Anvit Ayurveda
Anvit Ayurveda is the Best Ayurveda Panchkarma treatment facility in India with more than 17 centre.
24/08/2024
CHGS का पूरा नाम "Central Government Health Scheme" (केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना) है। यह योजना भारत सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों, पेंशनधारकों और उनके परिवार के सदस्यों को चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने के लिए चलाई जाती है। इस योजना के तहत लाभार्थियों को सरकारी और कुछ निजी अस्पतालों में कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होती हैं, जिसमें OPD, इन-पेशेंट, डायग्नोस्टिक्स, और दवाएं शामिल हैं।
आयुर्वेद पंचकर्म में कैशलेस लाभ कैसे लें:
पंजीकरण करें: सबसे पहले, आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आप CHGS में पंजीकृत हैं और आपका CHGS कार्ड एक्टिव है।
मान्यता प्राप्त आयुर्वेदिक सेंटर चुनें: यह जानना जरूरी है कि CHGS के तहत आयुर्वेद पंचकर्म का लाभ केवल उन्हीं आयुर्वेदिक केंद्रों पर लिया जा सकता है जो CHGS द्वारा मान्यता प्राप्त हैं और कैशलेस सुविधा प्रदान करते हैं।
डॉक्टर से परामर्श: अपने नजदीकी CHGS डिस्पेंसरी या पॉलिक्लिनिक में जाकर आयुर्वेदिक पंचकर्म के लिए डॉक्टर से परामर्श लें। डॉक्टर आपकी चिकित्सा स्थिति की जांच करेंगे और पंचकर्म की आवश्यकता को देखते हुए रेफरल देंगे।
रेफरल और अनुमोदन प्राप्त करें: डॉक्टर से रेफरल लेने के बाद, आपको CHGS द्वारा मान्यता प्राप्त आयुर्वेदिक केंद्र में इलाज के लिए अनुमति प्राप्त करनी होगी। रेफरल और अनुमोदन के बाद, आपको कैशलेस सेवा का लाभ लेने के लिए संबंधित आयुर्वेदिक केंद्र में भेजा जाएगा।
कैशलेस उपचार: अनुमोदन के बाद, आप चयनित आयुर्वेदिक केंद्र में जाकर कैशलेस पंचकर्म उपचार का लाभ उठा सकते हैं। यह उपचार CHGS योजना के तहत बिना किसी भुगतान के मिलेगा।
क्लेम का प्रबंधन: उपचार के बाद, आयुर्वेदिक केंद्र CHGS के साथ आपके क्लेम का निपटारा करेगा, और आपको किसी भी प्रकार की वित्तीय प्रक्रिया में शामिल नहीं होना पड़ेगा।
इस प्रक्रिया का पालन करके आप CHGS के तहत आयुर्वेदिक पंचकर्म का कैशलेस लाभ उठा सकते हैं और अपने स्वास्थ्य को प्राकृतिक तरीकों से सुधार सकते हैं।
05/08/2024
पंचकर्म केंद्र में पीठ दर्द, आर्थराइटिस और तनाव के लिए पंचकर्म
दिल्ली में स्थित हमारे आयुर्वेद पंचकर्म केंद्र में, हम पिछले 12 वर्षों से आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। हमारा केंद्र NABH से मान्यता प्राप्त और CGHS से पैनल में शामिल है, जो हमारे चिकित्सा सेवा की उच्च गुणवत्ता और विश्वसनीयता को दर्शाता है।
पीठ दर्द और आर्थराइटिस का उपचार:
पीठ दर्द और आर्थराइटिस जैसी समस्याओं के लिए हमारे पंचकर्म उपचार अत्यधिक प्रभावी साबित हुए हैं। अभ्यंगम (औषधीय तेलों से मालिश) और कटी बस्ती (औषधीय तेलों का स्थानीय प्रयोग) जैसी तकनीकें दर्द और सूजन को कम करती हैं, मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करती हैं और गतिशीलता को बढ़ाती हैं।
तनाव का प्रबंधन:
आजकल की तेज़-तर्रार जिंदगी में तनाव एक आम समस्या बन गई है। हमारे पंचकर्म उपचार, जैसे शिरोधारा (औषधीय तेलों का मस्तिष्क पर अभिसिंचन) और नस्य (नाक के माध्यम से औषधीय तेलों का प्रयोग), मानसिक शांति और संतुलन प्रदान करते हैं। ये उपचार मानसिक थकान को दूर कर तनाव को कम करते हैं और मानसिक स्पष्टता को बढ़ाते हैं।
हमारे अनुभवी डॉक्टर, जिनमें डॉ. नीरज जसवाल (एम.डी. आयुर्वेद) शामिल हैं, और प्रशिक्षित थैरेपिस्ट, व्यक्तिगत देखरेख और ध्यान के साथ हर रोगी का उपचार करते हैं। हमारा उद्देश्य न केवल रोगों का उपचार करना है, बल्कि समग्र स्वास्थ्य और संतुलन को बहाल करना भी है।
आइए, हमारे आयुर्वेद पंचकर्म केंद्र में स्वस्थ और संतुलित जीवन की ओर पहला कदम बढ़ाएं। अधिक जानकारी और परामर्श के लिए हमसे संपर्क करें। 095553 26299
04/08/2024
स्लिप डिस्क की समस्या:
स्लिप डिस्क तब होती है जब रीढ़ की हड्डियों के बीच की गद्दी (डिस्क) बाहर की ओर खिसक जाती है। यह स्थिति अत्यंत दर्दनाक हो सकती है और कई बार दैनिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है।
लक्षण:
पीठ के निचले हिस्से में तेज दर्द।
नितंबों, जांघों और पैरों में दर्द का फैलना।
चलने-फिरने में कठिनाई।
मांसपेशियों में कमजोरी।
सुन्नपन या झुनझुनी का एहसास।
जटिलताएँ:
स्थायी तंत्रिका क्षति।
प्रभावित क्षेत्र में चलने-फिरने की क्षमता में कमी।
पेशाब या मल त्याग में कठिनाई।
लगातार दर्द और असुविधा।
दैनिक जीवन की गतिविधियों में बाधा।
पंचकर्म द्वारा उपचार:
पंचकर्म, आयुर्वेद की विशेष चिकित्सा पद्धति है जो शरीर को शुद्ध और संतुलित करती है। स्लिप डिस्क के उपचार में निम्नलिखित पंचकर्म विधियाँ उपयोगी हो सकती हैं:
अभ्यंगम: औषधीय तेलों से मालिश, जो दर्द को कम करती है और मांसपेशियों को मजबूत करती है।
स्वेदन: औषधीय भाप स्नान, जो प्रभावित क्षेत्र को गर्मी प्रदान कर दर्द और सूजन को कम करता है।
कटी बस्ती: औषधीय तेलों का स्थानीकृत उपयोग, जो विशेष रूप से पीठ के निचले हिस्से में किया जाता है।
बस्ति: औषधीय एनिमा, जो आंतरिक सफाई और वात दोष को संतुलित करने में सहायक होता है।
नस्य: नासिक में औषधीय तेलों का प्रयोग, जो सिर और गर्दन के क्षेत्र को शुद्ध करता है और तंत्रिका तंत्र को संतुलित करता है।
पंचकर्म उपचार के साथ-साथ आयुर्वेदिक औषधियाँ, योग और विशेष आहार भी स्लिप डिस्क की समस्या में राहत प्रदान कर सकते हैं। नियमित परामर्श और विशेषज्ञों की देखरेख में यह उपचार किए जाने चाहिए।
स्वास्थ्य और जीवनशैली में सुधार के लिए आयुर्वेद का सहारा लें और स्लिप डिस्क की समस्या से निजात पाएं। डॉ. नीरज जसवाल, एम.डी. (आयु)
28/07/2024
कटी बस्ती के लाभ इस प्रकार हैं:
कमर दर्द में राहत: यह उपचार कमर दर्द को कम करने में प्रभावी होता है, विशेषकर लंबे समय से चल रहे दर्द में।
गठिया में मदद: कटी बस्ती से गठिया और जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है।
सियाटिका का इलाज: सियाटिका नस के दर्द में यह विशेष रूप से लाभकारी है।
मांसपेशियों की जकड़न: यह मांसपेशियों की जकड़न और ऐंठन को कम करता है।
संधिशूल: संधियों के सूजन और दर्द को कम करने में सहायक।
मांसपेशियों की मजबूती: पीठ की मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करता है।
रक्त परिसंचरण सुधारता है: प्रभावित क्षेत्र में रक्त परिसंचरण को सुधारता है।
वात दोष का संतुलन: वात दोष को संतुलित करता है, जिससे शरीर में सूखापन और सख्ती कम होती है।
तनाव कम करता है: यह उपचार मानसिक तनाव और थकान को भी कम करता है।
ऊर्जा बढ़ाता है: शारीरिक ऊर्जा और कार्यक्षमता को बढ़ाता है।
कटी बस्ती नियमित रूप से कराने से कमर और पीठ के स्वास्थ्य में सुधार होता है और विभिन्न समस्याओं से राहत मिलती है।
19/12/2022
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13/07/2022
happy guru poornima
01/07/2022
happy doctor's day ...
27/10/2021
Leach therapy by dr neeraj jaswal ..
09/09/2021
Thanks to Dr Neeraj jaswal
Alopecia is treatable in ayurveda ...
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