Yogacharya krishna gopal lodhi
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ओम स्वामी ब्रह्मानंद योग आश्रम चैरिटेबल ट्रस्ट यज्ञशाला ग्राम पोस्ट सैरपुर तहसील बख्शी का तालाब जिला लखनऊ उत्तर प्रदेश में निशुल्क योग आयुर्वेद का समन्वय जिसमें अपने स्वास्थ्य के बारे में जैसे मोटापा कमर में दर्द सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या आदि लोगों का उपचार प्राप्त कर सकते हैं एकदम निशुल्क l
कृष्ण गोपाल लोधी एडवोकेट एवं पतंजलि जिला योग प्रचारक
मोबाइल नंबर 8808657601
02/10/2025
पंजाब में बीते दिनों आए भीषण बाढ़ ने राज्य को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। विभिन्न संगठन, राजनीतिक दल आदि बाढ़ से पीड़ित लोगों की मदद में लगे हुए हैं। इस बीच अब योग गुरु बाबा रामदेव ने भी पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए मदद के हाथ आगे बढ़ाए हैं। योग गुरु बाबा रामदेव ने पंजाब में बाढ़ राहत के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति को 1 करोड़ रुपये दान किए हैं।
https://youtube.com/ योगाभ्यास युवकों या नौजवानों के लिए शरीर को बलशाली बनाने के लिए धैर्यवान, चरित्रवान, पराक्रम, शौर्य, साहस, आत्मबल दुर्गुण दूर विचार से छुटकारा पा सकते हैं और आध्यात्मिक बल व शरीर को सुंदर बनाने के लिए इन 4 दंड या पुशअप्स का अभ्यास प्रत्येक दिन करते हैं तो आपका शरीर बलशाली निरोगी स्वास्थ्य बन जाएगा और आपका शरीर सुंदर आकर्षक बन जाएगा मात्र पुशअप्स का अभ्यास करने से।।
संगीतमय में योगाभ्यास।।
पुशअप्स एक प्रभावी और सरल व्यायाम हैं जो शरीर को मजबूत बनाने और मांसपेशियों को विकसित करने में मदद करते हैं। ये आपके हथेलियों, भुजाओं, पेट, पीठ, पैरों और छातियों को संपूर्ण रूप से लाभ पहुंचाते हैं। अगर आप अपना शरीर बलशाली बनाना चाहते हैं तो निम्नलिखित नुस्खे आपकी मदद कर सकते हैं:
नियमितता: पुशअप्स का नियमित रूप से अभ्यास करें। आपको यह निर्धारित करना होगा कि कितने पुशअप्स आप हर दिन करेंगे और उन्हें निरंतर बढ़ाते जाएंगे।
वेट ट्रेनिंग: अपने पुशअप्स को और चुनौतीपूर्ण बनाने के लिए, आप एक वेटेड वेस्ट या डुंबल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे आपके मांसपेशियों पर अधिक दबाव पड़ेगा और उन्हें विकसित करने में मदद मिलेगी।
सही तकनीक: पुशअप्स करते समय सही तकनीक का पालन करें। आपके हाथ कंधों के समानी चौड़ाई में होनी चाहिए और आपके शरीर को सीधा और रेखांकित रखना चाहिए।
अन्य व्यायाम: पुशअप्स के अलावा, आपको अन्य व्यायाम भी करने चाहिए जो आपके शरीर की अन्य संरचनाओं को भी संपूर्ण रूप से लाभ पहुंचाते हैं। इसमें स्क्वाट्स, बाइसेप्स कर्ल्स, लंबे दौड़े आदि शामिल हो सकते हैं।
आहार: एक स्वस्थ और पोषणपूर्ण आहार खाने का ध्यान रखें। प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स, और पोषक तत्वों से भरपूर आहार खाने से आपके मांसपेशियों का विकास बढ़ता है। सही प्रकार के पौष्टिक भोजन आपको मजबूत और बलशाली बनाने में मदद करेगा।
ध्यान दें कि यदि आपका कोई शारीरिक समस्या है, तो पहले अपने चिकित्सक से परामर्श लें और व्यायाम प्रोफेशनल की निगरानी में अपनी गतिविधियों को।।
https://youtube.com/ कपालभाति प्राणायाम एक प्राचीन योगाभ्यास है जिसका मुख्य उद्देश्य शरीर को शुद्ध करना और मन को स्थिर करना है। यह दीर्घकाल से योगी और आयुर्वेदिक चिकित्सा में उपयोगी माना जाता रहा है। यहां कुछ कपालभाति प्राणायाम के लाभ बताए गए हैं:
श्वसन तंत्र को सुधारता है: कपालभाति प्राणायाम द्वारा हम नियमित ताल और भारी श्वसन करते हैं, जिससे हमारे श्वसन तंत्र को सुधारते हैं और श्वसन की क्षमता बढ़ती है।
सिरदर्द से राहत: यह प्राणायाम सिर की रक्तसंचार को बढ़ाकर सिरदर्द से राहत प्रदान कर सकता है।
श्वासनली और फेफड़ों को स्वच्छ करता है: कपालभाति प्राणायाम द्वारा श्वासनली और फेफड़ों में जमा कचरे को बाहर निकालने में मदद मिलती है और यह उन्हें स्वच्छ रखने में मदद करता है।
प्राणशक्ति को बढ़ाता है: यह प्राणायाम हमारे शरीर में प्राणशक्ति को बढ़ाने में मदद करता है, जिससे हमें ताजगी और ऊर्जा का अनुभव होता है।
मस्तिष्क को ताजगी प्रदान करता है: कपालभाति प्राणायाम द्वारा मस्तिष्क को अधिक ऑक्सीजन पहुंचता है, जिससे मस्तिष्क की क्षमता और तेजी बढ़ती है।
शारीरिक और मानसिक तनाव को कम करता है: यह प्राणायाम शारीरिक और मानसिक तनाव को कम करता है और चित्त को शांत करने में मदद करता है।
पाचन तंत्र को सुधारता है: कपालभाति प्राणायाम द्वारा पेट से जुड़े अंगों की मांसपेशियों को मजबूत करने से पाचन तंत्र को सुधारता है।
स्वास्थ्यवर्धक और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है: कपालभाति प्राणायाम के नियमित अभ्यास से हमारी स्वास्थ्यवर्धक क्षमता बढ़ती है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।
कृपया ध्यान दें कि प्राणायाम के अभ्यास करने से पहले, विशेषकर यदि आपको किसी स्वास्थ्य समस्या है, तो एक योग गुरु या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श करना सुरक्षित होगा।
https://youtube.com/ अधिक जानकारी के लिए मेरे चैनल पर जा सकते हैं।। कमर दर्द का मर्कट आसन या मर्कट व्यायाम एक प्रकार का योगासन है जिसका उद्देश्य कमर के दर्द को कम करना और कमर की मांसपेशियों को मजबूत करना है। यह आसन कमर से संबंधित समस्याओं को ठीक करने में मदद कर सकता है। इसे निम्नलिखित तरीके से करें:
कैसे करें:
आराम से सीधे खड़े हो जाएँ। अपने पैर हड्डियों की चौड़ाई के समान सीधा रखें।
अब धीरे-धीरे अपने ऊपरी शरीर को आगे झुकाएँ, कमर को आगे की ओर जुकाएँ और हाथों को भूमि पर रखें।
शारीर को आगे की ओर झुकाने के साथ ही, धीरे से घुटनों को मोड़ें जिससे कि आपकी पीठ पूरी तरह से सीधी हो जाएगी। आपका शरीर अब कमर की तरफ मुड़ा होना चाहिए।
इस स्थिति में कुछ समय तक रहें और साँस को धीरे-धीरे छोड़ें। ध्यान रखें कि आपकी नाभि अंदर की तरफ खींची हुई होनी चाहिए।
धीरे-धीरे आराम से वापस उठें और विश्राम करें।
ध्यान देने योग्य बातें:
अगर आपको गर्दन या कमर में दर्द है, तो इस आसन को करने से पहले एक योगाचार्य या स्वास्थ्य पेशेवर से परामर्श करें।
कमर दर्द के मरीजों को इस आसन को कम दबाव के साथ करना चाहिए और यदि किसी को इसमें तकलीफ हो तो तुरंत रोक देना चाहिए।
अगर आपको किसी भी समय या स्थिति में कमर में ज़्यादा दर्द महसूस होता है, तो आसन को तुरंत छोड़ दें और अपने चिकित्सक से संपर्क करें।
कमर दर्द से राहत पाने के लिए योगासन बेहद उपयुक्त हो सकते हैं, लेकिन यदि आपका दर्द या समस्या जारी रहती है, तो निश्चित रूप से एक चिकित्सक से परामर्श करना सुनिश्चित करें।
शरीर को बलवान बनाने के लिए ।।
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https://youtube.com/ अधिक जानकारी के लिए मेरे चैनल पर जा सकते हैं। अर्ध मतसेंद्रासन योगासन के कई लाभ हो सकते हैं। यह आपके शरीर, मन और आत्मा के लिए स्वास्थ्यवर्धक होता है। यहां कुछ महत्वपूर्ण लाभ दिए गए हैं:
शुगर के राम बाण आसन।।
पीठ और कंधे की मजबूती: अर्ध मतसेंद्रासन पीठ को सुधारता है और कंधों को मजबूत बनाने में मदद करता है। इस आसन से आपकी पोषक नसों को विस्तार मिलता है और यह आपकी पीठ की मजबूती और लचीलापन बढ़ाता है।
पेट के अंदरी अंगों की मालिश: अर्ध मतसेंद्रासन आपके पेट के अंदरी अंगों की मालिश करने में मदद करता है, जिससे आपकी पाचन शक्ति मजबूत होती है। यह आपके आंतों को सक्रिय करता है और कब्ज को कम करने में सहायता प्रदान करता है।
स्ट्रेस कम करना: यह आसन शरीर के ऊतकों पर ध्यान केंद्रित करके मन को शांत करने में मदद करता है। इसके द्वारा शरीर में बदलाव लाने से मानसिक तनाव को कम किया जा सकता है और मन को स्थिर और शांत किया जा सकता है।
केंद्रीय तंत्र को संतुलित करना: अर्ध मतसेंद्रासन साधारित केंद्रीय तंत्र को संतुलित करने में मदद कर सकता है। यह आपके मस्तिष्क को शांति और संयम प्रदान करने में मदद कर सकता है, जिससे आपकी मानसिक तनाव को कम किया जा सकता है।
स्पाइनल कोरेक्शन: अर्ध मतसेंद्रासन आपके बैक और स्पाइन को संतुलित करने में मदद करता है। यह आपके स्पाइनल कोर मस्कल्स को मजबूत बनाने और संतुलित रखने में सहायता प्रदान करता है, जो आपके पीठ को सही स्थिति में रखने में मदद करता है।
यदि आप नए हैं और योग आसनों का प्रदर्शन करने से पहले अभ्यास करना चाहते हैं, तो इसे किसी प्रशिक्षित योग गुरु की निगरानी में करना सुरक्षित होगा। वे आपको सही प्रकार से इस आसन को करने के लिए दिशा-निर्देश प्रदान कर सकेंगे।
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गेंदा (Calendula) एक फूलदार पौधा है जिसका उपयोग प्राचीन काल से ही चिकित्सा में किया जाता है। यह फूल आमतौर पर पंखुडियों के रूप में देखा जाता है और भारत और एशिया के कई अन्य क्षेत्रों में पाया जाता है। गेंदे के औषधीय गुणों के कारण, इसे आयुर्वेदिक चिकित्सा में भी इस्तेमाल किया जाता है। नीचे गेंदे के कुछ प्रमुख लाभ दिए गए हैं:
त्वचा की देखभाल: गेंदे के तेल या क्रीम का उपयोग त्वचा के लिए किया जाता है। यह त्वचा को मुलायम बनाता है, सूजन को कम करता है, चोटों के निशान को कम करता है और त्वचा को नरम और चमकदार बनाता है।
एंटीबैक्टीरियल गुण: गेंदे में पाए जाने वाले खास यौगिक (phytochemicals) एंटीबैक्टीरियल गुण रखते हैं, जिसके कारण वह कई प्रकार की छोटी इन्फेक्शन्स और जलनों के इलाज में मदद कर सकता है।
दर्द निवारक: गेंदे के पत्तों और फूलों में विशेष यौगिक होते हैं जो दर्द निवारक गुण रखते हैं। इसलिए, यह जोड़ों के दर्द, मस्से, गठिया आदि के इलाज में उपयोगी हो सकता है।
श्वासनली रोगों में मदद: गेंदे के पत्तों के कुछ घरेलू नुस्खे खांसी, जुकाम, सिरदर्द, और श्वासनली संबंधी समस्याओं में लाभकारी हो सकते हैं।
एंटीऑक्सीडेंट गुण: गेंदे में एंटीऑक्सीडेंट यौगिक मौजूद होते हैं, जो शरीर को रोगों से लड़ने में मदद करते हैं और रोग प्रतिरोध को बढ़ाते हैं।
पाचन तंत्र को संतुलित करने में सहायक: गेंदे का सेवन पाचन तंत्र को संतुलित करने में मदद कर सकता है, जिससे खाने का पचना अच्छे से होता है और पेट संबंधी समस्याएं कम होती हैं।
कैंसर से लड़ने में सहायक: कुछ अध्ययनों में गेंदे में पाए जाने वाले खास यौगिकों का कैंसर के खिलाफ लड़ने में मदद कर सकते हैं, खासतौर पर स्किन कैंसर में।
ध्यान देने वाली बातें:
गेंदे के उपयोग से पहले एक चिकित्सक से उचित सलाह लेना।
पेट के लिए रामबाण आसन अग्निसार का अभ्यास।।
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