Yoga,nechropath&Ayurveda
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चलने-फिरने
योग व्यायाम और खेल कूद करने से हृदय और लीवर अच्छा काम करते हैं।
भोजन खाकर लेटे रहने से देह में रोग पैदा होते हैं।
5 से 10 मिनट विश्राम कर सकते हैं
उसके बाद आप टहलना शुरू करें।
बवासीर
कब्ज होने पर आपको मल करते समय जोर लगाना पड़ता है। लंबे समय तक कब्ज होने पर वहां बवासीर बन सकते हैं इसके इलाज में ज्यादा देर न करें और सबसे पहले घरेलू उपचार करें। बवासीर का पहला उपचार है। कब्ज से बचे इसके लिए फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ जैसे हरी सब्जियां, साबुत अनाज और फलों का ज्यादा मात्रा में सेवन करना चाहिए।
छाछ
बवासीर से पीड़ित लोग यदि रोज छाछ पीते हैं, तो इससे बवासीर में बहुत राहत मिलती है। इसके लिए आपको 100 मिलीलीटर छाछ में थोड़ा सा काला नमक और 1/4 चम्मच भुना हुआ अच्छी तरह से मिक्स करना है। इस घरेलू पेय को भोजन के तुरंत बाद लेना चाहिए। यह तरीका कम से कम समय में बहुत अच्छे परिणाम देता है।
इसबगोल की भूसी
यह आपके शरीर में फाइबर की मात्रा बढ़ाकर मल को मुलायम बनाने और आसानी से निकालने में मदद करती है। नियमित मल-त्याग में सहायक यह तरीका बवासीर के दर्द को भी कम करता है। ध्यान रहे कि आप इसको सही मात्रा में ही लें। गैस्ट्राइटिस (पेट में सूजन) और ऐंठन पैदा कर सकती है।
ज्यादा पानी पीना
हमारे शरीर के पाचन तंत्र को ठीक रखने में पानी का बहुत महत्व है। बवासीर से पीड़ित लोगों के लिए तो पानी अत्यंत ही आवश्यक है। प्रतिदिन कम से 9-10 गिलास पानी पिएँ। इससे मल त्याग में आसानी रहेगी।
सेंधा नमक
सेंधा नमक बवासीर का एक कम प्रचलित परन्तु उपयोगी उपाय है। इसके लिए आप 2 चम्मच ग्लिसरीन और सेंधा नमक का मिश्रण बना कर रख लीजिये। अब इस मिश्रण को हर 5-6 घंटे के अंतराल पर प्रभावित क्षेत्र में लगाइये। यह उपाय दर्द में बहुत राहत देगा।
बाथ (पानी में बैठना)
यह बवासीर के इलाज का सबसे प्रभावशाली उपाय है। हमारा मत है कि आप अत्यधिक दर्द से राहत पाने के लिए गर्म पानी में सिट्ज़ बाथ लें। 15 मिनट के लिए ऐसा करें और हर मल-त्याग के बाद इसे दोहरायें। आप इसे जितनी बार संभव हो सके, दोहरा सकते हैं।
*अल्कलाइन पानी बनाने और पेट में वायुगैस की रामबाण औषधि*
आधे से अधिक बीमारियां एसिडिक पानी व दूषित पानी के कारण होती हैं।(RO का पानी भी एसिडिक व पोषक तत्व रहित होता है)
तो क्यों न *रोजमर्रा में एल्कलाइन पानी पीएं।*
1 चम्मच सौंफ
1 चम्मच ज़ीरा
1 चम्मच अजवाइन
*उक्त सामान थोड़ा बहुत कम ज्यादा हो कोई नुकसान नही होता सिवा फायदा के।*
2 लीटर पानी में उक्त सामिग्री मिलाके 10-15 उबालें। ततपश्चात छानकर 5 बूंद *पंच तुलसी* डालकर पिएं *और बीमारियों से बचें*
*इस पानी को लिवर क्लींज़ के दौरान भी आवश्यकता पड़ने पर पिया जा सकता है।*
🙏
04/08/2021
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