Sagar Chauhan
Love to creating new things
07/07/2024
बजाज फ्रीडम... CNG+पेट्रोल बाइक
तो इंतजार खत्म हो गया
बजाज ने मार्किट में अपनी बाइक #लांच की है, कीमत करीब 90000 से 1,10000 रखी है जो 5 किलो गैस में करीब 330KM चलेगी,
ये सब पढ़कर बड़ा अच्छा लगता है लोग काफी उत्सुक भी दिख रहे इसे लेकर, लेकिन जब मैंने इसमें सिलेंडर की प्लेसमेंट देखी तो मैं हैरान रह गया, आपकी सीट के एकदम नीचे, मतलब आप चलते फिरते बम के ऊपर बैठोगे... हालांकी बजाज ने सुरक्षा के कई मानक पास किये है इस बाइक को लेकर, लेकिन सवाल ये है कि मानक तो कम्पनीज ने भी पास किये थे जिनके सैकड़ों AC इस भयानक गर्मी में स्वतः फट गए,या कई गाड़ियों में आग लग गयी,
भारत में कोई भी #इलेक्ट्रोनिक वस्तु सामान्यतयः 40 से 42 #डिग्री के अनुरूप बनाई जाती है जबकी आज का वास्तविक टेम्प्रेचर इसे कहीं अधिक है
अगर भूले भटके कोई हादसा होता भी है तो #सिलेंडर की पोजीशन के हिसाब से आपका बचना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है..
सुरक्षा कारणों से मैं अपने मित्रों ओर संबंधियों को अभी इस बाइक को नहीं लेने की सलाह दूंगा ✍️
आप ठीक रहेंगे तो बाइक बहोत खरीद लेंगे ✊
24/06/2024
🚩 गीता प्रेस का ' #आयुर्वेदिक_गुलाब_शरबत ' उपलब्ध हैं. सनातनी पवित्र और अति स्वादिष्ट शरबत का प्रयोग करे ! हलाल सार्टिफिकेट वाला, जिहादी थूक और नकारात्मक ऊर्जा वाला रूह आफ़ज़ा शरबत, कभी न लें..
🚩 इसका प्रचार - प्रसार करें और दृढ़-निश्चय करें, कि गीता प्रेस या किसी सनातनी कंपनी का उत्पादन ही, प्रयोग करेंगे..
30/05/2024
आपको जानकर बड़ी हैरानी होगी कि आजकल घर से दूर व में #हॉस्टलों व में रहने वाली अधिकत्तम #लड़कियां भी नशे की गिरफ़्त में आ चुकी हैं। 🥺
लड़कों से के चक्कर में माल व #मौज़ लूटने के नाम पर शक्ल से सुधी दिखने वाली कन्याएं अब Wine, Beer, Cigarette से भी गुरेज़ नहीं कर रही हैं। बस चाहिए तो कोई फ्री में पीलाने वाला। ना नुक़र करते -करते Vodka की आधी Bottle कब खींच जाएंगी आपको पता भी नहीं लगेगा। 😬
ऐसी सभी #बहनों से मेरा विनम्र निवेदन है कि नशे और फ्री के मज़े लूटने के नाम पर अपनी Life खराब करने से बचें। आज Age में तो #लड़कों को अपने जाल में फंसाकर Free की महंगी-महंगी Vodka, Beer पी लेंगी आप.. परंतु यह लत आपके जीवन को नरक से भी बद्तर बना देगी। 🥺
मेरी बात का बुरा लगा हो या कोई बात अंदर दर्द कर गई हो तो भाड़ में जाओ
24/05/2024
आहार के नियम भारतीय 12 महीनों अनुसार
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
#चैत्र ( मार्च-अप्रैल) – इस महीने में गुड का सेवन करे क्योकि गुड आपके रक्त संचार और रक्त को शुद्ध करता है एवं कई बीमारियों से भी बचाता है। चैत्र के महीने में नित्य नीम की 4 – 5 कोमल पतियों का उपयोग भी करना चाहिए इससे आप इस महीने के सभी दोषों से बच सकते है। नीम की पतियों को चबाने से शरीर में स्थित दोष शरीर से हटते है।
#वैशाख (अप्रैल – मई)- वैशाख महीने में गर्मी की शुरुआत हो जाती है। बेल पत्र का इस्तेमाल इस महीने में अवश्य करना चाहिए जो आपको स्वस्थ रखेगा। वैशाख के महीने में तेल का उपयोग बिल्कुल न करे क्योकि इससे आपका शरीर अस्वस्थ हो सकता है।
#ज्येष्ठ (मई-जून) – भारत में इस महीने में सबसे अधिक गर्मी होती है। ज्येष्ठ के महीने में दोपहर में सोना स्वास्थ्य वर्द्धक होता है , ठंडी छाछ , लस्सी, ज्यूस और अधिक से अधिक पानी का सेवन करें। बासी खाना, गरिष्ठ भोजन एवं गर्म चीजो का सेवन न करे। इनके प्रयोग से आपका शरीर रोग ग्रस्त हो सकता है।
#अषाढ़ (जून-जुलाई) – आषाढ़ के महीने में आम , पुराने गेंहू, सत्तु , जौ, भात, खीर, ठन्डे पदार्थ , ककड़ी, पलवल, करेला, बथुआ आदि का उपयोग करे व आषाढ़ के महीने में भी गर्म प्रकृति की चीजों का प्रयोग करना आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
#श्रावण (जूलाई-अगस्त) – श्रावण के महीने में हरड का इस्तेमाल करना चाहिए। श्रावण में हरी सब्जियों का त्याग करे एव दूध का इस्तेमाल भी कम करे। भोजन की मात्रा भी कम ले – पुराने चावल, पुराने गेंहू, खिचड़ी, दही एवं हलके सुपाच्य भोजन को अपनाएं।
#भाद्रपद (अगस्त-सितम्बर) – इस महीने में हलके सुपाच्य भोजन का इस्तेमाल कर वर्षा का मौसम् होने के कारण आपकी जठराग्नि भी मंद होती है इसलिए भोजन सुपाच्य ग्रहण करे। इस महीने में चिता औषधि का सेवन करना चाहिए।
#आश्विन (सितम्बर-अक्टूबर) – इस महीने में दूध , घी, गुड़ , नारियल, मुन्नका, गोभी आदि का सेवन कर सकते है। ये गरिष्ठ भोजन है लेकिन फिर भी इस महीने में पच जाते है क्योकि इस महीने में हमारी जठराग्नि तेज होती है।
#कार्तिक (अक्टूबर-नवम्बर) – कार्तिक महीने में गरम दूध, गुड, घी, शक्कर, मुली आदि का उपयोग करे। ठंडे पेय पदार्थो का प्रयोग छोड़ दे। छाछ, लस्सी, ठंडा दही, ठंडा फ्रूट ज्यूस आदि का सेवन न करे ,
15/05/2024
11/05/2024
तक़रीबन दस घंटे की उड़ान के दौरान एक महिला साउथ कोरिया से अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को जा रही थी।
इस मां ने प्लेन में 200 से ज़्यादा मुसाफिरों को एक-एक प्लास्टिक बैग बांटे जिसमें चॉकलेट, च्युइंगगम और इयरप्लग थे जो कि उड़ान के दौरान उसके चार महीने के बच्चे के रोने चिल्लाने की हालत में उनका इस्तेमाल करने के लिए एक तरह की एडवांस में माफी के रूप में दिया गया जुर्माना था।
बैग में एक संदेश भी था.....“ हैलो, मैं जान वू हूं। मैं 4 महीने का हूं और आज मैं अपनी मां और दादी के साथ अमेरिका जा रहा हूं। मैं थोड़ा घबराया हुआ और डरा हुआ भी । यह मेरा पहला सफ़र है। मेरे ज़िन्दगी की पहली उड़ान है। मेरे लिए रोना या कुछ परेशानी पैदा करना शायद सामान्य बात है। मैं शांत रहने की कोशिश करूंगा, लेकिन मैं आपसे वादा नहीं कर सकता। अगर मेरी आवाज़ बहुत तेज़ हो जाती है तो प्लीज़ इसका इस्तेमाल करें और अपने सफ़र का मजा लें.... थैंक यू ” ।
दरअसल किसी भी इंसान का दूसरे इंसान के साथ उसका बेहतरीन भावनात्मक बर्ताव उसे क़ाबिले एहतेराम बनाता है जिसे हमेशा याद रखना चाहिए । नफरत का कोई वज़ूद नही होता ये तो सिर्फ मोहब्बत की गैरहाजरी है ।
10/05/2024
–––
ट्रेन में समय गुजारने के लिए बगल में बैठे अधेड़ से बात करना शुरु किया नीति ने " आप कहाँ तक जाएंगे अंकल। "
" इलाहाबाद तक । "
उसने ठिठोली की " कुंभ लगने में तो अभी बहुत टाइम है । "
" वहीं तट पर इंतजार करेंगे कुंभ का बेटी ब्याह लिए , अब तो जीवन में कुंभ नहाना ही रह गया है । "
" अच्छा परिवार में कौन कौन है । "
" कोई नहीं बस बेटी थी पिछले हफ्ते उसका ब्याह कर दिया । "
" अच्छा ! दामाद क्या करता है । "
" उ हमरे बेटी से पियार करता है । " कहते हुए उसने आंखें पंखे पर टिका दी ।
थोड़ी देर की चुप्पी के बाद जब नीति ने उसके कंधे पर हाथ रखकर धीरे से कहा " दुख बांटने से कम होता है अंकल " तो मानों भाखडा बांध के चौबीसो गेट एक साथ खुल गए । थोडा संयत होने के बाद उसने बताया " बेटी ने कहा अगर उससे शादी नहीं हुई तो जहर खा लेगी । बिन मां की बच्ची थी उसकी खुशी के लिए सबकुछ जानते हुए भी मैंने हां कह दी और पूरे धूमधाम से शादी की व्यवस्था में जुट गया जो कुछ मेरे पास था सब गहने जेवर आवभगत की तैयारियों में लगा दिया । तभी ऐन शादी के एक दिन पहले समधी पधारे और दहेज की मांग रख दी । जब मैंने असमर्थता जताई तो बेटी ने कहा आपके बाद तो सब मेरा ही है तो क्यों नहीं अभी दे देते । तो हमने घर और जमीन बेचकर नगद की व्यवस्था कर दी । "
" सबकुछ तो उसका ही था बेबकूफ लडकी, आपको मना करना चाहिए था कह देते आपके मरने के बाद सब बेचकर ले जाए " नीति ने सीट पर जोर से घूंसा मारा ।
अधेड़ मुस्कुरा उठा नीति के इस तर्क पर " कोई बाप अपने सुख के लिए बेटी के गृहस्थी में क्लेश नहीं चाहता बेटा । "
" हद है मतलब उस लडकी के दिल में आपके लिए जरा भी प्यार नहीं । "
" नहीं ऐसा नहीं है विदाई के वक्त बहुत रोई थी । "
"और आप "
उसने एक फीकी मुस्कान बिखेरी " हम तो निष्ठुर आदमी है सुधा जब उसको हमरी गोद में छोडकर अर्थी पर लेटी थी तब भी हम रोने के बदले चुल्हे के पास बैठकर बेटी के लिए दूध गरम कर रहे थे । "
#पिता_का_आशीर्वाद!
कर्नाटक मै बेंगलुरु के एक व्यापारी की यह सत्य घटना है। जब मृत्यु का समय सन्निकट आया तो पिता ने अपने एकमात्र पुत्र धनपाल को बुलाकर कहा कि..
बेटा मेरे पास धनसंपत्ति नहीं है कि मैं तुम्हें विरासत में दूं। पर मैंने जीवनभर सच्चाई और प्रामाणिकता से काम किया है।
तो मैं तुम्हें आशीर्वाद देता हूं कि, तुम जीवन में बहुत सुखी रहोगे और धूल को भी हाथ लगाओगे तो वह सोना बन जायेगी।
बेटे ने सिर झुकाकर पिताजी के पैर छुए। पिता ने सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया और संतोष से अपने प्राण त्याग कर दिए।
अब घर का खर्च बेटे धनपाल को संभालना था। उसने एक छोटी सी ठेला गाड़ी पर अपना व्यापार शुरू किया।
धीरे धीरे व्यापार बढ़ने लगा। एक छोटी सी दुकान ले ली। व्यापार और बढ़ा।
अब नगर के संपन्न लोगों में उसकी गिनती होने लगी। उसको विश्वास था कि यह सब मेरे पिता के आशीर्वाद का ही फल है।
क्योंकि, उन्होंने जीवन में दु:ख उठाया, पर कभी धैर्य नहीं छोड़ा, श्रद्धा नहीं छोड़ी, प्रामाणिकता नहीं छोड़ी इसलिए उनकी वाणी में बल था।
और उनके आशीर्वाद फलीभूत हुए। और मैं सुखी हुआ। उसके मुंह से बारबार यह बात निकलती थी।
एक दिन एक मित्र ने पूछा: तुम्हारे पिता में इतना बल था, तो वह स्वयं संपन्न क्यों नहीं हुए? सुखी क्यों नहीं हुए?
धर्मपाल ने कहा: मैं पिता की ताकत की बात नहीं कर रहा हूं। मैं उनके आशीर्वाद की ताकत की बात कर रहा हूं
इस प्रकार वह बारबार अपने पिता के आशीर्वाद की बात करता, तो लोगों ने उसका नाम ही रख दिया बाप का आशीर्वाद!
धर्मपाल को इससे बुरा नहीं लगता, वह कहता कि मैं अपने पिता के आशीर्वाद के काबिल निकलूं, यही चाहता हूं।
ऐसा करते हुए कई साल बीत गए। वह विदेशों में व्यापार करने लगा। जहां भी व्यापार करता, उससे बहुत लाभ होता।
एक बार उसके मन में आया, कि मुझे लाभ ही लाभ होता है !! तो मैं एक बार नुकसान का अनुभव करूं।
तो उसने अपने एक मित्र से पूछा, कि ऐसा व्यापार बताओ कि जिसमें मुझे नुकसान हो।
मित्र को लगा कि इसको अपनी सफलता का और पैसों का घमंड आ गया है। इसका घमंड दूर करने के लिए इसको ऐसा धंधा बताऊं कि इसको नुकसान ही नुकसान हो।
तो उसने उसको बताया कि तुम भारत में लौंग खरीदो और जहाज में भरकर अफ्रीका के जंजीबार में जाकर बेचो। धर्मपाल को यह बात ठीक लगी।
जंजीबार तो लौंग का देश है। वहां से लौंग भारत में लाते हैं और यहां 10-12 गुना भाव पर बेचते हैं।
भारत में खरीद करके जंजीबार में बेचें, तो साफ नुकसान सामने दिख रहा है।
परंतु धर्मपाल ने तय किया कि मैं भारत में लौंग खरीद कर, जंजीबार खुद लेकर जाऊंगा। देखूं कि पिता के आशीर्वाद कितना साथ देते हैं।
नुकसान का अनुभव लेने के लिए उसने भारत में लौंग खरीदे और जहाज में भरकर खुद उनके साथ जंजीबार द्वीप पहुंचा।
जंजीबार में सुल्तान का राज्य था। धर्मपाल जहाज से उतरकर के और लंबे रेतीले रास्ते पर जा रहा था ! वहां के व्यापारियों से मिलने को।
उसे सामने से सुल्तान जैसा व्यक्ति पैदल सिपाहियों के साथ आता हुआ दिखाई दिया।
उसने किसी से पूछा कि, यह कौन है?
उन्होंने कहा: यह सुल्तान हैं।
सुल्तान ने उसको सामने देखकर उसका परिचय पूछा। उसने कहा: मैं भारत के गुजरात के खंभात का व्यापारी हूं। और यहां पर व्यापार करने आया हूं।
सुल्तान ने उसको व्यापारी समझ कर उसका आदर किया और उससे बात करने ल
धर्मपाल ने देखा कि सुल्तान के साथ सैकड़ों सिपाही हैं। परंतु उनके हाथ में तलवार, बंदूक आदि कुछ भी न होकर बड़ी-बड़ी छलनियां है।
उसको आश्चर्य हुआ। उसने विनम्रता पूर्वक सुल्तान से पूछा: आपके सैनिक इतनी छलनी लेकर के क्यों जा रहे हैं।
सुल्तान ने हंसकर कहा: बात यह है, कि आज सवेरे मैं समुद्र तट पर घूमने आया था। तब मेरी उंगली में से एक अंगूठी यहां कहीं निकल कर गिर गई।
अब रेत में अंगूठी कहां गिरी, पता नहीं। तो इसलिए मैं इन सैनिकों को साथ लेकर आया हूं। यह रेत छानकर मेरी अंगूठी उसमें से तलाश करेंगे।
धर्मपाल ने कहा: अंगूठी बहुत महंगी होगी।
सुल्तान ने कहा: नहीं! उससे बहुत अधिक कीमत वाली अनगिनत अंगूठी मेरे पास हैं। पर वह अंगूठी एक फकीर का आशीर्वाद है।
मैं मानता हूं कि मेरी सल्तनत इतनी मजबूत और सुखी उस फकीर के आशीर्वाद से है। इसलिए मेरे मन में उस अंगूठी का मूल्य सल्तनत से भी ज्यादा है।
इतना कह कर के सुल्तान ने फिर पूछा: बोलो सेठ, इस बार आप क्या माल ले कर आये हो।
धर्मपाल ने कहा कि: लौंग!
सुल्तान के आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा। यह तो लौंग का ही देश है सेठ। यहां लौंग बेचने आये हो? किसने आपको ऐसी सलाह दी।
जरूर वह कोई आपका दुश्मन होगा। यहां तो एक पैसे में मुट्ठी भर लोंग मिलते हैं। यहां लोंग को कौन खरीदेगा? और तुम क्या कमाओगे?
धर्मपाल ने कहा: मुझे यही देखना है, कि यहां भी मुनाफा होता है या नहीं।
मेरे पिता के आशीर्वाद से आज तक मैंने जो धंधा किया, उसमें मुनाफा ही मुनाफा हुआ। तो अब मैं देखना चाहता हूं कि उनके आशीर्वाद यहां भी फलते हैं या नहीं।
सुल्तान ने पूछा: पिता के आशीर्वाद? इसका क्या मतलब?
धर्मपाल ने कहा: मेरे पिता सारे जीवन ईमानदारी और प्रामाणिकता से काम करते रहे। परंतु धन नहीं कमा सकें।
उन्होंने मरते समय मुझे भगवान का नाम लेकर मेरे सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिए थे, कि तेरे हाथ में धूल भी सोना बन जाएगी।
ऐसा बोलते-बोलते धर्मपाल नीचे झुका और जमीन की रेत से एक मुट्ठी भरी और सम्राट सुल्तान के सामने मुट्ठी खोलकर उंगलियों के बीच में से रेत नीचे गिराई तो..
धर्मपाल और सुल्तान दोनों का आश्चर्य का पार नहीं रहा। उसके हाथ में एक हीरेजड़ित अंगूठी थी। यह वही सुल्तान की गुमी हुई अंगूठी थी।
अंगूठी देखकर सुल्तान बहुत प्रसन्न हो गया। बोला: वाह खुदा आप की करामात का पार नहीं। आप पिता के आशीर्वाद को सच्चा करते हो।
धर्मपाल ने कहा: फकीर के आशीर्वाद को भी वही परमात्मा सच्चा करता है।
सुल्तान और खुश हुआ। धर्मपाल को गले लगाया और कहा: मांग सेठ। आज तू जो मांगेगा मैं दूंगा।
धर्मपाल ने कहा: आप 100 वर्ष तक जीवित रहो और प्रजा का अच्छी तरह से पालन करो। प्रजा सुखी रहे। इसके अलावा मुझे कुछ नहीं चाहिए।
सुल्तान और अधिक प्रसन्न हो गया। उसने कहा: सेठ तुम्हारा सारा माल में आज खरीदता हूं और तुम्हारी मुंह मांगी कीमत दूंगा।
इस कहानी से शिक्षा मिलती है, कि पिता के आशीर्वाद हों, तो दुनिया की कोई ताकत कहीं भी तुम्हें पराजित नहीं होने देगी।
पिता और माता की सेवा का फल निश्चित रूप से मिलता है। आशीर्वाद जैसी और कोई संपत्ति नहीं।
बालक के मन को जानने वाली मां और भविष्य को संवारने वाले पिता यही दुनिया के दो महान ज्योतिषी है।
अपने बुजुर्गों का सम्मान करें! यही भगवान की सबसे बड़ी सेवा है।🙏
16/12/2023
कमेंट कर बताइए #हार्दिक_पांड्या को #मुंबई_इंडियंस का कप्तान बनाए जाने पर आप खुश हैं या नहीं?
हार्दिक पंड्या #आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस की #कप्तानी करेंगे. हार्दिक पंड्या ने रोहित शर्मा की जगह ली है. रोहित की कप्तानी में मुंबई इंडियंस ने शानदार खेल दिखाते हुए पांच बार आईपीएल का खिताब #जीता.
16/12/2023
#महेंद्र_सिंह_धोनी पर साल 2013 में IPL #फिक्सिंग और बेटिंग का आरोप लगाने वाले IPS ऑफिसर को मद्रास #हाई_कोर्ट ने 15 दिन के लिए #जेल भेज दिया है। महेंद्र सिंह धोनी को कोर्ट ने इस मामले में पूरी तरह निर्दोष पाया था। इसके बावजूद संपथ कुमार #धोनी को फिक्सर बुला रहे थे। महेंद्र सिंह धोनी ने उनके खिलाफ कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट का केस कर दिया। आखिरकार #कोर्ट ने 3 ICC ट्रॉफी और 5 #ट्रॉफी जीतने वाले कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के हक में फैसला दिया। महेंद्र सिंह धोनी को फिक्सिंग केस में मिली इस बड़ी सफलता के लिए बधाई दें। ❤️
15/12/2023
बस्ती जिले के लाल हैं #बजरंग_प्रसाद_यादव इस बार बने हैं।
सिर्फ यूपीएससी की परीक्षा नही पास किये हैं बल्कि ईश्वर ने भी लगातार परीक्षा ली और ये सारी परीक्षा पास करते गए।।
जय हिंद जय भारत
13/12/2023
अच्छा काम किया डॉक्टर्स ओर उनकी टीम ने
और वाहवाही लूट रहे सहाब
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Contact the business
Website
Address
Ghaziabad
201102