Jee Therapeutical
Many diseases can't be cured by medicines only. Psychological treatment is an answer to such disorde
नवरात्रि के पुण्य दिन चल रहे हैं। सनातन धर्मी , काफी लोग इन दोनों उपवास रखते हैं। मैंने भी पत्नी सहित नौ दिनों का वास रखा है लेकिन मैं देख रहा हूं कि हम व्रत पूजा तो बहुत करते हैं किंतु सामाजिक उत्तरदायित्व में बहुत पीछे रह जाते हैं । छोटी सी चीज है जो हम प्रायः करते हैं और जिस पर ध्यान भी नहीं देते हैं जिसको कहते हैं सड़क पर थूकना या सार्वजनिक स्थानों पर थूकना । जिसको जरा सी खाऺसी आती है वह थूक कर चला जाता है । विकसित देशों में सड़क पर थूकना मना ही नहीं है बल्कि अपराध है । अगर आप ऐसा करते हैं तो यह एक अपमानजनक स्थिति भी उत्पन्न करता है। वहां के लोगों ने इसको बहुत पहले समझ लिया है कि सड़क पर जो लोग थूकते हैं उस थूक से अन्य लोगों को तपेदिक/ टी बी जैसी भयानक बीमारी होने का अंदेशा रहता है। हमारी सरकार को इस विषय पर सोचना चाहिए और सड़क पर थूकने की जो आम समस्या है उससे निजात पाने का कोई ना कोई हल निकालना चाहिए और जो समझदार लोग हैं , धार्मिक लोग हैं , अच्छे लोग हैं उनको खुद भी सड़क पर नहीं थूकना चाहिए और दूसरों को भी समझऻना चाहिए कि वह इस तरह के सामाजिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन करें । आदर एवं शुभकामनाओं सहित, भारत भूषण गोयल
आत्म निर्भर भारत यदि हम अपने देश भारत को आत्म निर्भर बनाना चाहते हैं तो हमें अपने देश भारत के सभी गांवों / शहरो को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना होगा। हमारा देश भारत एक धर्म एवं संस्कृति प्रधान देश है जिसमें मंदिर एक बहुत अहम भूमिका निभाता है । मैं एक दृष्टांत के रूप में आपको यह बताना चाहता हूं कि जिला बाराबंकी के गढ़ी गांव में 2005 में हमने सर्वे किया तो पाया कि गांव की पर कैपिटा इनकम बहुत कम है और विश्लेषण करने पर पाया कि गांव के लोग अक्सर झगड़ों में उलझे रहते हैं जिसका कारण मुख्य रूप से यह है कि पहले बच्चे लड़ते हैं फिर उन बच्चों के कारण औरतें आपस में लड़ने लगती थी और फिर गांव के आदमी आपस में गुटबंदी कर लेते थे और झगड़ा करते थे। हमने सन 2007 में वहां एक मंदिर का निर्माण कराया , जिसके पश्चात गांव की औरतें मंदिर में भजन कीर्तन करने लगी, जो औरतें पहले लड़ती थी वह आपस में अब प्रेम और सद्भाव के साथ एक दूसरे से व्यवहार करने लगी जिससे उनके झगड़े समाप्त हो गए और उसके कारण गांव में जो गुटबन्दी थी वह भी कम हो गई और गांव के लोग अपना ध्यान अपनी खेती में देने लगे और उसका परिणाम यह निकला कि सब लोगों की कमाई बढ़ गई और परकैपिटा इनकम भी गांव वालों की बढ़ गई। इसका एक जवलन्त उदाहरण अयोध्या जी में श्री राम मंदिर का निर्माण भी है। मंदिर निर्माण के बाद पूरे इलाके की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत हो गई है क्योंकि वहां रोजगार के अवसर बहुत बढ़ गए हैं। महासमिति सरकार से वरिष्ठ नागरिकों के हितों हेतु समय-समय पर वार्ता करती है यदि सरकार द्वारा यह सुनिश्चित कर दिया जाए की राम मंदिर अथवा इस तरह के जो बड़े मंदिर है उनमें वरिष्ठ लोगों के लिए अलग से दर्शन की व्यवस्था हो और विशेष तौर पर इस तरह की व्यवस्था हो जैसे की वी आई पी दर्शन करने वालों के लिए होती है तो उससे ज्यादा वरिष्ठ नागरिक मंदिरों में दर्शन करने के लिए जा सकेंगे हैं और उससे निश्चित थी देश की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा । यदि हम वरिष्ठ लोग शहरों या गांव में बने मंदिरों में जाकर स्वयं अनुशासन में रहते हुए भगवान के दर्शन एवं प्रसाद लाइन में लगकर अनुशासित रूप में करें और दूसरे लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें तो यह भी देश और समाज के लिए बहुत बड़ी सेवा होगी जिससे समाज मे सकारात्मक प्रति स्पर्धा का उदय होगा और आत्मनिर्भरता की तरफ एक कदम आगे बढ़ जाएगे। भारत भूषण गोयल
निर्धन ग्रामीण कल्याण समिति,महामना मालवीय मिशन, लखनऊ के तत्वावधान में चल रहे ग्रामीण उत्थान कार्यक्रम के अंतर्गत निर्धन ग्रामीण कल्याण समिति के पदाधिकारी विशेषकर श्री सीपी सिंह जी के नेतृत्व में अनेक गांवों में नशा मुक्ति के संबंध में ग्रामीणों के मध्य अनेकों बार संवाद किए गए, उन्हें समझाया गया कि नशा, बचत का दुश्मन है, नशा, बीमारी का मित्र है । नशे से घर में निर्धनता आती है और बीमारी पैदा होती है। अतः अनेक बार निर्धन ग्रामीण कल्याण समिति द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे लोगों को यह आगाह किया गया कि नशे की लत से दूर रहे , यदा कदा कभी शादी विवाह में अगर कोई थोड़ा बहुत नशा कर लेता है वह एक अलग बात है लेकिन जो लोग नियमित नशा कर रहे हैं वह अपने ही नहीं अपने परिवार के भी दुश्मन है । यह संदेश बार-बार ग्रामीणों के बीच दिया जाता रहा है और भविष्य मे भी यह प्रयास जारी रहेगा। भारत भूषण गोयल, संयोजक, निर्धन ग्रामीण कल्याण समिति, महामना मालवीय मिशन, लखनऊ
Having good health is a wish of all but how many try to make them healthier.
For good health, keep your body and mind busy.
Do exercises everyday.
Be positive for better health
Mental health is as important as physical health.
The dominant message we receive from those who show us how the world works is that trauma is the realm of the broken, damaged and defeated.
They say that it only relate to those who have lived in a war zone or experienced a random act of violence or for those who have been sexually abused or suddenly lost someone they loved.
Not true. (And no human is broken ; we all are just wounded to various degrees)
( courtesy: Robin Sharma)
Learn how to heal these wounds by different yogic kriyas and Meditation.
Deep emotional clearing practice will make you more healthy and guarantee that you can unleash your fullest vitality and health in due course of time.
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