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गाय का सत्ता में रहकर कैसे गाय के नाम पर चंदा लिया जाए और विपक्ष में रहकर गाय के नाम पर कैसे राजनीति की जाती हैं। यह बीजेपी से अच्छा कोई नहीं जानता है।
#गायमाता
02/06/2026
1 जून 2026 को बिजली के निजीकरण का विरोध प्रदर्शन किया। ओर उसकी फोटो व खबर।
01/06/2026
मोदी राज में आज भारत पर दुनिया का सबसे ज्यादा कर्ज लेने वाला देश भारत बन चुका है भाइयों अब सबको महसूस होने लगा है कि खोखला विकास कैसे हो रहा है। देश में आर्थिक मंदी और महंगाई इस कदर है कि अंध भक्तों को नजर ही नहीं आती है।
01/06/2026
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी
जिला कमेटी मुरादाबाद
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पत्रांक -- दिनांक :- 01 जून 2026
प्रेस विज्ञप्ति
बिजली के निजीकरण और स्मार्ट मीटर के खिलाफ
मुख्य अभियंता पश्चिमांचल विद्युत वितरण खण्ड
मुरादाबाद को सौंपा ज्ञापन
बिजली के निजीकरण और स्मार्ट मीटर लगाए जाने के खिलाफ प्रदेशव्यापी आवाहन के तहत आज दिनांक 01 जून को भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी, उत्तर प्रदेश किसान सभा, खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन एवं सी आई टी यू द्वारा मुख्य अभियन्ता पश्चिमांचल विद्युत वितरण खण्ड मुरादाबाद मंडल मुरादाबाद के कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन करते हुए महामहिम राज्यपाल को संबोधित 11 सूत्रीय मांग पत्र मुख्य अभियंता को सोपा गया.
प्रदर्शन के दौरान सी पी आई एम के जिला सचिव कामरेड थान सिंह, किसान सभा के जिला अध्यक्ष कासिम अली, खेत मजदूर यूनियन के जिला सचिव महिपाल सिंह और सीटू के जिला सचिव चमन आरा ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि लोगों के रोजमर्रा के कामों को पूरा करने के लिए बिजली एक बहुत बड़ी जरूरत है, इसी हकीकत को देखते हुए देश की आजादी के बाद तत्कालीन केंद्र सरकार ने 1948 में जो पहला बिजली कानून बनाया, उसमें देश के लोगों को बिजली उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी तय की गई और व्यवस्था की गई कि बिजली से एक पैसा भी मुनाफा नहीं कमाया जाएगा बिजली बिना हानि और लाभ के जनता को उपलब्ध कराई जाएगी.
लेकिन वर्तमान केन्द्र सरकार बिजली संशोधन विधेयक 2025 संसद में पेश कर चुकी है, जिसके तहत बिजली को निजी क्षेत्र के कारपोरेट घरानों के हवाले करने की तैयारी है, अब बिजली नो प्रॉफिट नो लॉस के सिद्धांत से हटकर, महंगी दरों पर निजी लाभ के लिए जनता को बेची जाएगी और स्मार्ट मीटर जैसी नई तकनीक का इस्तेमाल करते हुए आम जनता की लूट और कर्मचारियों का शोषण किया जायेगा . इसीलिए हम स्मार्ट मीटर लगाए जाने की प्रक्रिया का विरोध करते हैं, क्योंकि अब बिजली की सप्लाई को कम्पनियो के दफ्तर में बैठकर ही डिजिटल तरीके से नियंत्रित किया जायेगा, जहां जन समस्याओं की कोई सुनवाई नहीं होंगी. किसी कारण से बिजली कटने पर दोबारा चालू करना कंपनी की मर्जी पर होगा और चालू करने का पैसा भी जनता से वसूला जाएगा. स्मार्ट मीटर के जरिए पीक आवर्स में बिजली की ऊँची दरें वसूली जाएंगी, जो गरीब जनता पर बहुत भारी बोझ होगा. स्मार्ट मीटर लगने के बाद विभाग में काम कर रहे मीटर रीडर और बिलिंग कर्मचारियों की छटनी से लाखों लोग बेरोजगार हो जाएंगे और उनके परिवारों की रोजी-रोटी छिन जाएगी.
स्मार्ट मीटर को लेकर हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जो फैसला लिया गया वो जनता को गुमराह करने वाला है. जिसके तहत स्मार्ट मीटर को प्रीपेड से पोस्टपेड में बदला जा रहा है, उससे बिजली उपभोक्ताओं को कोई लाभ नहीं होगा, क्योंकि भुगतान का तरीका बदलने से ना तो स्मार्ट मीटर की रफ्तार कम होगी और ना ही बिजली मूल्य दरों में कोई कमी होगी. बिल भुगतान का तरीका चाहे प्रीपेड हो या पोस्टपेड इसमें जनता के पैसे की लूट तो उतनी ही होनी है. भुगतान का तरीका बदलना जनता को राहत देने के लिए कोई कारगर उपाय नहीं है. इसी के साथ उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन ने पहले तो स्मार्ट मीटर को पोस्टपेड से प्रीपेड में बदलने के लिए बिजली उपभोक्ताओं की सिक्योरिटी की धनराशि को हड़प लिया, अब फिर प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड में बदलते समय सिक्योरिटी के नाम पर उपभोक्ताओं से पैसा वसूला जाएगा. इस तरह से पावर कारपोरेशन ने उपभोगताओं के करोड़ों रुपए हड़प लिए. इसका मतलब स्मार्ट मीटर जनता की लूट का जरिया है. जनता के हित में स्मार्ट मीटर को लगाए जाने की योजना को वापस लिया जाना चाहिए.
इसके अलावा पावर कारपोरेशन द्वारा इसी महीने से बिजली बिल में ईंधन अधिभार के नाम पर 10 प्रतिशत बढ़ोतरी की गयी है, जो गरीब जनता पर अतिरिक्त बोझ होगा.
इन सभी तथ्यों को देखते हुए ज्ञापन के जरिये महामहिम राज्यपाल से मांग की गयी है कि -
01- स्मार्ट मीटर लगाए जाने की प्रक्रिया को तुरंत रोका जाए.
02- जिन उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लग चुके हैं उन्हें उखाड़ कर पुराने साधारण मीटर ही लगाए जाएं.
03- मीटर लगाने और उखाड़ने का खर्च कंपनी अथवा बिजली विभाग खुद वहन करें, इसको उपभोक्ता पर ना डाला जाए.
04- स्मार्ट मीटर लगाने से जिन बिजली उपभोक्ताओं को आर्थिक हानि हुई है, उसकी पूर्ति कंपनी या सरकार द्वारा की जाए.
05- किसानों के ट्यूबवेलों पर बिना मीटर निशुल्क बिजली सप्लाई 24 घंटे नियमिकी जाए.
06 - ग्रामीण क्षेत्र में घरेलू बिजली सप्लाई पहले की तरह बिना मीटर 24 घंटे उपलब्ध कराई जाए.
07 - शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के सभी घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट बिजली फ्री दी जाए.
08 - ईंधन अधिभार के नाम पर 10% की बढ़ोतरी किये जाने का फैसला तुरन्त वापस लिया जाए.
09 - बिजली विभाग में सरकारी कर्मचारियों की भर्ती की जाए तथा संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मियों को बिजली कर्मचारी घोषित कर उन्हें स्थाई किया जाए.
10 - बिजली का निजीकरण करना बंद किया जाए और बिजली संशोधन विधेयक 2025 वापस लिया जाए.
11 - सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाई जाए और प्राकृतिक संसाधनों की बिक्री बंद की जाए.
12 - महानगर मुरादाबाद के वार्ड संख्या 11 गागन वाली मैनाठेर में आए दिन तारों में फाल्ट होने के कारण बिजली की कटौती होती रहती है, क्षेत्र के लाइनमैन और जूनियर इंजीनियर जनता की समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं देते हैँ. आपसे निवेदन है कि मैनाठेर में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा जिम्मेदार
लाइनमैन एवं जूनियर इंजीनियर की तैनाती की जाय.
इस मौके पर किसान सभा के जिला अध्यक्ष कासिम अली, जिला सचिव त्रिमल सिंह, खेत मजदूर यूनियन के जिला सचिव महिपाल सिंह और अध्यक्ष शाकिर हुसैन, सीटू के जिला अध्यक्ष एच एन मिश्रा तथा सी पी आई एम के जिला सचिव कामरेड थान सिंह सहित कामरेड चंद्रपाल सिंह आजाद, जाबिर हुसैन, वीर सिंह, गुलशेर अली, शरीफ अहमद, एस पी सिंह, महिपाल सिंह, बृजपाल सिंह एडवोकेट, बृजराम सिंह, नाजिम पाशा, आसिम पाशा, हाजी मुस्तलिब, दानिश, याक़ूब सैफी, फैजान, शाकिर, नासिर, अहमद रजा, नारायन सिंह, गजराम सिंह. श्यामलाल सरवती देवी, शिवा, जागन सिंह आदि ने भी अपने विचार रखे.
भवदीय
(थान सिंह ) ( कासिम अली )
जिला सचिव जिला अध्यक्ष
सी पी आई एम उत्तर प्रदेश किसान सभा
29/05/2026
⚖️ “कानून सबके लिए बराबर है” —
ये लाइन अब देश में बीजेपी सरकार के लिए सबसे बड़ा राजनीतिक जोक बन चुकी है। 🤡📺
एक तरफ़ —
🚨 बलात्कार और हत्या के मामलों में दोषी ठहराया गया गुरमीत राम रहीम
➡️ 2017 से अब तक 16 बार जेल से बाहर!
➡️ कुल 400+ दिन “अस्थायी छुट्टी” पर!
➡️ हर चुनाव से पहले पैरोल… हर राजनीतिक मौसम में फरलो! 🗳️🚔
📌 कभी हरियाणा चुनाव…
📌 कभी पंजाब चुनाव…
📌 कभी लोकसभा चुनाव…
📌 कभी “जन्मदिन मनाने” के लिए छुट्टी! 🎂
और दूसरी तरफ़ —
⛓️ उमर खालिद पाँच से अधिक सालों से बिना ट्रायल जेल में।
⛓️ शर्जील इमाम 2020 से अंदर।
⛓️ भीमा कोरेगांव केस में लोग 7-8 साल से जेल में सड़ रहे हैं — बिना दोष सिद्ध हुए। 🏛️
यानी साफ़ संदेश:
👉 जिन पर “विचार” का आरोप है — उन्हें बेल नहीं।
👉 जिन पर रेप और हत्या का दोष सिद्ध है — उन्हें बार-बार “आध्यात्मिक अवकाश”। 🧘♂️🚪
वाह रे न्याय! 👏⚖️
📜 UAPA में अदालत कहती है:
“पहली नज़र में आरोप सही लग रहे हैं, इसलिए बेल नहीं।”
लेकिन चुनावी मौसम में राम रहीम पर शायद कानून की “पहली नज़र” धुंधली हो जाती है। 😶🌫️🗳️
🚨 देश में अब न्याय का नया सिद्धांत लागू है:
✅ अगर सत्ता के लिए उपयोगी हो — तो पैरोल ही पैरोल।
❌ अगर सत्ता से सवाल पूछो — तो जेल ही जेल।
और फिर टीवी पर बहस होती है:
📺 “लोकतंत्र खतरे में है या नहीं?”
लोकतंत्र खतरे में नहीं है साहब…
लोकतंत्र को VIP जेल सुविधा में बदल दिया गया है। 🚔🏛️
#लोकतंत्र
#न्याय
#राजनीति
24/05/2026
मुरादाबाद - कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) मुरादाबाद का जिला स्तर का एक दिवसीय शिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। " वर्तमान परिस्थितियों मे कम्युनिस्ट आंदोलन की भूमिका और उसका भविष्य" विषय पर शिक्षण कार्य पार्टी के राज्य सचिवमंडल सदस्य कामरेड डीपी सिंह ने किया। इस अवसर पर पार्टी सचियंडल सदस्य, चंद्रपाल सिंह, राज्य कमेटी सदस्य व जिला सचिव कामरेड थान सिंह सहित मुरादाबाद जिले के पार्टी कार्यकर्ताओं ने मौजूद रहे।
14/05/2026
जबरदस्त बहादुरी, जय हो मैडम की
लेकिन 2021 में आपने शिलालेख कैसे चेंज किया, 2023 का तो जचता है 😜😜🤔🤔🇮🇳🇮🇳
゚ ゚ Highlights
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