WOW _world of woman

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for the women ,to the women,by the women ,

05/09/2023

गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पांय।
बलिहारी गुरु अपने, गोविंद दियो बताए।।

Happy Teacher’s Day!

To every teacher in our life…

Be it a person or an experience

!गुरु-शिष्य के पवित्र और अटूट बंधन वाली भारतीय परंपरा में शिक्षक का स्थान बेहद महत्त्वपूर्ण है क्योंकि शिक्षक ही छात्र के भविष्य का निर्माण करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं।

आप सभी को भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जयंती पर मनाये जाने वाले शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

TeachersDay

19/08/2023
19/08/2023

सुप्रभात प्रणाम .

महावर मेहँदी बिंदी और लहंगा ओढ़नी श्रृंगार..संग रंग बिरंगी चूड़ियों की खनक और सावनी मल्हार

के बीच घेवर फैनी की मिठास से पगी झूलों की उन्मुक्त पींगों के साथ आकाश को छू लेने की

कोशिशों से भरे "हरियाली तीज" के त्यौहार की मेरी सभी बड़ी छोटी बहनों ..बेटियों और मित्रों को

हार्दिक बधाई .. —
Jसुप्रभात प्रणाम .

महावर मेहँदी बिंदी और लहंगा ओढ़नी श्रृंगार..संग रंग बिरंगी चूड़ियों की खनक और सावनी मल्हार

के बीच घेवर फैनी की मिठास से पगी झूलों की उन्मुक्त पींगों के साथ आकाश को छू लेने की

कोशिशों से भरे "हरियाली तीज" के त्यौहार की मेरी सभी बड़ी छोटी बहनों ..बेटियों और मित्रों को

हार्दिक बधाई .. —
Tanuja Sharma

07/08/2023

अगर आप कुछ ऐसा पाना चाहते हैं जो आपने पहले कभी नहीं पाया,तो आपके कुछ ऐसा करना पड़ेगा जो अपने पहले कभी नहीं किया।
बस हिम्मत रखो जीवन की शुरुआत कहीं से भी की जा सकती है।

25/07/2023

दोनों ही गर्भवती हैं...
एक की फोटो खींची गई है तो दूसरी ने खुद खिंचवाई है...
एक चार पैसे कमाने के लिए अपने गर्भ को कपड़े से ढककर, इस हालत में भी दृढ़ता से मेहनत कर रहीं है,
तो दूसरी भी पैसे कमाने के लिए अर्धनग्न होकर मातृत्व का भद्दा प्रचार कर रही है..

संस्कार अपने-अपने

25/07/2023

हर स्त्री ज्योति मौर्य नही होती..कुछ हैं जिनके त्याग से उनका परिवार चलता है!
यह सुप्रिती सिंह है, गणित में MSc है पति के असमायिक गुजर जाने के बाद फ्लिपकार्ट से जुड़ कर परिवार चलाने के लिए दिन रात मेहनत करती हैं। परिवार में सास-ससुर, एक बेटा और एक बेटी है।जिनको खुश रखने के लिए, जिनकी जरूरतें पूरा करने के लिए सुप्रीति जी दिन-रात बिना थके मेहनत करती हैं ,लोगों को घर-घर जाकर उनका आर्डर पहुंचाती है!
ऐसी नारी शक्ति को कोटि कोटि नमन.....

22/07/2023

V v good post

हाल ही में चेतन भगत द्वारा भारतीय महिलाओं के लिए लिखा गया पत्र, यह पत्र दरअसल एक अध्ययन की रिपोर्ट के जवाब में लिखा गया है, जिसमें यह खुलासा किया गया है कि भारतीय महिलाएं, विश्व की अन्य महिलाओं की तुलना में सबसे ज्यादा तनाव में होती हैं। 😊

चेतन भगत का कहना है कि हम महिलाओं के साथ क्या कर रहे हैं, मैं पक्ष ले रहा हूं, लेकिन भारतीय महिलाएं दुनिया की सबसे खूबसूरत महिलाएं हैं। एक मां, बहन, बेटी, सहकर्मी, पत्नी या प्रेमिका के रूप में हम उन्हें प्रेम करते हैं। क्या आप महिलाओं के बगैर जीवन की कल्पना कर सकते हैं? जानें, कौन सी 5 सलाह दी चेतन भगत ने महिलाओं को... 😊

1 पहली बात, कभी मत सोचिए कि आप निशक्त या असक्षम हैं हैं। अगर आपके ससुराल वाले आपको पसंद नहीं करते, उनके विचार उन पर ही छोड़ दीजिए। आप वही रहिए, जो आप वाकई हैं, ना कि वह जो आपके होने या बन जाने की अपेक्षा की गई है। अगर आपको पसंद नहीं किया जा रहा, तो यह उनकी समस्या है, आपकी नहीं।😊

2 दूसरी बात, अगर आप कार्यस्थल पर अच्छा कार्य कर रही हैं, और इसके बावजूद आपके बॉस आपको महत्व नहीं देते, तो उनसे बात कीजिए या फिर जॉब छोड़ दीजि‍ए। प्रतिभावान, मेहनती लोगों की हर जगह बहुत आवश्यकता है।😊

3 तीसरी बात, खुद को शिक्षित करें, हुनर सीखें, पहुंच बनाएं और आर्थ‍‍िक रूप से मजबूत बनाने के लिए प्रयास करें।

4 चौथी बात, अपने ऊपर दोगुनी जिम्मेदारियां होने पर कभी तनाव मत पालिए। यह करना कठिन है, लेकिन असंभव नहीं। आप कोई परीक्षा नहीं दे रही हैं, इसलिए हर बार अच्छे या सौ में से सौ नंबर लाने की उम्मीद मत कीजिए। 😊

अगर आप लंच के लिए चार व्यंजन नहीं बनातीं, तो भी ठीक है। एक प्रकार के व्यंजन या भोजन से भी पेट भरा जा सकता है। अगर आप देर रात तक काम नहीं या आपको प्रमोशन नहीं मिलता, तो भी ठीक है क्योंकि जीवन के अंतिम दिन अपनी जॉब और पद किसी को याद नहीं रहता।

5 पांचवी और सबसे महत्वपूर्ण बात, किसी अन्य महिला से अपनी तुलना या स्पर्धा बिल्कुत मत कीजिए। यह बातकोई मायने नहीं रखती कि उनके लिए कोई आपसे बेहतर स्क्रेबबुक लिखेगा, या दूसरा कोई बेहतर डाइट के जरिए जदा वजन कम करेगा।

आपकी पड़ोसन अपने पति के लिए 6 डब्बों वाला टिफिन तैयार करके देती हो, और आप वो नहीं करती, तो इसमें कोई हर्ज नहीं है। 😊

बस, आप अपना काम बेहतर तरीके से करें, लेकिन अपना रिपोर्ट कार्ड पर ध्यान न दें या ही खुद से, सबसे बेहतरीन होने की उम्मीद करें। इस दुनिया में ऐसी कोई औरत नहीं है जो बिल्कुल आदर्श महिला हो। और अगर आप वह बनने की कोशिश कर रही हैं, तो आप सिर्फ एक ही चीज पा सकेंगी, वह है तनाव।😊

तो सांस ली‍जि‍ए, रिलेक्स हो जाएं और खुद को बताएं, कि आप खूबसूरत हैं। अपनी क्षमता अनुसार बेहतरीन काम करें और खुद को एक शांतिपूर्ण और सुकून से भरी जिंदगी का हकदार बनाएं।😊

अगर कोई आपसे दूर जाना चाह रहा है, तो यह उनकी गलती है, आपकी नहीं। आपका इस धरती पर आने का उद्देश्य किसी को रिझाना या संतुष्ट करना नहीं है। आपका उद्देश्य वो है, जो आप करना चाहते हैं, और इसके बदले में एक अच्छी अच्छी जिंदगी बिताना भी।😊

तो अगली बार इस सर्वे में, मैं भारतीय महिलाओं को टॉप लिस्ट में नहीं देखना चाहता...मैं उन्हें दुनिया की सबसे खुश और आनंदपूर्ण महिलाओं में देखना चाहता हूं।

21/07/2023

1सास ससुर को पोता चाहिए पति को बेटा चाहिए *
2 देवर को भतीजा चाहिए और ननद को एक खिलौना चाहिए
3 जो उसके साथ खेले और उसका मन बहलाए ।
4 लेकिन जब वो बहु पेट से होती है
5 तब किसी कि भी नज़र उस पर नहीं होती कि
6 वो किस हाल मे अपने दिन और रातें काट रही है ।।
7 सास कहती है आजकल कितने देर से उठ रही है ये बहु
8समय से चाय नास्ता भी नहीं देती ससुर कहते हैं क्या हो गया
9 बहु आजकल तुम बहुत कम ध्यान दे रही हो हम पर समय पर पेपर
10 और चाय नास्ता खाना खाने पर । और पति कहते हैं क्या नाटक लगा रखा है
11 तुमने जबसे तुम पेट से हुई हो तब से तुम्हें खाने और पीने कि हर
12 एक सामान लाकर दे रहा हूँ फिर भी तुम ये सब ना खाकर् सिर्फ अपनी 13 मन मर्जी कि काम कर रही हो ।। और देवर कहते है क्या हुआ भाभी 14 आजकल टाइम से मेरी टिफिन और मेर्र् कपडे जुत्ते और बैग तैयार 15 करके नहीं दे रही हो और ननद कहती है वाह भाभी आप भी कमाल करती हो लगता है एक सिर्फ तुम्हीं माँ बनने जा रही हो इस संसार मे ।
लेकिन ये कोई नहीं सोचता और समझता कि
हर एक नारी जब पेट से होती है तब किस हालत
और किस दर्द से गुजर रही होती है ये सब उसे हि
मालुम होता है जिसे इस घर के लिए और सबकी
नजर में अच्छी बहु अच्छी पत्नी अच्छी भाभी बनने के
लिए एक बेटा को जन्म देना जरुरी होता है ।। लेकिन किसी भी सास ससुर पति देवर और ननद को
ये एहसास और महसूस नहीं होता कि वो किस तरह वो
9, महीने काटती है हर एक पल हर एक दिन और हर एक
रात काटना कितना मुश्किल और दर्द भरा होता है वो सिर्फ
और सिर्फ एक नारी को होता है । जिसे हम सब उसकी सिर्फ
कमजोरी और काम चोरी के रूप मे देखते है हम सब ये क्यूँ नहीं
देखते वो सिर्फ अपनी ख़ुशी नहीं आपकी और आपके परिवार कि
ख़ुशी के लिए वो सब दर्द और दुःख को भूल कर सिर्फ एक बेटे कि
चाहत रखने वालों का मन को शांति और ख़ुशी देना चाहती है ।।
हर एक बहु को समर्पित जो ये दर्द और दुःख को झेल
कर हर एक घर मे खुशहाली लाती है...।।
🙏🙏🙏🙏🙏 ।।

20/06/2023

शादी की सही उम्र
**************
भारतीय समाज में शादी का बड़ा महत्व है, खासकर लड़की की शादी को तो सामाजिक सम्मान के साथ जोड़कर देखा जाता है। यदि कोई लड़की की शादी किसी कारणवश नही करता या देर से करता है तो समाज उसे अच्छी दृष्टि से नही देखता। हमारे समाज में लड़कियों की शादी एक सामाजिक समस्या बन गई है। लड़की अगर पच्चीस पार कर जाए तो लोगों के मन में तरह तरह के सवाल उठने लगते है। समाज में लोग आपस में कानाफुशी करने लगते है। आस पड़ोस और मुहल्ले के लोगों को गपसप करने का एक अच्छा टॉपिक मिल जाता है। लोग न तो उस लड़की की मनोदशा समझते हैं, ना उसके घरवालों की मजबूरियां। उनका बस यही एक सवाल रहता है कि ये अपनी लड़की की शादी क्यों नहीं कर रहे? बड़ा आसान होता है लोगों के लिए कहना कि इस उम्र में कुंवारी है तो जरूर कोई बात होगी। अधिक उम्र की कुंवारी लड़की और लड़को का चरित्र हनन करने में समाज को बड़ा मजा आता है। बड़ी ही आसानी से लोग कह देते हैं कि 30 की उम्र में भी कुंवारी है तो अब कौन सी सती सावित्री बैठी होगी? और अगर लड़की नौकरी वाली हो तो लोगों को कहने का और भी मौका मिल जाता है कि घरवाले बेटी की कमाई खा रहे हैं।

हमारा समाज शादी के मामले में संकीर्ण मानसिकता से बंधा हुआ है। भारतीय समाज में अगर लड़की की शादी 18 से 25 के बीच हो गई तो ठीक नहीं तो सब बेकार ऐसा माना जाता है जो बिल्कुल निराधार और कोरा बकवास है। लड़की अगर बहुत काबिल है तो भी लोग बोल देते हैं कि क्या फायदा अगर शादी और बच्चे नहीं हैं, क्या करेगी इतना कमाकर जब अकेले ही रहना है?

अब जरा सोचिए। अगर 18 की उम्र में शादी करके 25 की उम्र में तलाक़ हो जाए तब क्या करेंगे ? अगर 21 की उम्र में शादी कर के भी सालों तक बच्चे न हों तब क्या करेंगे ? अगर 20 की उम्र में शादी करके भी लड़की यदि 22 के उम्र में विधवा हो जाए तब क्या करेंगे ? ऐसी भी लड़कियां होती हैं जो 18-20 की उम्र में शादी कर के 22-25 की उम्र में विधवा हो गई हैं। और इस बीच अगर मां बन गईं हैं तो बच्चों का वास्ता देकर पूरी उम्र उनकी दूसरी शादी नहीं की जाती। ऐसे भी उदाहरण देखने को मिलते हैं जब कम उम्र में शादी करने के चक्कर में अनसेटल्ड लड़का जो पढ़ ही रहा है से शादी कर देते हैं, और बाद में कुछ भी सेटल नहीं होता। इस समाज को थोड़ा समझने की और बदलने की बहुत ही ज्यादा जरूरत है।

शादी जीवन का हिस्सा है पूरा जीवन नहीं है। शादी से भी ज़रूरी काम होते हैं मानव जीवन में। और शादी अपनी मर्जी से अपने पसंद के व्यक्ति से हो तभी अच्छी होती है। सिर्फ समाज या परिवार की खुशी के लिए ऐसे ही किसी के साथ शादी के बंधन में बंध जाना सही नही है। शादी का मकसद दूसरों को खुश करना नही है,बल्कि स्वयं लड़का लड़की को खुश रहना है, क्योंकि समाज का क्या है, आएगा ,नाचेगा, खाना खायेगा, दो चार कमियां निकालेगा और चला जायेगा फिर निभाना लड़का लड़की को ही है। शादी के बाद होने वाली परेशानियों को कभी समाज ने नही सुलझाया है और न कभी सुलझाएगा, क्योंकि समाज को आपके परेशानियों से कोई मतलब नहीं हैं उसको केवल आपके शादी और भोज से मतलब है। इसलिए सतर्क और सावधान रहे समाज के चक्कर में न पड़े। अपनी स्थिति देखे अपनी औकात को देखे तब जाकर जो ठीक लगे वह करें । वह शादी जिसमें लड़का और लड़की दोनों खुश हों वही सबसे अच्छी शादी है, नहीं तो सब बर्बादी है, फिर चाहे वह शादी किसी भी उम्र में हो।
शादी आप तभी करे जब आपकी इच्छा हो और जब आप मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार हो।

धन्यवाद।
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13/06/2023

Laddies

13/06/2023

शाम के चार बजे है किससे बात करूँ। माँ और भाभी से कल बात करी थी । दीदी से परसों बात करी थी । समय काटे नही कटता है । अब बिलकुल मन नही लगता है । बच्चे छोटे थे तो मन करता था , किसी तरह दस मिनट मिल जाए अपने लिए।
मैं हर समय बच्चो पर चिल्लाती रहती कि घर गंदा मत करो , हर चीज जगह पर रखो । इधर उधर बिखरे कुशन देखकर तो मेरा पारा सातवें आसमान पर होता था । उनकी शोर भरी आवाजो से मेरे सर मे दर्द रहने लगा था ।
पूरे दिन शिकायतों की पोथी इकट्ठी करती रहती थी जैसे ही शाम को सुमित घर पहुँचते , एक कप चाय सर्व करने से पहले शिकायतों का चिटठा परोसती ।
कभी उनका मूड ठीक होता तो वो कुछ न कहते , पर कभी तो बच्चो की अच्छी क्लास लग जाती थी ।
बच्चे मुझ से किस तरह दूर होते गये , हर बात का उत्तर बस हा या न मे देने लगे । अपने कमरे से फिर कभी निकलते ही नही थे ।
सुमित भी ओफिस से आकर खाना खाकर तुरंत सोने लगे ।
मुझे घर में अब शान्ति अच्छी लगने लगी थी । हर चीज जगह पर रहती थी ।
रविवार के दिन बच्चे ड्राइंग रूम और बाथरूम को खुद ही अच्छे से साफ करने लगे थे ।
अखबार के बिखरे पन्ने जो पहले सुमित पढने मे इधर उधर कर देते थे अब तरीके से फोल्ड कर अलमारी के एक कोने मे लगा देते थे ।
जब भी आदि और आराध्या के कमरे में जाकर उन से बात करने की कोशिश करती , बच्चे कहते अभी पढ रहे होते या गेम खेल रहे होते थे ।
मुझे अब बहुत समय बाद घर , घर लगने लगा था । सब मेरे हिसाब से चलने लगा । सुमित भी न खाने की कुछ फरमाइश करते थे , तो काम मेरा जल्दी निपट जाने लगा ।
अपनी सहेलियों के बताए सीरियल मैं देखकर खुश होने लगी थी । दो किटी पार्टी भी डाल ली थी ताकि मेरा सोशल सर्कल बन जाए।
दो तीन साल इसी दिनचर्या में बीते । अब मुझे अपनी जिन्दगी बहुत अच्छी लगने लगी थी ।
मेहमानो को सुमित कभी घर नही बुलाते थे , क्योकि उन्हे पता था कि मुझे भी अपने लिए समय चाहिए था।

आदि और आराध्या दो साल के अन्तर में बारहवीं कर पढने के लिए बाहर जा चुके है ।
सुमित भी अपने दोस्तो में अब ज्यादा रहने लगे है ।

अब बच्चों के कमरो मे जब भी जाती हूँ , चादर पर कोई सिलवट नही पाती , शोर होता नही तो मेरे सर में दर्द भी नही होता ।

पूरे दिन ड्राइंग रूम से गुजरते हुए कुशनों को देखा करती हूँ , बिल्कुल तरीके से सोफे पर सजे रहते है , गन्दे भी नही होते ।

परन्तु सजे सजे रखे हुए मुझे चिढाते हुए कहते रहते हैं कि मेरे चेहरे की रौनक अब कहां चले गयी है ? एकदम साफ सुथरा घर , फिर भी मै बुझी-बुझी हूँ।
कोई अब होता ही नही कि बात करूँ। इन्तजार करती रहती हूँ कि बच्चे घर आये तो कुछ रौनक हो जाए। घर की दीवारे मुझे जेल लगने लगी हैं । हर समय मोबाइल उठा मैसेज चैक करती रहती हूँ , फोन की रिगं या डोर बैल सुन सब काम छोडकर भागती हूँ,,,,,,,,,,,,,,,
अब बस इन्तजार करती हूँ कि पति, बच्चे, मेहमान कोई हो , मुझसे बात करे ।

जब दूर दूर तक कोई ऐसी घंटी नही बजती , तो बार बार टेलीविजन ओन करती हूँ, परन्तु अब उन सीरियल की आवाजे ही मुझे परेशान करने लगती है ।

अब कुशनों से ही बात कर करके कहती हूँ कि जल्दी से बच्चे घर आ जाये तो बहार आ जायेगी । सुमित का मन भी फिरसे घर में लगने लगेगा ।

जब तक बच्चे अपनी जिन्दगी की उडान भरने से पहले घर में है तब तक फैलते है तो फैलने दीजिए उन कुशनो को खिलौनों को,कपड़ों को , फिर तो दूर दूर तक कोई नही होगा , रह जाओगी तुम और कशीदाकारी भरे कुशन ।

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