Dil Ki Batein ,Jag Ki Batein
For motivation
* बदलता जहां *
आज कई तरह के बदलाव हो रहे हैं जिनमें हमारी सोच,परंपराएं,रीत रिवाज और नैतिक जीवन के बहुमूल्य वचन और कई सामाजिक बंधनों और व्यवहार से हैं।
गुजरे वक्त और आज के वक्त के बीच दिनों हीन दूरियां बढ़ती ही जा रही हैं।नई नई आने बाली प्रौद्योगिकी ने इंसान को तन्हा जीने के लिए मजबूर कर दिया है।जो इंसान बिना किसी के पूरे रात और दिन रह नही पाता था वह अब खुद मैं ही अकेला अनेक लोगों की स्पष्ट न होती छाया के बीच खुद को मगन रहना सीख गया है।
कोई भी नया आविष्कार मानव के हित के लिए ही किया जाता रहा है।वर्षों की मेहनत से एक नया आविष्कार हो पता है जिसके माध्यम से मनुष्य के जीवन को सरलता और सुगमता प्राप्त हो सके।
हर वस्तु या भौतिक चीज के दो ही पहलू रहे हैं जिस प्रकार हम किसी वस्तु मैं अच्छापन देखते हैं वही किसी की नज़रों में बुरी या खराब हो सकती है।यही बात विज्ञान के द्वारा किए जाने वाले आविष्कारों के साथ भी जुड़ी हुई है।
आज जो चीज हमारे आस पास ज्यादा दिखाई दे रही है वह है " मोबाइल" एक ऐसी चीज जो हर हाथ में देखी जा सकती है। इसका उपयोग भी सरल और सुलभ है ।इसके कई फायदे है जो हमारे जीवन के लिए लाभदायक हैं।
हर जगह और हर किसी के साथ इसकी पहुंच है ।इसके द्वारा हम कई अपने काम आसानी से कर पाते हैं।इसके साथ ही हम कई प्रकार के उलझे हुए सवालों का भी उत्तर पा जाते हैं।ये ही वह एक क्रांतिकारी आविष्कार है जिसने पूरी दुनिया को हमारे पास और बिलकुल आंखों के सामने ला कर रख दिया हैं।
अब एक सवाल है की जब ये हमारे जीवन को सुलभ बना रहा है तो बुरा क्या है? इससे हमारा नुकसान क्या है? हमारे जीवन में इससे लाभ किया है और हानि है कितनी?
दोस्तो,जैसा की पहले हम जान चुके हैं की हर चीज के दो पहलू होते है इसी तरह मोबाइल के भी दो पहलू है ही ।वह जो दूसरा पहलू है कौन सा? क्यों ? और हानिकारक क्यों? ये जानना हम सभी के लिए है ताकि हम जिस तरह से हर वस्तु के बारे में जानने का प्रयास करते उसे अपनाने या ना अपनाने का उपक्रमकार्ते है ठीक उसी तरह मोबाइल से होने बाली उन बातों को जानेंगे जो होती रहती है और हम उनको देख कर या अनजाने बन कर उसको गंभीरता से नहीं लेते।
आज दो पीढ़ियों के बीच जो दूरियां दिखाई देने लगी हैं इसके आर्थिक और भौतिक कारण हो सकते हैं,जिनको उसी स्तर पर सुलझाया या सही किया जा सकता है क्योंकि इन कारणों की नीव इतनी पक्की नही है लेकिन और जो हो रहा है बदलाव उसके लिए कुछ ज्यादा ही कोशिशें करनी होगें सबको अपने अपने स्तर पर।
मोबाइल के हाथों में आने के साथ रोज नए नए ऐसे प्लेटफार्म भी आ रहे है जो युवकों के लिए किसी भी तरह से हितकारी नहीं है।
समाज में को जड़ता और अनुशासन था वह समाप्त होते जा रहा है संबेदनाएं दम तोड़ रही है,आपसी आत्मिक संबंधों में मिठास की जगह खटास ने ले ली है ।एक दुसरे का सम्मान और उचित व्यवहार कहीं पीछे छूटता जा रहा है क्यों?
मेरा और लाखों लोगों का मानना है और अब तो सभी मानने भी लगे हैं की समाज में आज जो बदलाव मानसिक और सामाजिक स्तर पर दिखलाई दे रहा है उसमें बड़ा रोल उसी का है जो हमारे सामने , हर पल रहता है मोबाइल।।दुनिया की हर अच्छी और बुरी चीजों को बिना रोक के हर किसी के सामने खबर के रूप में जानकारी के रूप में और एक उपभोक्ता बनाने के प्रक्रिया के साथ परोसा जा रहा है।
कई सारी ऐसी चीजें हैं जो मोबाइल से पूरी हो रही है और सुलभ,सरल भी है । ज्ञानवर्धक जानकारी का भी मुख्य प्लेटफार्म बना हुआ है।
आज के उपभोक्तावादी समय में कई ऐसी बातें हैं जो कभी परिवार,समाज के बीच नकारात्मक मानी जाती रही है उनको अब सीधे हर किसी के सामने लाया गया है।ऐसा इसलिए की समाज में जिन मुद्दों और बातों का प्रतिकूल असर व्यक्तित्व पर होता रहा था ।उनको सामाजिक जीवन में खुल कर बातें करने की मनाही थी और जो बातें अनुकूल थी उनको सभी के साथ शेयर किया जाता रहा था।अब तो हालत बिलकुल बदल गए है।बिना रोक टोक के ग्लैमरस,सेक्स,अनैतिक सामग्री,नए नए सपनों की चकाचौंध,अन्य ऐसा साहित्य ।
आज के युवा मैं नए नए सपने देखने,नया एडवेंचर करने की इच्छा और कुछ कर गुजरने की आदतों के साथ कई ऐसी आदतों को पालना शुरू कर दिया है जिसे हमारा भारतीय समाज मान्यता नहीं देता।
कारण साफ है।
चैनलों पर पड़ोसी जाने वाली सामग्री, विज्ञापनों में युवाओं को प्रेरित करने की प्रवति,इंटरनेट पर आने वाली सामग्री, छोटे छोटे शहरों में खुलने वाली शराब की नई नई दुकानें, गली मोहल्लों और खुली सड़कों पर रात दिन चलने वाली ब्लू फिल्में,सेक्स से संबंधित सामग्री खुलेआम बिकना,सेक्स सी डी की खुले आम बिक्री, पोर्न साहित्य की खुले आम बिक्री, ग्लैमर और सेक्स से भरपूर विज्ञापन, मांसल और कामुक वातावरण,और भी कई ऐसी बातें हैं जो हमारी संस्कृति के विपरीत है ।
इसका प्रभाव भी बहुत हो रहा हैं विस्तार से यदि लिखा जाए तो बहुत ही बड़ा लेख हो जायेगा । संच्छिप्त में कह सकते हैं की नई पीढ़ी समय से पहले ही सयानी होने लगी है उसके सामने पुरानी पीढ़ी के लोग भोंदू और नासमझ लगने लगे हैं।
आज हर किसी को नए सपने देखने की ललक हैं ये अच्छा भी है की सपने पूरे करने के लिए जिस उत्साह और लगन, महनत की जरूरत है वह हो।ऐसा नहीं होता तो सपने मात्र सपने ही रह जाते है।
सपना तो देखते हैं युवा लेकिन इसके आगे की मंजिल पर जाने का साहस नहीं करते और शॉर्टकट को तलाशने लगते है।
आज के युवा में सेक्स,नशा,कुछ भी करने की तमन्नाएं बढ़ रहीं है जो युवा वर्ग के हितकारी न होकर समाज के हित में भी नहीं है।
आज के युवाओं मैं पुरानी पीढ़ी के साथ जुड़ाव काम होता जा रहा है वह दुनिया को मोबाइल मैं देख कर खुद को बदलने का कोई भी मौका नहीं छोड़ना चाहता यदि रास्ते में कोई भी रुकावट आती भी है तो बेझिझक उसको हटाने का प्रयास करता है चाहे ईश रुकावट के पीछे कितना भी बड़ा दंड उसे क्यों न भुगतना पड़े।
रोज रोज की खबरों के बीच आधी खबरे ऐसी पाई जा रही है जो ईश तरह के प्रभावों के कारण जान पड़ती है।क्या होगा आगे ? ये सवाल अभी समाज के सामने जोरों से आएगा।
आज जीवन में जो नैतिक मूल्यों का महत्व था वह समाप्त होता जा रहा है।आज का युवा दिशाहीन,आधारहीन,हिंसक और भ्रष्ट होता जा रहा है ।ये सभी प्रभाव अभी आधी मंजिल तक ही आज हैं यदि ऐसे ही कोई रोक या जागरूकता नही लाई गई तब वह समाज बंद नही खुला समाज होगा जिस समाज को हमारी संस्कृति कभी भी स्वीकार नहीं करेगी और ना भारतीय समाज।
दोस्तों,आज हम सभी को मॉनिटर करना होगा कि हमारे बच्चे जो हमारे जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं उनके लिए उनको नजरंदाज न किया जाए।
कई ऐसे ऐप्स है जिनका बच्चों के मानस पर बुरा असर होता है उनको ब्लॉक करें।उनको समाज दुनिया और परिवार के बारे में बताएं,उनकी बातों को सुने और उनको सही सुझाव दें।
हम ईश बदलते उपभोगवादी समय को बदल तो नही सकते किंतु अपने परिवार में बच्चों को गाइड तो कर ही सकेंगे जिससे बच्चे किसी उस मोड़ की तरफ न जाएं जिनकी जानकारी हमने उनको दी है और उसका परिणाम भी समझाया है।
हर परिवार चाहता है कि उनके बच्चे खुश और सुखी रहें । इसी के लिए आवश्यक हैं की हम उनको अपनी निगरानी में रखते हुए उनको खुशियां देते रहें ताकि कल हमारे बच्चे उन नकारात्मक,असामाजिक,अनैतिक , मानसिकता से बचे रहें।
*****************"**जारी।।
नई साल आ गई है ,नए साल की नई सुबह, नए सपने,नई आशाओं और जीने की नई अभिलाषा के साथ अपनों के साथ खुशियों,उत्साह और सुख से जीवन को आगे चलते रहने के भाव के साथ।
वक्त तो है ही ऐसा की किसी को भी अपनी आहत भी नही आने देता ,ये ही है जो छाया बनकर हर किसी के साथ चलता रहता है।
दूरदर्शी और तर्क,बुद्धि के सामंजस्य से इसे कम थोड़ा सा पहिचाना तो जा सकता है।
खुशी आती कम है उसके आने के लिए तो मौका ,अवसर और माहौल की चादर बना कर उसका स्वागत करना ही होता है।खुशियों के लिए हर पल,है पहर और हर दिन रात कभी भी उसका स्वागत किया जा सकता है।
छोटी छोटी बातें और छोटे छोटे कुछ पल तो आते ही हैं जो खुशियों को साथ ले आते हैं।
नए बरस में इनका स्वागत करना और हर पल का भरपूर जीवट के साथ जीने का मजा लेना ही पहला हमारा लक्ष्य होना चाहिए।
दुख से तो पूरा जगत ही त्राहि त्राहि करता रहा है क्यों की जीवन में दुख तो पग पग पर हमारी बाट जोह रहा होता ही है जिसका मुकाबला हम अपने अनुभव,हौसला,ताकत,ज्ञान और बुद्धि से किया जा सकता है ,दुख ज्यादा हैं तो खुश रहने के नए पल नए आयाम भी हमारे साथ बने रहने से जीवन सहज हो जाता है।
साथियों ,
नए साल में नई सोच नई कल्पना और नए लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ते हुए हम अपने और अपने परिवारजनों के साथ जीवन का सच मैं लुफ्त लेकर खुशी और स्वस्थ जीवन का आनंद लें।ये ही आप सभी को शुभकामनाएं ।।।
दोस्तो,हम दुनिया में रहकर बहुत कुछ जीवन का अनुभव मिलता रहता है।कई अनुभव तो हमारे जीवन के लिए लाभदायक ही सिद्धि होते है ये अनुभव वह हैं जो हमारे आस पास ,घर परिवार,रिश्ते नातों और परिवार से जुड़े रहते हैं।
अनुभव का अनुकरण तभी हो पता है जब उसके बारे में हमको ज्ञान हो।कभी हम जानकर,लिखा जानकर या सुनकर भी अनुभव को जान जाते हैं।कई बार तो खुद ही अनुभव से सामना होता है और हम जान जाते हैं।
बस इन्ही अनुभवों को क्यों न हम साथ मिलकर शेयर करें और एक दूसरे के साथ मिलकर बातों का ये कारवां को आगे बदाएं।
इसी मकसद से ये पेज आपके समक्ष है।
चलो माना अंदाज पुराना है,
क्यों भूलते हो ,
नए जमाने का ,नया हरजाना है,,
चलो करते हैं कुछ पुराना सा,
क्यों भूलते हो,
इसका नहीं कोई परवाना है,,
चुप बैठो या फिर सीख लो बोलना,
क्यों भूलते हो,
जमाने को अपनी तरह बुलवाना है,,,
अपने भी है बहुत माना चाहने वाले,
क्यों भूलते हो,
ये ही तो हुजूम अपना ,जिनको अपनाना है
बाजार बड़ा है बहुत,क्या क्या देखोगे,
क्यों भूलते हो,
भूल हुई थोड़ी सी तो लुट ही जाना है,,
किसी ने कहा भरोसा क्या जिंदगी का,
क्यों भूलते हो,
जो भी पल है खुशियों से भर देना है,,
चलो करते हैं कुछ बातें,समय जो कटे,
क्यों भूलते हो,
वक्त निकल जायेगा जो करो करना है,,
किसी के लिए कुछ करभी जाओगे तो,
क्यों भूलते हो,
कर दिया तो भला होगा ये भूल जाना,,
कई अरमान होगे और कई होंगे सपने,
क्यों भूलते हो,
दरिया है समय बस गुजर जाना है।।
***************************
जिंदगी तो बंदो,एक खेल है,
यहां हार और जीत के हैं खिलाड़ी,
उन्ही से दुखों सुखों का मेल है,,
जीते तो खुश मत होना,
हारा तो गम मत करना,,
खेल खिलाड़ियों का है यारो,
दाव जब भी चल जाए,
बस इसी का सब खेल है,,
यहां हार और जीत के हैं खिलाड़ी
उन्ही से दुखों सुखों का मेल है,,
सफर तो रोज है यहां,
अब खोजें भी है नई नई,
भूले कुछ दाव पुराने अब,
नए दाव है जमीन नई,
चुप रहना और तेज सी नजरें,
झूठ,पाप, की बड़ी यहां वेल है,
यहां हार जीत के हैं खिलाड़ी,
उन्ही से दुखों सुखों का मेल है।
***************
सभी दोस्तों और शुभ चिंतकों एवम सभी परिवारजनों को दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं,सभी सदा स्वस्थ,सुखी और खुशहाल जीवन के हकदार बने रहें,
ये ही कामनाएं।।।।
किससे कहोगे बातें मन की,
कुछ सुन लेंगे कुछ हस लेंगे,,
अपनी मंजिल खुद तुझको ही,
तय करने को चलना होगा,
किससे कहोगे बातें मन की,,,,
राहों पे हैं अंगारे,और तपते हुए किनारे हैं,
आस को अपनी भूल न जाना,
ये ही तेरे सहारे हैं,
हार के बाद भी जीत है तेरी,
हार हाल में तुझको जीतना होगा,
किससे कहोगे बातें मन की,,,,
मिले तो होंगे बहुतेरे,झूठी आशा के साथी,
सबके सब भटके जग में,
जैसे वन के बनवासी,
बस सासों की थामे डोर को,
मंजिल तक तो चलना होगा,
किससे कहोगे बातें मन की,,,,
जग में तेरे अपने प्यारे,दुख दर्दों के साथी,
जो चलते रहे संग में तेरे,
अंतिम ये ही बराती हैं,
इंसाजी है तू,हर हालत में ढलना होगा,
किससे कहोगे बातें मन की,
कुछ सुन लेंगे कुछ हस लेंगे,
अपनी मंजिल खुद तुझको ही,
तय करने को चलना होगा,
किससे कहोगे बातें मन की,
***************++++*********
मेरे सभी चाहने वाले शुभेच्छुओं और दोस्तों के साथ *दिल की बातें* से अब *दिल की बातें,जग की बातें* फेसबुक पेज पर गपशप करने के लिए फिर रूबरू हो रहा हूं।आपके सुझाव और प्यार सदा आमंत्रित हैं ताकि हम सभी की ये महफिल लगातार बनी रहे।
" उदय पंकज "
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Contact the business
Telephone
Website
Address
Kalyan West
Kalyan
421301