Dr.Pankaj sadh

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ayurvedic treatments

07/05/2026

➡️ हार्ट अटैक से बचाव के उपाय, चिकित्सकों ने दी महत्वपूर्ण सलाह

हार्ट अटैक से कैसे बचना है ?
वजन को संतुलित रखें
BMI 18.5 से 25 तक रखें।
पुरुषों में कमर का नाप 102 सेमी से कम एवं महिलाओं में 88 सेमी से कम होना चाहिए।

व्यायाम
प्रतिदिन 30 से 40 मिनट व्यायाम अवश्य करें। साइकिल चलाना, बैडमिंटन खेलना एवं जॉगिंग करना लाभप्रद है।

बीड़ी, सिगरेट एवं तंबाकू का सेवन न करें, अपना BP नियंत्रित रखें

शुगर की मात्रा
खाली पेट शुगर 65 से 110 mg% एवं खाना खाने के बाद 140 mg% तक होना चाहिए।

कोलेस्ट्रॉल की जांच कराते रहें
LDL की मात्रा 100 mg% से कम एवं TG की मात्रा 150 mg% से कम होनी चाहिए।

साथ ही अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) की मात्रा 40 mg% से ज्यादा होनी चाहिए।

नींद
व्यर्थ की चिंता न करें एवं 7 घंटे की पर्याप्त नींद जरूर लें। हार्ट अटैक होने पर तुरंत क्या करें, हार्ट के लक्षण होने पर आप रुक जाएं एवं अपने निकटतम डॉक्टर/निकटतम अस्पताल में संपर्क करें।

हार्ट अटैक का दर्द हार्ट की नस में खून का थक्का बनने से होता है। अतः दर्द होने के 90 मिनट के अंदर अगर थक्का घोलने वाला इंजेक्शन लगा दिया जाए अथवा एंजियोप्लास्टी कर दी जाए तो मरीज को तुरंत आराम मिल जाता है। इसलिए घर पर पड़े-पड़े घरेलू इलाज न करें।

इमरजेंसी दवाइयां (डॉक्टर की निगरानी में)
Aspirin 325 mg
Clopidogrel 300 mg
Atorvastatin 40-80 mg
Isosorbide (जीभ के नीचे, यदि BP सामान्य हो)
Sudden Death
हार्ट अटैक अचानक होने वाली मृत्यु का मुख्य कारण है।

अन्य कारणों में कार्डियोमायोपैथी, हार्ट फेल्यर (हृदय का आकार बढ़ जाना), एओर्टिक वाल्व की सिकुड़न, QT इंटरवल का बढ़ना, Brugada सिंड्रोम मुख्य हैं। अच्छी बात यह है कि इन सभी बीमारियों की जांच कर पहले से पता किया जा सकता है।

27/11/2023
05/06/2023

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19/05/2023

गर्मियों मे डीहाइड्रेशन (dehyration) से बचाव के उपाय -

1 सोडियम की आपूर्ति करेगा नारियल पानी
नारियल पानी सोडियम और पोटैशियम जैसे पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत है। डिहाइड्रेशन की अवस्था में शरीर में इन दोनों की मात्रा कम हो जाती है। नारियल पानी इन पोषक तत्वों की पूर्ति करने का कार्य करता है। डिहाइड्रेशन के इलाज का यह सबसे प्रभावी तरीका है।

2 पेट को ठंडा करेगा दही
डिहाइड्रेशन में दही का सेवन बेहद लाभकारी होता है। यह आसानी से पच भी जाता है और दही का सेवन आप नमक और भुने हुए जीरे के साथ भी कर सकते हैं।
प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत है दही।

3 लगातार पानी पीती रहें
हमारे शरीर को 70 प्रतिशत पानी की जरूरत होती है, इसलिए सबसे पहले पानी की मात्रा को बढ़ाना चाहिए। दिन में कम से कम 8 गिलास पानी पीना चाहिए।

4 छाछ भी है एक सरल उपाय
छाछ एक प्राकृतिक प्रोबायोटिक है। यह पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे खनिजों से समृद्ध है। डिहाइड्रेशन से बचने के लिए इसका सेवन किया जा सकता है। यह डायरिया जैसी पेट की परेशानी से छुटकारा दिलाने का कार्य करता है। गर्मियों में इसका महत्व अधिक है। यह शरीर में तरल की कमी को पूरा करता है और पेट को ठंडा रखता है। डिहाइड्रेशन के इलाज के लिए छाछ का उपाय कारगर रहेगा।

5 केला लौटाएगा खोई हुई ऊर्जा
डिहाइड्रेशन का एक कारण शरीर में पोटैशियम की कमी होना भी है। केले में पोटैशियम की मात्रा अधिक होती है और शरीर में इसकी मात्रा को संतुलित करने व डिहाइड्रेशन के इलाज में केला सहायता कर सकता है।

17/05/2023

अनियंत्रित ब्लड प्रेशर लकवा होने का सबसे प्रमुख कारण है जिसको जागरूकता फैलाकर, जीवन शैली मैं परिवर्तन, खानपान मैं बदलाव कर एवं सस्ती एवं आसानी से उपलब्ध दवाइयों के नियमित सेवन से नियंत्रित किया जा सकता है |
World Hypertension Day
17th May

17/05/2023

लू लगने के बाद क्या होता है, आप कैसे पहचान सकते हैं कि आपको या परिवार के किसी सदस्य को लू लग गई है. एक बार पता चलने के बाद इसका उपचार कैसे करना चाहिए, जैसे कई सवाल एक साथ मस्तिष्क में आते हैं. क्योंकि लू लगना भले ही एक मौसमी समस्या हो लेकिन यदि इसका समय पर उपचार ना किया जाए तो जान के लिए खतरा भी हो जाता है. सबसे पहले लू लगने के लक्षणों के बारे में-

लू लगने के बाद शरीर अपना तापमान नियंत्रित नहीं कर पाता है और टेंप्रेचर लगातार बढ़ता चला जाता है.
शरीर का ताप बढ़ने के बाद भी पसीना बिल्कुल नहीं आ रहा होता है.
लगातार जी-मिचलाता है और उल्टी भी हो सकती है.
त्वचा पर लाल निशान, रैशेज या चकते दिख सकते हैं.
दिल की धड़कने तेज रहती हैं
सिर में दर्द बना रहता है
मानसिक स्थिति बिगड़ने लगती है, कुछ भी सोचने-समझने की शक्ति नहीं रहती है.
कुछ सोचने की कोशिकर करो तो चीजें याद नहीं आती हैं.
बुखार बढ़ता चला जाता है.
त्वचा रूखी लेकिन बहुत नर्म महसूस होती

लू लगने पर क्या करें?

कई बचाव और प्रयासों के बाद भी यदि आप लू की चपेट में आ जाते हैं तो इस स्थिति में आपका शरीर इसके बुरे प्रभावों से लड़ने में सक्षम होता है. क्योंकि जो लोग सही डायट लेते हैं और लू लगने के कारणों से पूरी तरह बचने का प्रयास करते हैं. उनका शरार आंतरिक रूप से काफी मजबूत होता जाता है. लेकिन फिर भी यदि आपको लू लग जाए तो सबसे पहले ये काम करें...

सबसे पहले ठंडे स्थान पर लेट जाएं. लेकिन एसी को बहुत तेज ना करें. शरीर को हवा लगने दें.
गीले कपड़े से शरीर को हल्के हाथों से पोंछे.
सांस नॉर्मल करने का प्रयास करें और ताजा पानी पिएं. इलेक्ट्रॉल घोल, नींबू पानी पीना सबसे अधिक लाभकारी होता है.
फिर थोड़ी देर के लिए गीला तौलिया सिर पर रखें ताकि मस्तिष्क शांत हो सके.
शरीर का तापमान नियंत्रित होने पर ताजे पानी से स्नान करें.
उल्टी-पेटदर्द और लूज मोशन होने की स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करें.
यदि बुखार हो जाए तब भी अपने मन से दवाएं ना लें और डॉक्टर से सुझाव लेकर ही दवाओं का सेवन करें.

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