Drx D N tripathi
ayurvedic medicine
12/12/2025
07/02/2024
ये एक पत्ता यूरिक एसिड में होने वाले दर्द और सूजन दिला सकता है आराम, इस तरह करें सेवन
यूरिक एसिड का इलाज करने के लिए आप नैचुरल उपायों का सहारा ले सकते हैं। आइए जानते हैं एक ऐसे ही असरदार नैचुरल उपाय के बारे में-
यूरिक एसिड की परेशानी आज के समय में काफी ज्यादा सामान्य हो चुकी है। अगर आप यूरिक एसिड को कंट्रोल करना चाहते हैं, तो अपने खानपान पर ध्यान दें। ब्लड में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने पर कई तरह की परेशानी हो सकती है, जिसमें जोड़ों पर सूजन, दर्द इत्यादि शामिल है। इन स्थितियों का इलाज करने के लिए आप अपने खानपान में बदलाव करें। मुख्य रूप से यूरिक एसिड बढ़ने पर दिखने वाले लक्षणों को कम करने के लिए आप कई तरह के घरेलू उपचार का सहारा ले सकते हैं, जिसमें धनिया की पत्तिया भी शामिल है। जी हां, मसालों और खाने में स्वाद बढ़ाने के लिए धनियां पत्तियों का इस्तेमाल काफी ज्यादा होता है। इस पत्ती से यूरिक एसिड के स्तर को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। आइए जानते हैं यूरिक एसिड में कैसे फायदेमंद है धनियां की पत्तियां और कैसे करें इसका इस्तेमाल?
यूरिक एसिड में कैसे फायदेमंद है धनियां की पत्तियां?
ब्लड में यूरिक एसिड के स्तर को कंट्रोल करने के लिए धनियां की पत्तियां काफी हद तक फायदेमंद साबित हो सकती हैं। दरअसल, धनियां की पत्तियों में ब्लड में मौजूद क्रिएटिनि और यूरिक एसिड के स्तर को कम करने का गुण होता है। हालाकि सिर्फ इन पत्तियों के उपयोग से यूरिक एसिड कंट्रोल नहीं होता है। दवाओं के साथ आप इसकी पत्तियों को सप्लीमेंट्स के रूप में ले सकते हैं। इससे यूरिक एसिड और क्रिएटिनिन के स्तर को सामान्य करने में तेजी आ सकती है। यह यूरिन मूत्र प्रवाह के लिए काफी अच्छा माना जाता है
कैसे करें धनियां की पत्तियों का प्रयोग?
यूरिक एसिड के स्तर को कंट्रोल करने के लिए सबसे पहले धनिये की पत्तियों का एक गुच्छा लें, अब इसके डंढल को अच्छी तरह से निकाल लें और सभी पत्तियों को अच्छी तरह से धो लें। इसके बाद इन पत्तियों को पीसकर 1 गिलास पानी में मिक्स कर लेंं और सुबह खाली पेट इसका सेवन करें। इससे यूरिक एसिड के स्तर को कंट्रोल करने में काफी हद तक मदद मिल सकती है।
दूसरा तरीका
इसके अलावा आप इसका सेवन दूसरे तरीके से भी कर सकते हैं। इसके लिए धनिया की पत्तियों को दो गिलास पानी में डालकर इसे गैस पर करीब 10 मिनट तक उबालें। अब इसे छानकर इसे कुछ देर के लिए ठंडा होने दें और फिर इसका खाली पेट सेवन करें। इससे समग्र स्वास्थ्य को लाभ मिलेगा
धनियां की पत्तियों के अन्य लाभ
धनिया समग्र स्वास्थ्य के लिए काफी ज्यादा हेल्दी साबित हो सकता है। इसमें फाइबर, आयरन, मैंगनीज और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व समृद्ध रूप से होते हैं। इसके अलावा धनिया की पत्तियों में प्रोटीन के अलावा विटामिन सी और विटामिन के भी होते हैं। बता दें कि विटामिन के अल्जाइमर रोग के इलाज के लिए अच्छा माना जाता है।
इसकी पत्तियों में कैल्शियम, पोटेशियम, थायमिन, फॉस्फोरस और नियासिन जैसे खनिज भी होते हैं। यह लिवर और गट हेल्थ के लिए काफी अच्छा माना जाता है।
05/02/2024
यह अश्वगंधा का पेड़ है तथा उसकी जड़ है यह एक बल वीर्यवर्धक औषधि है।शारीरिक कमजोरी सहित शरीर के कई रोगो को मिटाने वाली एक अच्छीं जड़ी बुटी है।आज हम उन मां बहनो की बात करेंगे जिनको बांझपन रोग भी नही है। फिर भी गर्भ धारण करने मे असमर्थ रहती है।दवा भी करती है पर फिर भी कोई लाभ नही होता है दवा कराते कराते काफी समय गुजर गया है।फिर भी खुशी कोशो दुर है। मै एक उपाय बताता हुं।आप इसे करिए गर्भाशय सम्बंधित हर रोगो को मिटाने मे यह समर्थ है
आप पंसारी कि दुकान से अश्वगंधा कि 250ग्रां जड़ लेकर आये उसे कुट पीसकर पाउडर बना लिजिए उसमे से 25ग्रांम पाउडर लेकर, आधा लीटर देशी गाय का दूध मे मिला दीजिए, आधा लीटर पानी भी उसी मे मिला लीजिए फिर आग पर रखकर धीमी आंच पर पकाएं जब पानी पुरा जल जाये केवल दूध बच जाये अंदाजन तब उसमे 6 ग्रांम शुद्ध देशी गाय का घी मिलाये ,और 6ग्रा शुद्ध धांगे वाली मिश्री मिलाये
यह आप को जब पीना हो तब बनाना है जिस दिन पीरियड्स खंत्म होता है उसी दिन के रात्रिभोज के आधे घंटे बाद बनाये उसी समय पीकर रात्रि को समागम करने से गर्भ धारण होता है। ऐसा प्रत्येक पीरियड्स के बाद चार चार रात्रि करे। तथा महीनो ब्रम्हचर्य का पालन करे। इस प्रयोग से गर्भाशय के समस्त विकार दुर होकर गर्भ धांरण करने कि शक्तीं बढती है। इस प्रयोग से कई बहने असानी से सफल हो सकती है।इस प्रयोग मे कोई ज्यादा खर्च भी नही आता है। आयुर्वेद अपनाए स्वस्थ जीवन बिताए
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