, खाली ज़मीनों, खेतों और रेलवे ट्रैकों के किनारे पाई जाती है। यह वर्षभर उगती है और बीजों द्वारा तेजी से फैलती है।

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यह कहाँ पाई जाती है?

भारत के लगभग सभी राज्यों में यह अब आम हो चुकी है।

विशेष रूप से गर्म और आर्द्र जलवायु वाले क्षेत्रों जैसे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, और आंध्र प्रदेश में यह अधिक पाई जाती है।

गांवों, शहरों, बाग-बगीचों और यहाँ तक कि अस्पताल परिसरों में भी यह घास देखी जा सकती है।

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स्वास्थ्य पर प्रभाव – मुख्य रूप से त्वचा पर:

पार्थेनियम के संपर्क में आने से विभिन्न प्रकार की एलर्जिक बीमारियाँ हो सकती हैं:

1. Contact Dermatitis (संपर्क त्वचा रोग):

त्वचा में खुजली, जलन, लालिमा और फुंसियाँ हो सकती हैं।

आमतौर पर यह हाथ, चेहरा और गर्दन पर अधिक असर करता है।

2. Respiratory Allergy (सांस की एलर्जी):

फूलने के समय इसका पराग हवा में फैलता है जिससे सांस लेने पर छींक आना, नाक बहना, अस्थमा जैसे लक्षण हो सकते हैं।

3. Photodermatitis (धूप से बढ़ने वाली एलर्जी):

यह घास सूर्य के संपर्क में आने पर त्वचा प्रतिक्रिया को और अधिक गंभीर बना देती है।

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किसे सबसे अधिक खतरा है?

किसान

बागवानी और सफाई कर्मचारी

सड़क निर्माण व अन्य श्रमिक

बच्चे जो बाहर अधिक खेलते हैं

एलर्जी प्रवृत्ति वाले व्यक्ति

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रोकथाम और बचाव:

✅ संपर्क से बचें: इस घास के पास काम करते समय दस्ताने, मास्क, फुल बाजू के कपड़े पहनें।
✅ स्थान की सफाई करें: आसपास की भूमि से पार्थेनियम को जड़ से उखाड़ें और जलाएं (सावधानी से)।
✅ दवाओं का प्रयोग: अगर त्वचा पर एलर्जी हो, तो डॉक्टर से सलाह लेकर एंटीहिस्टामिनिक और स्टेरॉइड क्रीम का उपयोग करें।
✅ जन-जागरूकता फैलाएं: स्कूलों, पंचायतों और मोहल्लों में इस विषय पर जागरूकता अभियान चलाएं।

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निष्कर्ष:

पार्थेनियम एक ऐसी घास है जो न केवल पर्यावरण और कृषि को नुकसान पहुँचाती है, बल्कि मानव स्वास्थ्य पर भी सीधा प्रभाव डालती है। विशेष रूप से त्वचा रोग और श्वसन एलर्जी का कारण बनती है। समय रहते यदि इसके प्रति सावधानी और जन-जागरूकता नहीं फैलाई गई, तो यह एक बड़े स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकती है।

🙏 स्वस्थ रहें, जागरूक रहें। पार्थेनियम से बचाव करें और दूसरों को भी बचाएं।

13/03/2025

होली के दौरान रंग त्वचा पर कठोर हो सकते हैं, इसलिए इसे सुरक्षित रखने के लिए ये स्किनकेयर टिप्स अपनाएं:

होली से पहले (प्री-केयर)

1. मॉइस्चराइज़र या तेल लगाएं – नारियल तेल, बादाम तेल या कोई गहन मॉइस्चराइज़र लगाएं ताकि त्वचा पर एक सुरक्षा परत बन सके।

2. सनस्क्रीन का उपयोग करें – SPF 30+ वाला वॉटरप्रूफ सनस्क्रीन लगाएं ताकि धूप से बचाव हो सके।

3. ढके हुए कपड़े पहनें – फुल-स्लीव्स वाले कपड़े पहनें ताकि रंगों का सीधा संपर्क कम हो।

4. होंठ और नाखूनों की सुरक्षा करें – पेट्रोलियम जेली लगाएं ताकि रंग न चिपके।

होली के दौरान

1. ऑर्गेनिक रंगों का उपयोग करें – केमिकल युक्त रंगों से बचें।

2. हाइड्रेटेड रहें – खूब पानी पिएं ताकि त्वचा स्वस्थ बनी रहे।

3. रगड़ने से बचें – अगर रंग नहीं हट रहा है तो त्वचा को जोर से न रगड़ें, इससे इन्फ्लेमेशन और जलन हो सकती है।

होली के बाद (पोस्ट-केयर)

1. सौम्य क्लींजर का उपयोग करें – रंग हटाने के लिए हल्के क्लींजर या माइल्ड सोप का इस्तेमाल करें, कठोर साबुन से बचें।

2. अच्छी तरह मॉइस्चराइज़ करें – त्वचा को दोबारा हाइड्रेट करने के लिए ऐलोवेरा, नारियल तेल या हाइड्रेटिंग लोशन लगाएं।

3. प्राकृतिक उपाय अपनाएं – त्वचा को शांत करने के लिए दही और शहद का मिश्रण लगाएं।

4. कुछ दिनों तक फेशियल और स्क्रब न करें – त्वचा को हील होने का समय दें, एक्सफोलिएटर्स से बचें।

इन उपायों से आप रंगों से होने वाले नुकसान से अपने स्किन की सुरक्षा कर सकते हैं और बिना किसी चिंता या फिक्र के होली का आनंद ले सकते हैं

Photos from Dr Sushil Kumar, MD's post 28/02/2025

मार्च का महीना आने को है और गर्मी ने दस्तक दे दी है. गर्मियों में त्वचा की देखभाल करना बहुत जरूरी है ताकि इसे धूप, डिहाइड्रेशन और ब्रेकआउट से बचाया जा सके। यहां कुछ जरूरी स्किनकेयर टिप्स दिए गए हैं जो आपको गर्मियों में मदद करेंगे:

1. सूरज की किरणों से सुरक्षा

हर दिन ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन (SPF 30 या उससे अधिक) लगाएं, भले ही मौसम बादलों वाला हो।

अगर आप बाहर हैं, तैराकी कर रहे हैं या पसीना आ रहा है, तो हर 2 घंटे में दोबारा सनस्क्रीन लगाएं।

सूरज से बचाने वाले कपड़े, धूप का चश्मा और चौड़ी टोपी पहनें।

सुबह 10 बजे से दोपहर 4 बजे तक तेज धूप से बचें।

2. हाइड्रेशन जरूरी है

त्वचा को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त पानी पिएं।

भारी क्रीम की जगह लाइटवेट, वाटर-बेस्ड मॉइश्चराइज़र का इस्तेमाल करें।

तरबूज, खीरा और संतरा जैसे हाइड्रेटिंग फूड्स को डाइट में शामिल करें।

3. अपनी स्किनकेयर रूटीन बदलें

पसीना, तेल और गंदगी हटाने के लिए माइल्ड फेस वॉश का इस्तेमाल करें।

लाइटवेट, नॉन-कॉमेडोजेनिक मॉइश्चराइज़र लगाएं ताकि पोर्स ब्लॉक न हों।

हफ्ते में 1-2 बार एक्सफोलिएट करें, लेकिन ज्यादा न करें।

4. मुंहासे और अतिरिक्त तेल से बचाव

ऑयल-फ्री और नॉन-कॉमेडोजेनिक प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें।

अतिरिक्त तेल को ब्लॉटिंग पेपर से साफ करें।

दिन में दो बार चेहरा धोएं ताकि पसीना और गंदगी जमा न हो।

5. सनबर्न का इलाज करें (अगर हो जाए)

एलोवेरा जेल या ठंडा मॉइश्चराइज़र लगाएं।

ठंडे पानी से नहाएं और गर्म पानी से बचें।

त्वचा को जल्दी ठीक करने के लिए ज्यादा पानी पिएं।

6. गर्मी और पसीने से बचाव

हल्के और ढीले कपड़े जैसे कॉटन और लिनन पहनें।

पसीना कम करने के लिए ठंडे पानी से नहाएं।

अगर जरूरत हो तो एंटी-चाफिंग पाउडर या क्रीम लगाएं।

इन तरीकों से आप काफी हद तक गर्मियों में अपने त्वचा को स्वस्थ बनाए रख सकते हैं 😊

27/02/2025

स्वस्थ, चमकती त्वचा प्राप्त करने और बनाए रखने के लिए अपनी त्वचा की विशिष्ट आवश्यकताओं को समझना और एक नियमित, अनुकूलित स्किनकेयर दिनचर्या अपनाना महत्वपूर्ण है। यहाँ एक विस्तृत मार्गदर्शिका प्रस्तुत है:

1. अपनी त्वचा के प्रकार की पहचान करें

प्रभावी स्किनकेयर दिनचर्या बनाने के लिए अपने त्वचा के प्रकार को पहचानना पहला कदम है। सामान्य त्वचा प्रकारों में शामिल हैं:

तैलीय त्वचा: अधिक तेल उत्पादन, बड़े छिद्र, और मुंहासों की प्रवृत्ति।

शुष्क त्वचा: नमी की कमी के कारण तंग, परतदार, या खुरदरी महसूस होती है।

संवेदनशील त्वचा: उत्पादों, सुगंधों, और पर्यावरणीय कारकों के प्रति आसानी से प्रतिक्रिया करती है।

सामान्य त्वचा: संतुलित, न्यूनतम ब्रेकआउट्स और समान बनावट।

अपने त्वचा के प्रकार की पहचान करने के बाद, आप अपनी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार उत्पादों का चयन कर सकते हैं।

2. स्किनकेयर दिनचर्या के आवश्यक चरण

a) सफाई (क्लींजिंग)

अपने चेहरे को धोना गंदगी, तेल, और अशुद्धियों को हटाता है। अपने त्वचा प्रकार के लिए उपयुक्त एक सौम्य क्लींजर चुनें:

तैलीय त्वचा: जेल या फोमिंग क्लींजर

शुष्क त्वचा: क्रीम या हाइड्रेटिंग क्लींजर

संवेदनशील त्वचा: सुगंध-मुक्त, सुखदायक क्लींजर

बिल्डअप और ब्रेकआउट को रोकने के लिए दिन में दो बार—सुबह और रात—चेहरा धोएं।

b) एक्सफोलिएशन (मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाना)

एक्सफोलिएशन मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाता है, जिससे आपकी त्वचा उज्जवल दिखती है और उत्पादों को बेहतर अवशोषित करती है। हालांकि, अत्यधिक एक्सफोलिएशन से जलन हो सकती है।

तैलीय त्वचा के लिए: सप्ताह में 2-3 बार

शुष्क/संवेदनशील त्वचा के लिए: सप्ताह में 1-2 बार

कोमल एक्सफोलिएशन के लिए रासायनिक एक्सफोलिएंट्स (जैसे AHA/BHA) का उपयोग करें या गहन सफाई के लिए भौतिक स्क्रब्स का चयन करें।

c) टोनिंग

टोनर त्वचा के पीएच स्तर को संतुलित करते हैं और सफाई के बाद बची हुई गंदगी को हटाते हैं।

शुष्क त्वचा के लिए: हाइड्रेटिंग सामग्री जैसे हायल्यूरोनिक एसिड वाले टोनर चुनें।

तैलीय त्वचा के लिए: विच हेज़ल जैसे तत्वों वाले टोनर का उपयोग करें।

d) मॉइस्चराइजिंग (नमी प्रदान करना)

हाइड्रेशन स्वस्थ त्वचा के लिए महत्वपूर्ण है।

तैलीय त्वचा: हल्के, तेल-मुक्त जेल मॉइस्चराइज़र

शुष्क त्वचा: समृद्ध, क्रीमी मॉइस्चराइज़र

संवेदनशील त्वचा: सुगंध-मुक्त, सुखदायक फॉर्मूला

e) सूर्य संरक्षण (सन प्रोटेक्शन)

सूर्य की क्षति से बचाव के लिए दैनिक सनस्क्रीन का उपयोग आवश्यक है।

सभी त्वचा प्रकारों के लिए: कम से कम SPF 30 वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन चुनें।

3. अतिरिक्त स्किनकेयर टिप्स

अंदर से हाइड्रेट करें: पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।

संतुलित आहार लें: एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन (A, C, E), और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें।

पर्याप्त नींद लें: रात में 7-8 घंटे की नींद लें।

तनाव प्रबंधन: ध्यान, योग, या अन्य तकनीकों के माध्यम से तनाव को नियंत्रित करें।

फेस मास्क का उपयोग करें: साप्ताहिक रूप से हाइड्रेटिंग, शुद्धिकरण, या सुखदायक मास्क का उपयोग करें।

4. सामान्य स्किनकेयर गलतियों से बचें

अत्यधिक चेहरा धोना: यह प्राकृतिक तेलों को हटा सकता है।

सनस्क्रीन छोड़ना: सूर्य की क्षति से बचाव के लिए आवश्यक है।

कठोर या अल्कोहल-आधारित उत्पादों का उपयोग: ये त्वचा को सूखा और चिड़चिड़ा बना सकते हैं।

पिंपल्स को फोड़ना: इससे निशान पड़ सकते हैं।

मेकअप के साथ सोना: यह छिद्रों को बंद कर सकता है और ब्रेकआउट का कारण बन सकता है।

निष्कर्ष

एक अच्छी स्किनकेयर दिनचर्या जटिल नहीं होनी चाहिए। इन सरल चरणों का पालन करके, अपने त्वचा को स्वस्थ एवं चमकदार बनाए रख सकते हैं. 😊

Photos from Dr Sushil Kumar, MD's post 21/10/2022

A perfect recipe of treatment gives result better than the sophisticated laser removal.
2nd pic 8 weeks later.

Photos from Dr Sushil Kumar, MD's post 15/10/2022

In a hurry for a social event.!
Don't worry for Black heads...after 2 weeks of medical therapy and immediately after comedone extraction 😊

Photos from Dr Sushil Kumar, MD's post 13/10/2022

Minimal scar surgery...
Mole/Nevus removal (2nd pic 15 days later)😊

08/01/2021

Book Online consultation on Healthplix app
Doctor Code: HP17589

09/12/2020

Please visit for any of the ailments of Skin, Hair and Nails. We will treat it with utmost sincerity and compassion. Thanks everyone for the favour and support 😊

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