Arjun Kumar

Arjun Kumar

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Mel

13/02/2023

बिकनी पर बिलबिलाने वाले देश के तिरंगे के अपमान करने वाली कंपनी पर क्यूं खामोश है?😡
#नादान Arjun✍️✍️

19/01/2023

#प्यार
❤️ .🌹🌹 ❤️

#किसी चाहने वाले को उसका मनचाहा

प्यार जिस उम्र में भी मिल जाता है…

वही उम्र उसके प्यार की होती है….
💛💚💙💜🤎♥️💛💚💙💜🤎♥️💛💚💙💜🤎♥️💛💚💜💜🤎♥️💛💚

© Arjun Kumar

19/01/2023

#पत्नी बस बक्त
#चाहती हैं

जब वो कहती है
साड़ी पहनूं या सूट
जीन्स पहनूं या पजामा
वो असल में कहती हैं
की देखो तो तुम मेरी आंखों में
बरसों से देखा ही नहीं इनमें

जब वो कहती लाल लूं,या पीला
हरा तो पहले भी लिया था
तुम मोबाइल पर उंगलियां चलाते कहते
कोई भी ले लो,पेमेंट कितना करना हैं ?
वो नहीं चाहती तुमसे महंगी गिफ्ट
बस वो चाहती है .......
उसके पसंदीदा रंग का जिक्र

जब वो कहती चाय बना लूं क्या
तुम उसकी तरफ बिना देखे कहते
रहने दो ऑफिस में दो,तीन हो गई
उसे दरअसल चाय नहीं पीनी
संग बैठ पूरे दिन की जिंदगी जीनी

जब वो कहती है चलो कुछ खाकर आए
उसे कुछ खाना नहीं होता
बस तुम्हारी बाहों को थाम
एक सुकून भरी शाम बिताना होता

और जब वो कहती है
आज तो बहुत थक गए
और तुम कहते हो जाकर सो जाओ
तब वो तुमसे तारीफ़ के दो शब्द चाहती हैं
पत्नी कुछ नहीं बस तुम्हारा वक्त मांगती हैं

स्वरचित ✍️
Arjun Kumar

18/01/2023
18/01/2023

#मैंलेखकहूं

कल तक जो अजनबी....अनजान सा था
आज कुछ.....पहचाना-पहचाना सा लगता है

जब से देखी....उसके चेहरे की मुस्कुराहट
दिल मेरा कुछ.... दीवाना सा लगता है

बिना बात के ही....वो उसका फोन करना
जाने क्यों दिल....ज़ोरो से धड़कने लगता है

वो उसका मिलने आना....हमारा धीरे से शर्माना
दिल प्रेम की डगर पर.....चल पड़ा अब लगता है

वो रातों को जगना.... हजारों ख्वाब सजाना
दिल हो गया पागल....उल्फत का असर लगता है

🌹 Arjun Kumar 🌹

18/01/2023

# टांग कांधे 🫠.
#खुद की ताकत🫠

खुद को गलत लोगों संग ख़र्च मत करो
तुम और तुम्हारी ताकत कमाल की हैं
इसे बेकार लोगों के साथ बर्बाद मत करो
उठो कर दिखाओ, जो चाहा तुमने....

कोई तुम्हें उठाने वाला नहीं
ना ही कोई तुम्हें जगाने वाला
तुम खुद, खुद का निर्माण करोगे
खुद के भरोसे ही तुम जीतोगे

तो मत फंसो बेकार की गफलत में
वो क्या समझेंगे तुम्हें,तुम्हारे जज़्बात
तुम्हारी तकलीफ़,तुम्हारी ताकत
बस तुमने ही देखी,भोगी हैं उसे ...

तो छोड़ परे बकवास सी मंडली
और भय मत करना अकेले चलने से
अकेला बेहतर हैं बेकार की भीड़ से
तो टांग कंधे पे खुद की ताक़त
उतर मैदान में अपना हुनर दिखाने.....

Arjun Kumar

18/01/2023

विश्वास ने
ठगा है मुझे
संभलने में वक्त लगेगा
मत पूछो हाल मेरा
निकाल फेंको ख्याल मेरा
कांटों सी चुभन में
फिर नया फूल खिलेगा
फिर और कोई नया भंवरा तैयार मिलेगा😍

© Arjun Kumar (अबोध बालक)

18/01/2023

हम प्यादे है शतरंज के खेल में कोई #वज़ीर तो नही,
पर ये न समझ की अपनी ही कोई #तकदीर तो नही।

मेरे दिल की #ख्वाहिश है जिन्हे चाहूं अपना बना लूं
उन तक दिल की बात बता दे कोई मुखबिर तो नही।
👏✍️ #✍️👏
दिल चाहता है उनकी बाहों में गुजारूं ताउम्र अपनी,
शायद मेरे हाथो में उनके नाम की ही लकीर तो नही।

हर किसी को दुनिया में अपने मुताबिक नही मिलता,
जिन्हें मैं चाहूं जरूरी नहीं वो अपना मुंतजिर तो नही।
🙏 #🙏
ऐसा नहीं की इस दिल में मेरा उनकी तस्वीर नहीं है,
पर उनका दिल मेरे हसरतों की कोई जागीर तो नही।

18/01/2023

क्या इंसान के खून की प्यासी है इंसानियत
क्या हंसाती नहीं रुलाती है इंसानियत
यहाँ खुद को जिताया नहीं दूसरों को हराया जाता है
ऐसे ही लोगों से शर्मिंदा होती है इंसानियत

खून बहता कहीं पर रोती रहती है इंसानियत
भावनाओं का मोल नहीं वहीं खोती है इंसानियत
रिश्तों का अहसास कहीं गुम सा हो गया है
फिर भी दुनियां चलेगी ज़ब तक बची है इंसानियत

17/01/2023

*पत्नियों की आम शिकायत*
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वो जो शुरू-शुरू में,
हमारे इश्क में मंजनू थे-या-दीवाने थे,
वो इश्क झूठ था-बाते-सभी-फरेबी थी,
उन्हे थी कदर कहां बस कुछ-ऐक-मतलब थे,
दिखाके ख्वाब महल के-बरतन जूठे मंजवाने थे।।
वो जिनकी नज़र में थे हम शम्मा,
वो खुद-में-खुद परवाने थे,
हमें मालूम ना था निकलेगे खुदगर्ज वही,
हमारे नर्म-संगमरमरी इन हाथों से,
झाड़ू करवाने थे-पोंछे लगवाने थे।।
उनके खानदान को बस,
कुछ चाहिए थे वारिस के चिराग,
उनके घरवालो को कुछ चाहिए थे घर में तूफान,
मेरी कम उम्र की ना फिकर की ना फीगर की,
साल-दर-साल बिला नागा-बच्चे करवाने थे।।
सपने धुलते रहे मेरे कपड़े-बरतन संग- संग,
अब ना शिकवे रहे-शिकायते-या-तंज-रंज,
अब तो फीकी सी हंसी है कि नादां हम थे,
मर्द शातिर है इन्हे बस जिस्म जैसे पाने थे।।
Arjun Kumar
बेहद उदास।।

17/01/2023

है जो अरमा तेरे दिल में
जो करना है अभी कर ले...

तोड़ ज़ंजीर दुनिया की
मुझे आगोश में भर ले...

ये दरिया प्यार का
अपनी निगाहों से बहने दे
मुझे अपनी जुल्फों के तू साये में रहने दे।।

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