M.U.T Ayurvedic Hospital
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(Jeene ki raah)
पंचकर्म के द्वारा सभी प्रकार के रोगों का इलाज किया जाता है बिना ऑपरेशन बवासीर का। इलाज किया जाता है भगंदर फिशर ...शुगर बीपी लिकोरिया गठिया
लकवा
13/10/2025
कैंसर...
8 सालों में 87 फीसदी भारतीयों को हो जाएगा कैंसर
आंकड़े बताते है कि भारत कैंसर की सुनामी के मुहाने पर है भारत 2022 में कैंसर रोग के कारण 8 लाख से भी ज्यादा लोग मर चुके है (डब्ल्यूएचओं)ने एडवाइजरी जारी कर के कहा है कि ,2025 तक 87 फीसदी भारतीय कैंसर का शिकार हो सकते है स्वास्थ संगठन की ओर एडवाइजरी में कहा गया है कि भारत में बाजारों मै बिक रहे दूध मे मिलावट है इस दूध को
इस दूध को पीने से कैंसर होने का खतरा है
भारत में बिकने वाला 68.7फीसदी दूध मिलावटी है
उधर विस्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार यदि
जैविक खेती नहीं अपनाई गई तो भारत में 85 प्रतिशत
जनता कैंसर से पीड़ित होगी
08/10/2025
Arjun Chaal Benefits: अर्जुन वृक्ष (टर्मिनलिया अर्जुन) को भारतीय आयुर्वेद में हृदय रोगों का सबसे प्रभावी और प्राचीन उपचार माना जाता है. इसकी छाल को आयुर्वेदिक ग्रंथों में हृदयबलवर्धक और धमनियों को शुद्ध करने वाला बताया गया है. आज के समय में जब हृदय रोग जैसे हार्ट अटैक, ब्लॉकेज, हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल लाखों लोगों की जिंदगी को प्रभावित कर रहे हैं, ऐसे में अर्जुन छाल एक सस्ता, सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्प माना जा रहा है.
यह पेड़ नदियों के किनारे अधिक पाया जाता है. इसकी छाल औषधीय गुणों से भरपूर होती है. इसमें टैनिन्स, सैपोनिन्स, फ्लावोनॉयड्स, एंटीऑक्सीडेंट्स और को-एंजाइम क्यू10 जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो हृदय की मांसपेशियों को मजबूत बनाने, ब्लॉकेज को रोकने और रक्त प्रवाह को सही रखने में मदद करते हैं.
07/10/2025
कालमेघसव एक आयुर्वेदिक औषधि है जो सभी प्रकार के ज्वर, मलेरिया, टाइफाइड, पीलिया और जलोदर के उपचार में उपयोगी है। कालमेघसव यकृत की सुरक्षा और यकृत एवं प्लीहा के समुचित कार्य में प्रभावी है। यह वात और पित्त को शांत करने में मदद करता है, पाचन में सुधार करता है और सभी धातुओं का पोषण करता है।
19/09/2025
* माइग्रेन, डिप्रेशन, सिर दर्द, तनाव, नींद न आना और दिमाग का कोई भी रोग
* जोड़ों का दर्द, कमर दर्द, गठिया, स्लिप डिस्क, फ्रोजन शोल्डर
* PCOD/PCOS, Hormonal Imbalance, Male-Female Infertility
* किडनी फेल, लिवर फेल, कैंसर, हार्ट प्रोब्लम
06/04/2025
वेरीकोज वेन तब होती हैं जब नसों के वाल्व ठीक से काम नहीं करते, जिससे रक्त का प्रवाह बाधित होता है और नसों में दबाव बढ़ जाता है.
यहाँ कुछ और कारण दिए गए हैं जो वेरीकोज वेन का कारण बन सकते हैं:
कमज़ोर या क्षतिग्रस्त नसों की दीवारें और वाल्व:
नसों की दीवारें और वाल्व कमजोर होने पर रक्त को जमा होने और पीछे की ओर बहने का कारण बन सकते हैं.
लंबे समय तक खड़े रहना या बैठना:
लंबे समय तक खड़े रहने या बैठने से पैरों की नसों में दबाव बढ़ सकता है.
वजन बढ़ना:
अधिक वजन होने से भी पैरों की नसों पर दबाव बढ़ सकता है.
आनुवंशिकता:
यदि आपके परिवार में किसी को वेरीकोज वेन की समस्या है, तो आपको भी इसका खतरा हो सकता है.
गर्भावस्था:
गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल बदलावों के कारण भी वेरीकोज वेन हो सकती हैं.
उम्र:
उम्र बढ़ने के साथ नसों की दीवारें कमजोर हो सकती हैं.
रक्त के थक्के:
रक्त के थक्के जमने से नसों की दीवारें या वाल्व क्षतिग्रस्त हो सकते हैं.
निष्क्रिय जीवनशैली:
व्यायाम की कमी से भी वेरीकोज वेन का खतरा बढ़ सकता है.
हार्मोनल थेरेपी:
कुछ हार्मोनल थेरेपी, जैसे कि मौखिक गर्भनिरोधक या हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी, भी वेरीकोज वेन का कारण बन सकती हैं.
लक्षण:
पैर या टांगों में दर्द, सूजन, खुजली या भारीपन
पैर की त्वचा पर नीली या बैंगनी रंग की नसें
पैर में ऐंठन
त्वचा में रंग परिवर्तन
त्वचा पर चकत्ते या फफोले
उपचार:
जीवनशैली में बदलाव:
नियमित व्यायाम, वजन कम करना, और लंबे समय तक खड़े रहने या बैठने से बचना.
कम्प्रेशन स्टॉकिंग्स:
ये नसों में रक्त के प्रवाह को बेहतर बनाने में मदद कर सकती हैं.
सर्जरी:
कुछ मामलों में, सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है.
अन्य उपचार:
लेजर थेरेपी, रेडियोफ्रीक्वेंसी थेरेपी, और स्केलेरोथेरेपी.
06/04/2025
गुदा फिशर या गुदा विदर के लक्षण ये हैं:
मल त्याग के दौरान या बाद में तीव्र दर्द होना
मल त्याग के बाद मल या टॉयलेट पेपर पर चमकीला लाल रक्त दिखना
गुदा के आस-पास की त्वचा में दरार दिखना
गुदा के आस-पास जलन, खुजली, या चुभन होना
गुदा के आस-पास त्वचा का टैग या गांठ होना
कब्ज़ या मल त्याग में कठिनाई
गुदा ऐंठन
मल त्याग के बाद दर्द कई घंटों तक रहना
गुदा विदर के कारण: पुरानी कब्ज़, कठोर मल का निकलना, यौन संचारित संक्रमण जैसे कि सिफ़िलिस या हर्पीस, एनल स्फ़िंक्टर की मांसपेशियां असामान्य रूप से टाइट होना, वृद्ध लोगों में रक्त संचार धीमा होना.
गुदा विदर के इलाज के लिए: फ़ाइबर युक्त आहार लेना, सही उपचार और जीवनशैली में बदलाव करना, सर्जरी.
अगर आपको संदेह है कि आपको फिशर है, तो अपनी स्थिति के लिए सर्वोत्तम उपचार दृष्टिकोण पर चर्चा करने के लिए स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से परामर्श करना चाहिए.
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