Pritam Singh
Member of Susheela Sewa Sansthan
मैं वो खेल नहीं खेलता,
जिसमे जीतना फिक्स हो,
क्योंकि जीतने का मजा तब हैं,
जब हारने का रिस्क हो.
12/02/2023
जो मनुष्य अपने कदमों पर विश्वास करते हैं, वही सफलता की मंजिल तक पहुंचते हैं।
हम स्वयं आगे बढ़कर समाज के लिए कुछ अच्छा करें इससे बढ़कर समाज के लिए अच्छा संदेश नहीं है। समाज से हम बहुत कुछ लेते हैं हमारी भी यह नैतिक ज़िम्मेदारी होनी चाहिए कि समाज को हम भी कुछ अच्छा दें। समाज के लिए कुछ शारीरिक या आर्थिक अपनी सामर्थ्य के अनुसार जो भी मदद हो करनी चाहिए। यही समाज के लिए सबसे बेहतरीन संदेश है।
#वक्त से हारा या जीता नही जाता, केवल सीखा जाता हैं। #
03/02/2023
मंजिल मिल ही जाएगी भटकते हुए ही सही,
गुमराह तो वो हैं जो घर से निकले ही नहीं !
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