Patanjali Chikitsalay ,Bankmore ,Dhanbad,
यह चिकित्सा सेवा दी जाती है
जोड़ा फाटक
02/02/2024
नमस्कार 🙏🏼
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17/03/2020
*कोरोनो वायरस संक्रमण के लक्षण क्या हैं?*
*पतंजलि चिकित्सालय*
*बैंकमोड़*
इंसान के शरीर में पहुंचने के बाद कोरोना वायरस उसके फेफड़ों में संक्रमण करता है. इस कारण सबसे पहले बुख़ार, उसके बाद सूखी खांसी आती है. बाद में सांस लेने में समस्या हो सकती है.
ज्यादा मात्रा में पानी पीने और पेरासिटामोल लेने से इन लक्षणों को दूर किया जा सकता है. ऐसा करने के लिए आपको अस्पताल या डॉक्टर की आवश्यकता नहीं है
5 दिन में दिखें ये 3 लक्षण, तो जरूर करवा लें कोरोना वायरस की जांच
*ये 3 लक्षण क्या हैं.*
1. कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद पहले 5 दिनों में इंसान को सूखी खांसी आनी शुरू हो जाती है.
2. मरीज को तेज बुखार चढ़ने लगता है और उसके शरीर का तापमान काफी ज्यादा बढ़ जाता है.
3. कोरोना वायरस होने पर इंसान को सांस लेने में तकलीफ होने लगती है.
कोरोना वायरस में यही लक्षण होने का करना है
कोरोना वायरस से बचने के लिए सबसे आसान तरीका है कि आप थोड़ी-थोड़ी देर में हाथों को साबुन से धोते रहें. चेहरे, नाक या मुंह पर हाथ न लगाएं और कम से कम लोगों से मिलें.
*10 बातों का रखें*
1. कोरोना वायरस से बचने के लिए स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें. किसी भी चीज को हाथ लगाने के बाद करीब 20 सेकंड तक हाथों को अच्छे से धोएं.
2. कोरोना वायरस से पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें. जुकाम या खांसी से पीड़ित व्यक्ति से करीब 6 फीट की दूरी रखें.
3. अगर आप कोरोना वायरस का शिकार हैं तो अपना ध्यान रखने के साथ-साथ किसी भी व्यक्ति के नजदीक न जाएं. इससे बढ़ते खतरे को रोकने में आसानी होगी.
4. कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद स्कूल, कॉलेज या ऑफिस जाने से परहेज करें.
5. अपने हाथों से आंख, मुंह या नाक पर बार-बार हाथ न लगाएं. यदि ऐसा करते भी हैं तो साबुन या सैनिटाइजर से हाथों को अच्छी तरह साफ करें.
6. ज्यादा भीड़भाड़ वाली जगह पर ना जाएं. फोन या दूसरी जरूरी चीजें जिनका आप ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, उनमें भी सफाई का विशेष ध्यान रखें.
7. अगर आपको बुखार, कफ और सांस में लेने में दिक्कत जैसी समस्या है और आप पिछले 14 दिनों में इस वायरस से संक्रमित किसी व्यक्ति से मिले हों तो इसे नजरअंदाज ना करें. अपने डॉक्टर को तुरंत पूरी जानकारी दें.
8. मुंह ढंके बिना न छीकें. खांसी या छींक आने के दौरान अपने मुंह को टिशू पेपर से कवर करें और उसे तुरंत किसी बंद डस्टबिन में फेंक दें.
9. कच्चा-अधपका मांस न खाएं. नॉनवेज खाते समय सफाई का विशेष ध्यान रखें. हाइजीन का विशेष ध्यान रखें और ठीक से पका हुआ ही नॉनवेज खाएं.
10. कोरोना वायरस को लेकर काफी सतर्क हो चुके हैं लेकिन फिर भी आपको कितना भी जरूरी काम क्यों न हो, इस दौरान भूलकर भी जिन देशों में कोरोना संक्रमण फैला है, उन देशों की यात्रा न करे
*🙏🙏प्रेम सिंह🙏🙏*
26/12/2019
*🍺दूध और दालचीनी के फायदे🍺*
*~~~~~~~🍺🍺~~~~~~~~°*
*पतंजलि चिकित्सालय बैंकमोड़*
दूध तो हम में से कई लोग पीते है फिर भी लोगो को शिकायत रहती है कि उन्हें दूध पचता नही है
और ना ही शरीर को लगता है।
दालचीनी को दूध के साथ मिलाकर पीने से इसके लाभ कई गुना बढ़ जाते हैं। यह ना केवल आपके शरीर को मजबूत करती है बल्कि सुंदरता भी बढ़ाती है।
*-:फायदे :-*
◆आपका ब्लड सुगर लेवल रहेगा
◆ये स्किन और बालों से सम्बंधित हर समस्या को दूर करता है। इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो बालों और स्किन से जुड़ी रोगाणुओं को नष्ट कर देते हैं।
◆गठिया और हड्डियों से जुड़ी समस्याएं होती ही नही हैं। और जिन लोगो को आर्थराइटिस से सम्बंधित समस्या है उन्हें इससे आराम मिलेगा।
◆पढ़ाई करने वाले छात्रों को दालचीनी वाला दूध देने से उनकी एकाग्रता और मेमोरी पावर बढ़ती है।
◆यदि आपको नींद ना आने कि समस्या है तो रोज रात को ये दूध पीने से आपकी ये समस्या धीरे धीरे चली जायेगी।
◆यदि आप वजन कम करने के लिए परेशान हो रहे है तो रोज रात को दालचीनी वाला दूध पीने से आप महिने में 3 से 4 किलो वजन घटा सकते है।
◆दालचीनी वाले दूध का सेवन करने से आपको जीवन मे कभी भी दिल की बीमारी या हार्ट स्ट्रोक का सामना नही करना पड़ेगा।
*🙏🏻प्रेम सिंह🙏🏻*
12/10/2019
*🙏🏻🙏🏻साढ़े तीन मिनिट:🙏🏻🙏🏻*
*____________⭕⭕____________*
*पतंजलि चिकित्सालय*
*बैंकमोड़* *धनबाद*
यह साढ़े तीन मिनिट क्या है आप भी जान ले
*जिन्हें सुबह या रात में सोते समय पेशाब करने जाना पड़ता हैं उनके लिए विशेष सूचना!!*
*यह इतना महत्व पूर्ण क्यों है?*
यही साढ़े तीन मिनिट अकस्माक होने वाली मौतों की संख्या कम कर सकते हैं।
इसका मुख्य कारण यह है कि रात मे जब भी हम मूत्र विसर्जन के लिए जाते हैं, तब अचनाक या ताबड़तोब उठते हैं, परिणाम स्वरूप मस्तिष्क तक रक्त नही पहुंचता है।
यह साढ़े तीन मिनिट बहुत महत्वपूर्ण होते हैं।
मध्य रात्रि जब हम पेशाब करने उठते है तो हमारा ईसीजी का पैटर्न बदल सकता है। इसका कारण यह है, कि अचानक खड़े होने पर मस्तिष्क को रक्त नहीं पहुच पाता और हमारे ह्रदय की क्रिया बंद हो जाती है।
साढ़े तीन मिनिट का प्रयास एक उत्तम उपाय है।
1. *नींद से उठते समय आधा मिनिट गद्दे पर लेटे हुए रहिए।*
2. *अगले आधा मिनिट गद्दे पर बैठिये।*
3. *अगले अढाई मिनिट पैर को गद्दे के नीचे झूलते छोड़िये।*
साढ़े तीन मिनिट के बाद आपका मस्तिष्क बिना खून का नहीं रहेगा और ह्रदय की क्रिया भी बंद नहीं होगी! इससे अचानक होने वाली मौतें भी कम होंगी।
*प्रेम सिंह*
*झारखंड धनबाद*
*धन्यवाद!!*
07/08/2019
*●●बासी रोटी खाने के फायदे●●*
*_______________________________*
*पतंजलि चिकित्सालय*
*बैंकमोड़,न्यू मार्केट,धनबाद*
बासी रोटी खाते वक्त इन बातों का रखें ख्याल अगर आप कई दिनं की रखी रोटी खाएंगे तो ये फायदा नहीं बल्कि नुकसान ही पहुंचाएगा.
जैसे 12 से 16 घंटे पहले बनी हुई गेहूं की रोटी को अगर आप खाएंगे तो ये आपको फायदा पहुंचाएगा.
1- *ब्लड प्रेशर पर कंट्रोल*
अगर आप ब्लड प्रेशर की समस्या से परेशान हैं तो ऐसे में आपको ठंडे दूध के साथ बासी रोटी का सेवन करना चाहिए. बासी रोटी को ठंडे दूध में भिगोकर 10 मिनट के लिए छोड़ दें और सुबह नाश्ते में इसका सेवन करें. ऐसा करने से आप अपने ब्लड प्रेशर को कंट्रोल कर सकते हैं.
2- *शुगर लेवल पर कंट्रोल*
डायबिटीज और शुगर के मरीजों को बासी रोटी का सेवन जरूर करना चाहिए. अगर आप अपने शुगर लेवल को कंट्रोल करना चाहते हैं तो फिर ठंडे फीके दूध में बासी रोटी को 10 मिनट के लिए भिगोकर रखें फिर इसे खा लें. आप इसे दिन में किसी भी वक्त खा सकते हैं.
3- *पेट की तकलीफें दूर करे*
जो लोग अक्सर पेट की समस्याओं से परेशान रहते हैं तो ऐसे लोगों के लिए बासी रोटी किसी औषधि से कम नहीं है. रात के समय ठंडे दूध के साथ बासी रोटी खाने से कब्ज, एसिडिटी, पेट में जलन जैसी पेट की तमाम समस्याओं से राहत मिलती है.
4- *शरीर के तापमान को करे कंट्रोल*
बासी रोटी शरीर के तापमान को भी संतुलित बनाए रखने में मददगार है. दूध के साथ बासी रोटी को खाने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है. खासकर गर्मियों में इसका सेवन करने से हाई स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा नहीं रहता है.
5- *दुबलेपन को करता है दूर*
दूध के साथ बासी रोटी खाने से शरीर का दुबलापन भी दूर होता है और शरीर में बल की वृद्धि होती है. शरीर के दुबलेपन को दूर करने का यह सबसे कारगर उपाय भी है. खासकर रात के समय बासी रोटी खाना ज्यादा फायदेमंद होगा.
*●●नोट●●*
ताजी रोटी के मुकाबले बासी रोटी में अधिक मात्रा में अच्छे बैक्टीरिया पाए जाते हैं जो सेहत बनाने के लिए काफी फायदेमंद माने जाते हैं. इसलिए अब से बासी रोटी को फेंकना बंद करें और दूध के साथ इसे खाना शुरू कर दें.
*🙏🏻प्रेम सिंह🙏🏻*
25/04/2019
*स्पिरुलिना का फायदा और नुकसान*
*____________⭕____________*
*((पतंजलि चिकित्सालय))*
*((बैंक मोड़))* *((न्यू मार्केट* *धनबाद))*
*(9334752025)*
स्पिरुलिना में कई रूप से सभी खाद्य पदार्थों से ज्यादा पोषक तत्व पाए जाते हैं.
*स्पिरुलिना के फायदे*
1. *दिल को रखे स्वस्थ*
खून से कोलेस्ट्राल का लेवल कम करके रक्तचाप को नियंत्रित करता है.
2. *प्रेगनेंसी में*
आयरन की प्रचुर मात्रा स्पिरुलिना को गभाव्स्था के दौरान एक आवश्यक आहार बनाता है. इसकी सहायता से अनीमिया को दूर किया जा सकता है
3. *त्वचा के लिए*
त्वचा के स्वास्थ्य के लिए जरुरी विटामिन ए, बी-12, ई, फास्फोरस, लोहा और कैल्शियम आदि पाए जाते है.आँखों के निचे के धब्बे और ड्राई आईज के उपचार में भी लाभदायक है.
4. *शुगर में*
मधुमेह के मरीजों के लिए इसे नियमित रूप से लेने से आपका शुगर कम होता है. ये सूजन को कम करके रक्तचाप और कोलेस्ट्राल का स्तर भी निचे लाता है.
5. *अल्सर में*
प्रोटीन, सिस्टीन और एमिनो एसिड की इसमें उपस्थिति इसे ड्यूइडनल अल्सर और गैस्ट्रिक के उपचार में बेहद प्रभावी बनाता है. इसके अलावा इसमें पाया जाने वाला क्लोरोफिल इसे पाचन को भी दुरुस्त करने की क्षमता देता है.
6. *कैंसर में*
ये एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में ये हमारे शरीर से फ्री रेडिकल्स को नष्ट करता है. रेडिकल्स कैंसर का कारण बनते हैं. इसके अतिरिक्त इसमें फिनोलिक नामक यौगिक भी उपस्थित रहता है जो कि कार्सिनोजेनेसिस पर रोक लगाता है.
7. *वजन कम करने में*
इसमें फैटी एसिड, बीटा कैरोटिन, क्लोरोफिल और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं. ये सब मिलकर आपके शरीर में पोषक तत्वों की उपथिति को बनाए रखते हुए आपका भूख कम करते हैं. जिससे कि आपका वजन कम होता है.
8. *लीवर को दुरुस्त रखने में*
स्पिरुलिना में प्रचुर मात्रा में मौजूद फाइबर और प्रोटीन आपके लीवर के स्वास्थ्य का ख्याल रखते हैं. लीवर के सामान्य कामकाज को बढ़ाने के अलावा यह लीवर को पुराने हेपेटाईटिस के मरीजों के लिए लाभकारी साबित होता है.
9. *आँखों के लिए*
आँखों के कई बीमारियों जैसे कि जेराट्रिक मोतियाबिंद, नेफ्रैटिक रेटिनल क्षति मधुमेह रेटिनल क्षति आदि के उपचार में इसका सकारात्मक प्रभाव देखा गया है.
10. *प्रतिरक्षा तंत्र को करे मजबूत*
इसके सेवन से प्रतिरक्षातंत्र मजबूत होता है और कोशिकाओं का उत्पादन बढ़ाने में भी ये सहायक सिद्ध होता है.
11. *वायरल संक्रमण में*
वायरल इन्फेक्शन के उपचार में सहायक के रूप में होता है. इसमें सूजन को कम करने वाले तत्व मौजूद होते हैं. ये हानिकारक मुक्त कणों को नष्ट करके वायरल संक्रमण के असर को कम करता है.
12. *मस्तिष्क के लिए*
मस्तिष्क को दुरुस्त रखने के लिए इसमें फोलेट और विटामिन बी-12 पाया जाता है. इसके अलावा भी इसमें पाए जाने वाले अन्य तत्व संज्ञानात्मक कार्यों में आपकी मदद करते हैं. कुल मिलाकर ये मस्तिष्क के लिए भी लाभदायक है.
13. *मानसिक तनाव में*
फोलिक एसिड मस्तिष्क के पोषण के लिए काफी फायदेमंद बताया जाता है. इसका काम ऊर्जा और रक्त कोशिकाओं का का उत्पादन करना है. इस तरह ये अवसाद में आपकी भरपूर मदद करता है.
*नुकसान*
स्पिरुलिना निम्न समस्याओं का कारण बन सकती है।
लीवर क्षति।
पेट दर्द।
मतली।
उल्टी।
शारीरिक कमजोरी।
अनियंत्रित दिल की धड़कन।
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को स्पिरुलिना का सेवन करने से बचना चाहिए।
ऑटोम्यून्यून स्थितियों वाले लोगों को स्पाइरुलिना की खुराक से बचना चाहिए
यदि आप किसी विशेष प्रकार की दवाओं का सेवन कर रहे हैं तो स्पिरुलिना शैवाल का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
*प्रेम सिंह*
26/03/2019
*🌿🌿🌿पुत्रजीविक बीज🌿🌿🌿* *____________________________*
*पतंजलि चिकित्सालय*
*बैंक मोड़* *न्यू मार्केट* *धनबाद*
*9334752025*
महिलाओं में बांझपन के कई कारण होते हैं, लेकिन पुत्रजीवक बीज गर्भाशय को विष रहित करने के लिए सहायक दवा के रूप में कार्य करता है जिससे यह गर्भपात को रोकने और अंडाशय के कार्यों को बेहतर बनाने में मदद करता है पुत्रजीवक बीज की गिरी को दूध के साथ मासिक के दिनों में लिया जाता है। अगर एक महिला में एसिड रिफ्लक्स, मासिक धर्म के दौरान भारी रक्तस्राव या ऐंठन, भारी गर्भाशय रक्तस्राव, सीने में जलन, नींद की कमी, मुँह में कड़वाहट, काले धब्बे, डार्क सर्कल्स, कमजोरी और ब्लोटिंग जैसे लक्षण पाए जाते हैं तो यह उनके लिए सबसे उपयुक्त है।पुत्रजीवक बीज और शिवलिंगी बीज को एक साथ लेने की सलाह दी जाती है। यदि आपके पित्त दोष में वृद्धि हुई है तो शिवलिंगी आपके लिए उपयुक्त नहीं है।
आयुर्वेद के अनुसार गर्भाशय की कमजोरी बार बार होने वाले गर्भपात का मुख्य कारण है। ऐसे मामलों के लिए पुत्रजीवक बीज सर्वश्रेष्ठ हैं।
पुत्रजीवक *पुरुष नपुंसकता* में भी उपयोगी है। दूध के साथ 3 ग्राम पुत्रजीवक बीज पाउडर को लेने से कुल शुक्राणुओं की संख्या और गतिशीलता में सुधार होता है। यह वीर्य में स्वस्थ शुक्राणुओं की संख्या को बढ़ाता है।
*पुत्रजीवक साइड इफेक्ट्स*
पुत्रजीवक उन व्यक्तियों के लिए सुरक्षित है जो इसका सेवन अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार करते हैं। यह उन रोगियों के लिए सबसे उपयुक्त है जिनको वात या पित्त दोष में उत्तेजना होती है और कफ दोष वाले लोगों के लिए यह कम उपयुक्त है।
पुत्रजीवक का कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है।
पुत्रजीवक से बनी दवा के सेवन के दौरान तेल, खटाई, मिर्च, मसाले तथा गर्म तासीर के भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।
*(((प्रेम सिंह)))*
आयुर्वेद का खाजना
09/02/2019
*🌿🌿बथुआ के फायदे🌿🌿*
*पतंजलि चिकित्सालय*
*बैंक मोड़ न्यू मार्केट*
, *धनबाद*
*[ 9334752025 ]*
*बालों के लिए -* बालों में प्राकृतिक रंग बनाए रखने मे बथुआ आंवला से कम लाभदायक नहीं है। सच पूछिए तो इसमें विटामिन और खनिज तत्व की मात्रा आंवला से ज़्यादा होती है। इसमें आयरन, फास्फोरस और विटामिन ए और डी की प्रचुर मात्रा पाई जाती है।
*मुंह के अल्सर के लिए*
बथुआ के पत्तों को कच्चा चबाने से मुंह का अल्सर, मुंह की बदबू, पायरिया और दांतों से सम्बन्धित अन्य समस्याओं मे बड़ा फायदा होता है।
*कब्ज की समस्या में -*
इस में फाइबर की अच्छी मात्रा होती है जो कब्ज से निजात दिलाती है और साथ साथ गैस आदि समस्याओं में भी फायदेमंद है। भूख मे कमी आना, भोजन देर से पचना, खट्टी डकार आना, पेट फूलना जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए लगातार कुछ हफ़्तों तक बथुआ का सेवन काफ़ी फायदेमंद होता है। सुबह शाम बथुआ खाने से बवासीर मे काफ़ी लाभ मिलता है।
*तिल्ली की समस्या में -*
तिल्ली बढ़ने पर काली मिर्च और सेंधा नमक के साथ बथुआ को उबाल लें, फिर इसके साग का सेवन करें। धीरे-धीरे तिल्ली घट जाएगी।
*बच्चों के लिए -*
बच्चों को कुछ दिनों तक लगातार बथुआ के साग का सेवन करवाने से उनके पेट के कीड़े मर जाते हैं और उनको बहुत आराम मिलता है।
*पीलिया में -*
बथुआ और गिलोय के रस को एक सीमित मात्रा में लेकर दोनों को मिलाएं, फिर इस मिश्रण का 25-30 ग्राम रोज़ दिन मे 2 बार सेवन करें। इस पीलिया की समस्या से दूर रहेंगे।
*अनियमित मासिक धर्म में -* अक्सर महिलाओं में अनियमित पीरियड्स की समस्या होती है। इस से निजात पाने के लिए बथुआ के बीज और सोंठ को मिलाकर पाउडर बनाएं। फिर 400 मिलीलीटर पानी मे 15-20 ग्राम पाउडर मिला कर अब पानी को उबाल कर 100 ग्राम कर लीजिए। अब इसे छान लीजिए और दिन मे कम से कम 2 बार सेवन करिए। ऐसा करने से आपको बहुत जल्द अनियमित पीरियड्स से आराम मिलेगा।
*प्रसव संक्रमण में -*
यदि आप प्रसव से उठे हैं और उसके बाद के संक्रमण से परेशान हैं तो 10 ग्राम बथुआ साग, अजवाइन, मेथी और गुड़ ले कर मिला लीजिए। इसका 10 से 15 दिन तक लगातार सेवन करें। इससे प्रसव के संक्रमण की समस्या में लाभ मिलेगा।
*मूत्र संक्रमण में -* मूत्र संक्रमण से परेशान हैं तो रोज़ 10 ग्राम बथुआ के पत्तों का रस ले कर उसमें 50 मिलीलीटर पानी मिलाएं। इस मिश्रण को मिश्री के साथ हर रोज सेवन करें। इस के उपयोग से आप को मूत्र संक्रमण की समस्या में लाभ मिलेगा।
*रक्त की कमी में*
बथुआ आयरन का स्रोत है इसलिए इस के नियमित रूप से सेवन करने से रक्त की कमी दूर होती है। साथ ही बथुआ को 5 से 6 नीम की पत्तियों के साथ मिला कर सेवन करने से रक्त अंदर से शुद्ध और साफ हो जाता है।
*चर्म रोग के लिए -*
बथुआ को उबाल कर इसके रस का सेवन या इसकी सब्जी बना सेवन करने से चर्म रोग, सफ़ेद दाग, खुजली , फोड़े-फुंसी, कुष्ट रोग आदि में फायदा होता है। बथुआ के उबले पानी से त्वचा को धोने पर चर्म रोग दूर होता है। बथुआ के पत्तों को पीस कर 2 कप रस निकाल लें। इस रस में तिल का तेल मिलाकर इसे कम आंच पर गर्म करें। जब पानी पूरी तरह ख़त्म हो जाए तो इसे नियमित रूप से चमड़ी पर लगाने से चर्म रोगों से निजात मिल जाएगा।
*गुर्दे की पथरी की समस्या में -*
बथुआ के सेवन से गुर्दे की पथरी की समस्या में काफी फायदा होता है। बथुआ के उपयोग से अमाशय भी मजबूत और स्वस्थ रहता है। पथरी की समस्या में बथुआ के रस में शक्कर को मिश्रित कर के सेवन करने से पथरी धीरे-धीरे टूट बाहर निकल जाती है।
*बथुआ के नुकसान -*
बथुआ का हमेशा उचित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए। इस के आधिक सेवन से कई तरह की समस्याएं हो सकती है।
बथुआ में ऑक्सिजेलिक एसिड का उच्च स्रोत होता है जिसके कारण इस के अधिक सेवन से डायरिया जैसी समस्या हो सकती है।
*गर्भवती महिलाओं* को बथुआ का सेवन नहीं करना चाहिए। इस का सेवन करने से गर्भपात होने की संभावना ज़्यादा रहती है।
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*___::::: प्रेम सिंह :::::___*
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