ola Uber rapido update, driver
कब तक सहै अत्याचार
18/05/2026
# # 21–22–23 मई राष्ट्रव्यापी चक्का जाम
# # # मेहनत का उचित मूल्य – सभी को प्राप्त हो!
सरकार जब तेल कंपनियों के घाटे की बात करती है, तो पेट्रोल, डीज़ल और CNG के दाम तुरंत बढ़ा दिए जाते हैं। लेकिन देश के लाखों चालक-मालिक—ट्रक, बस, मिनी ट्रक, टैक्सी, कैब, ऑटो, टेंपो और अन्य व्यावसायिक वाहन चालक—वर्षों से लगातार आर्थिक घाटे में काम कर रहे हैं। उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं देता।
डीज़ल, पेट्रोल और CNG की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। वाहन के स्पेयर पार्ट्स महंगे हो चुके हैं। टोल टैक्स का बोझ बढ़ता जा रहा है। चालान और जबरन वसूली की समस्या बनी हुई है। पार्किंग, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। दूसरी ओर किराए और भाड़े की दरें वर्षों से लगभग स्थिर हैं। परिणामस्वरूप चालक दिन-रात मेहनत करने के बावजूद अपने परिवार का सम्मानजनक जीवनयापन करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
हम किसी से भीख नहीं मांग रहे हैं। हम अपना अधिकार मांग रहे हैं। हम मांग करते हैं कि चालक और वाहन मालिकों के लिए उचित किराया एवं भाड़ा दरें तय की जाएं, ईंधन पर करों में राहत दी जाए, टोल शुल्क कम किए जाएं, चालकों के लिए सामाजिक सुरक्षा, बीमा, पेंशन और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं तथा उनके श्रम और सम्मान की रक्षा की जाए।
इन्हीं मांगों को लेकर 21, 22 और 23 मई को देशभर के चालक-मालिक राष्ट्रव्यापी चक्का जाम में भाग लेंगे। इस आंदोलन में ट्रक, बस, मिनी ट्रक, टैक्सी, कैब, ऑटो, टेंपो/मैजिक और सभी प्रकार के व्यावसायिक वाहन शामिल होंगे।
आइए, हम सब मिलकर संकल्प लें—एकजुट रहेंगे, अपना हक लेकर रहेंगे।
# # # हमारा नारा:
**मांग नहीं… यह हमारा हक है!**
**भीख नहीं – उचित मूल्य चाहिए!**
**मेहनत का उचित मूल्य दो, चालक का सम्मान दो!**
**21–22–23 मई – राष्ट्रव्यापी चक्का जाम सफल बनाएं!** #लखनऊ
17/05/2026
*भाई, तुम्हारा दर्द 100% सही है।*
धरना-प्रदर्शन Lucknow में कई बार हुए - चारबाग, हजरतगंज, विधानसभा के सामने। 2022, 2023 में बड़ी हड़ताल भी हुई थी। पर नतीजा वही ढाक के तीन पात 😔
# # # *सरकार क्यों नहीं सुनती? 3 कड़वी सच्चाई:*
1. *वोट बैंक नहीं हो तुम*: टैक्सी ड्राइवर 20-30 हजार हो Lucknow में। सरकार के लिए ये संख्या कम है। कंपनियां हजारों करोड़ टैक्स देती हैं, नौकरी के आंकड़े दिखाती हैं। इसलिए पलड़ा कंपनियों का भारी है।
2. *"फ्री मार्केट" का बहाना*: सरकार बोलती है - "हम प्राइवेट कंपनी का रेट तय नहीं कर सकते"। जबकि बस, ऑटो, टैक्सी का रेट यही सरकार तय करती है। Uber-Ola को छूट क्यों? क्योंकि *मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2020* में लूपहोल है।
3. *यूनियन बंटी हुई है*: Ola वाले अलग, Uber वाले अलग, ऑटो वाले अलग। 10 यूनियन हैं, 10 नेता हैं। सरकार सबको अलग-अलग बुलाकर ठंडा कर देती है।
# # # *"₹200 करोड़ CM को" वाली बात का सच:*
आज तक एक भी सबूत, एक भी जांच, एक भी ED/CBI केस नहीं हुआ। अगर पैसा गया होता तो विपक्ष हंगामा मचा देता। *ये अफवाह फैलाई जाती है ताकि तुम सिस्टम से लड़ने की बजाय "ऊपर सब सेट है" सोचकर हार मान लो।*
# # # *फिर भी उम्मीद मत छोड़ो। ये काम कर गया है दूसरी जगह:*
1. *बेंगलुरु*: 2023 में 2 दिन पूरी कैब बंद रखी। सरकार ने ₹30/किमी मिनिमम रेट लागू किया
2. *दिल्ली*: ड्राइवरों ने कोर्ट केस किया। हाई कोर्ट ने ₹16/किमी बेस फेयर ऑर्डर दिया
3. *हैदराबाद*: यूनियन ने डायरेक्ट CM से मिलकर बात की, सर्ज प्राइस पर कैप लगा
# # # *Lucknow में क्या कर सकते हो:*
1. *एक यूनियन*: Ola+Uber+Rapido सब मिलकर एक मंच बनाओ। 10 हजार ड्राइवर एक साथ 1 दिन बंद कर दो - शहर ठप, न्यूज बनेगी
2. *कोर्ट केस*: ₹22/किमी सरकारी रेट लागू करवाने के लिए हाई कोर्ट में PIL डालो। कई वकील फ्री में केस लड़ते हैं
3. *1076 पर रोज कॉल*: 1000 ड्राइवर रोज कंप्लेंट करें "14 घंटे में ₹100 बचत" - रिकॉर्ड बनेगा, मीडिया उठाएगी
*भाई, सरकार कंपनियों की सुनती है क्योंकि कंपनियां संगठित हैं। तुम लोग बंटे हो।*
13-14 घंटे चलाने के बाद धरने की ताकत नहीं बचती, समझता हूं। पर बिना लड़े ₹12/किमी से ₹22/किमी नहीं होगा। स्कूल फीस तो बढ़ती ही रहेगी।
*अगला धरना कब है?* और तुम्हारी यूनियन का नाम क्या है? शायद मैं कुछ कॉन्टैक्ट दिला सकूं जो लीगल हेल्प कर दें।
14/05/2026
🚖🔥 जब तक एकता नहीं करोगे…
अपने-अपने घमंड में घूमोगे… 😏
तो ऐसे ही नियम थोप दिए जाएंगे… ⚠️
और फिर मजबूरी में सब स्वीकार भी करने पड़ेंगे… 😶
और आखिर में झुकना भी पड़ेगा… 🚕💥
आज भी समय है…
एकता में ताकत है… ✊🔥
ड्राइवर की आवाज
13/05/2026
🚖😔 मोदी जी, driver तो पहले ही मुश्किल हालात में जी रहे हैं…
अब अगर “Work From Home” और Petrol-Diesel-LPG-CNG कम इस्तेमाल करने की बात होगी,
तो सबसे बड़ा असर taxi, auto और commercial driver भाइयों पर पड़ेगा।
देश में लाखों परिवार सिर्फ driving से अपना घर चला रहे हैं।
पहले ही किराया कम, commission ज्यादा, ऊपर से fuel महंगा…
और अब अगर फिर कभी lockdown जैसी हालत बनी तो driver आखिर कहाँ जाएंगे?
😔 जिस driver ने lockdown में भी लोगों को अस्पताल, रेलवे स्टेशन और घर तक पहुँचाया…
आज वही driver अपने भविष्य को लेकर परेशान है।
🚖 Driver कोई शौक से 12-14 घंटे सड़क पर नहीं रहता…
मजबूरी और परिवार की जिम्मेदारी उसे सड़क पर रखती है।
अगर देश में fuel कम इस्तेमाल करना है तो उसके साथ driverों के लिए भी कोई मजबूत योजना होनी चाहिए —
✅ Fair किराया
✅ Driver सुरक्षा
✅ Loan और EMI राहत
✅ Commercial drivers के लिए अलग support policy
क्योंकि…
देश की सड़कें driver चलाते हैं,
और driver रुके तो पूरा transport रुक जाएगा। 🚖🇮🇳
ड्राइवर की आवाज
10/05/2026
आज Bharat Taxi बड़ा खेल खेल रही है 😡
एक तरफ driver भाइयों से प्रचार-प्रसार करवाया जा रहा है…
Union leaders का इस्तेमाल किया जा रहा है…
Driverों से कहा जा रहा है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ो, promotion करो, membership बढ़ाओ…
लेकिन सबसे बड़ा सवाल 👇
जिन लोगों का taxi line से कोई लेना-देना नहीं…
जो कभी taxi चला ही नहीं पाए…
जिन्हें driver की मेहनत, खर्च और दर्द का पता ही नहीं…
वो लोग आज Bharat Taxi के member बनकर
driverों के भविष्य का फैसला कर रहे हैं ❗
और दूसरी तरफ driver को दिए जा रहे हैं
₹10–₹12 प्रति किलोमीटर जैसे rate 😳
क्या इतने rate में
गाड़ी की EMI, पेट्रोल/CNG, सर्विस, इंश्योरेंस, टायर और परिवार चल पाएगा?
असली driver आज भी संघर्ष कर रहा है
लेकिन ऊपर सिर्फ प्रचार और membership का खेल चल रहा है।
Driver को चाहिए सही किराया,
सम्मान और स्थायी कमाई…
ना कि सिर्फ promotion का दबाव 🚖✊
Taxi line का फैसला वही लोग करें
जो रोज सड़क पर मेहनत करते हैं।
ड्राइवर की आवाज
08/05/2026
🚨 “4 साल में 1.4 लाख करोड़ का घाटा…”
ये लाइन देखकर बहुत लोग खुश हो जाते हैं 😅
लेकिन सच ये है 👇
अगर कोई कंपनी सच में खत्म हो रही होती,
तो आज भी करोड़ों लोग उसकी ऐप इस्तेमाल नहीं कर रहे होते 🚖
सोशल मीडिया पर आधी खबर दिखाकर
लोगों को गुमराह करना बहुत आसान है…
लेकिन Ground Reality अलग होती है 💯
किसी भी कंपनी का पुराना घाटा दिखाने से पहले
उसकी आज की कमाई, मार्केट और Growth भी देख लो 📈
आज के समय में
जिस प्लेटफॉर्म पर Customer भी हो, Driver भी हो
और रोज लाखों Booking हो रही हों…
उसे “डूबती कंपनी” बोलना सिर्फ Viral Content हो सकता है 😏
सच्चाई हमेशा Headlines से बड़ी होती है 🔥
ड्राइवर की आवाज ,,, उबर कंपनी चोर है ड्राइवर का पैसा भी चुराती है और फिर भी घाटे में जाती है,,,
भाइयों कितना कमीशन दिया जाए इन कंपनियों को आरटीओ को और न जाने कब तक ड्राइवर इसी तरीके से अपना शोषण बर्दाश्त करता रहेगा ड्राइवर भाइयों आंखें खोलो नहीं तुम्हारे बच्चे भीख मांगेंगे रोड पर
अत्याचार की भी एक सीमा होती है
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