Ayushman bhav
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20/12/2020
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हमेशा ये माना जाता है कि हमारे घर के किचन में जो खाना बनेगा वो बहुत ही सेहतमंद होगा और साथ ही साथ उसमें शुद्धता की जांच करने की कोई जरूरत नहीं होगी। हम अपने हिसाब से कम तेल और मसाले में खाना बनाएंगे और साथ ही साथ ये हमें नुकसान नहीं पहुंचाएंगे, लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिन मसालों का इस्तेमाल आप कर रहे हैं वो सही हैं भी या फिर फेक हैं? हाल ही में हाथरस में फेक मसालों का एक मामला सामने आया है जहां एक लोकल मसाला फैक्ट्री में गधे की लीद, भूसा और केमिकल युक्त रंग मिलाए जा रहे थे। इसी के साथ, वहां एसिड से भरे हुए ड्रम्स भी थे जो मसालों में ही इस्तेमाल किए जा रहे थे।
हाथरस की इस मसाला फैक्ट्री से 300 किलो फेक मसाले बरामद हुए थे और इनमें गरम मसाला, हल्दी, मिर्च आदि सभी तरह के मसाले उपलब्ध थे। इन्हें अलग-अलग लोकल ब्रांड्स के नाम पर बेचा जा रहा था। इस मामले में जहां फैक्ट्री के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है वहीं दूसरी ओर इस बात ने चिंता बढ़ा दी है कि अगर खाने में डलने वाले मसाले ही असली नहीं रहे तो फिर हमारी सेहत का क्या होगा?
हर घर में मसालों का इस्तेमाल होता है। किचन के मसालों से स्किन केयर से लेकर खाना बनाने तक और उन्हें रोजमर्रा के काम में अलग-अलग चीज़ों में इस्तेमाल करने तक हम बहुत कुछ करते हैं। हल्दी वाला दूध सेहत के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन अगर इसमें मिलाई जाने वाली हल्दी ही मिलावटी हुई तो ये किसी बीमारी का इलाज करने की जगह इसे और खराब कर सकता है।
लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, गरम मसाला पाउडर, धनिया पाउडर, केसर, दालचीनी, जीरा आदि न जाने कितनी चीज़ें हमारे किचन में होती हैं जिनमें मिलावट हो सकती है। ऐसे में क्यों न हम कुछ खास टिप्स अपनाएं जिनकी मदद से ये पता किया जा सके कि हमारे किचन मेम मौजूद मसाले असली हैं या फिर नकली।
1. लाल मिर्च पाउडर की ऐसे करें जांच-
सबसे आसानी से लाल मिर्च पाउडर को फेक बनाया जा सकता है क्योंकि इसमें फेक रंग से लेकर ईंट के बुरादे तक सब कुछ मिला हो सकता है। ऐसी कितनी ही खबरें आई हैं कि ये मसाले फेक रहे हैं।
कैसे करें लाल मिर्च पाउडर की जांच?
- सबसे पहले एक ग्लास में पानी लें।
- इस पानी के ऊपर मिर्च पाउडर छिड़कें।
- अगर इसमें आर्टिफीशियल रंग मिलाया गया होगा तो रंग निकलने लगेगा।
2. हींग की करें जांच-
हींग में भी मिलावट हो सकती है और इसमें कई तरह के केमिकल्स मिलाए जा सकते हैं।
कैसे करें हींग की जांच?
- सबसे पहले हींग को एक चम्मच में लें (स्टील के चम्मच में)
- फिर इसे जलाएं।
- शुद्ध हींग कपूर की तरह जलती है।
- अगर हींग शुद्ध नहीं होगी तो ये कपूर की तरह फ्लेम नहीं जलाएगी।
3. पाउडर वाले मसालों में बुरादा-
पाउडर वाले किसी भी मसाले में बुरादा मिलाया जा सकता है। ये ईंट, लकड़ी आदि का बुरादा हो सकता है और ये खाने में मिलाना सही नहीं होता। अगर आपको शक है कि आपके घर में आया मसाला नकली है तो बुरादे का टेस्ट भी कर सकते हैं।
कैसे करें पाउडर वाले मसालों में बुरादे की जांच?
- इसके लिए भी पानी वाला टेस्ट करना है।
- एक बड़े बर्तन में पानी लें और उसके ऊपर मसाला छिड़कें।
- अगर इसमें बुरादा, चारा जैसी कोई चीज़ मिली होगी तो ये ऊपर अलग से तैरेगा।
4. हल्दी पाउडर-
हल्दी पाउडर में भी सबसे ज्यादा आर्टिफीशियल रंगों को मिलाया जाता है। ये आर्टिफीशियल रंग बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा सकते हैं।
कैसे करें हल्दी पाउडर की जांच?
- सबसे पहले एक ग्लास पानी में एक छोटे चम्मच हल्दी पाउडर डालें।
- अगर ये नेचुरल होगा तो मसाला घुलते समय हल्का पीला रंग छोड़ेगा।
- अगर इसमें फेक रंग मिले होंगे तो गाढ़ा पीला रंग पानी में दिखेगा।
Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) के सर्टिफिकेशन वाले मसाले ही शुद्ध माने जाते हैं। इसी के साथ, आप कोशिश करें कि खुले मसाले न लें जब तक आप अपने सामने मसालों को पिसते हुए न देख लें। आप ऐसी ही टिप्स के लिए FSSAI की वेबसाइट पर भी जा सकते हैं।
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CSE की रिपोर्ट में हुआ खुलासा
CSE की ओर से बुधवार को एक रिपोर्ट जारी की गई थी, जिसमें CSE की महानिदेशक सुनीता नारायण ने बताया कि भारतीय बाजारों में बिक रहे शहद के लगभग सभी ब्रांडों में जबरदस्त तरीके से शुगर सिरप (Sugar syrup) की मिलावट हो रही है. आपको बता दें इसी संगठन ने वर्ष 2003 और 2006 के दौरान सॉफ्ट ड्रिंक में कीटनाशक की उपस्थिति का खुलासा किया था.
खोज में यह तथ्य मिलने का किया था दावा
>> 77 फीसदी नमूनों में शुगर सिरप के साथ अन्य मिलावट पाए गए.
>> कुल जांचे गए 22 नमूनों में केवल पांच ही सभी परीक्षण में पास हुए.
>> शहद के प्रमुख ब्रांड्स जैसे डाबर, पतंजलि, बैद्यनाथ, झंडु, हितकारी और एपिस हिमालय, सभी एनएमआर टेस्ट में फेल पाए गए
>> 13 ब्रांड्स में से सिर्फ 3 – सफोला, मार्कफेड सोहना और नेचर्स नेक्टर, सभी परीक्षणों में पास पाए गए.
>> भारत से निर्यात किए जाने शहद का एनएमआर परीक्षण 1 अगस्त, 2020 से अनिवार्य कर दिया गया है, जो यह बताता है कि भारत सरकार इस मिलावटी व्यापार के बारे में जानती थी, इसलिए उसे अधिक आधुनिक परीक्षणों की आवश्यकता पड़ी.
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