court ka kanoon

court ka kanoon

Share

Always welcome to all of you

06/04/2026

Your Choice..?

05/04/2026

दोस्तों ये मेरी वो असली जिंदगी की घटना है जिसे मैं सालों से अपने सीने में छुपाए रखना चाहता था लेकिन आज दिल की बात निकालकर शेयर कर रहा हूं एक हॉट देसी स्टोरी जो मेरी Girlfriend चुदाई कहानी बन गई है और ये पूरी तरह से सच्ची देसी हिंदी सेक्स कहानी है जो मेरे साथ घटी। मेरा नाम विक्रम है।

मैं लखनऊ का रहने वाला हूं और पिछले तीन सालों से कामुक कहानियां पढ़ता आ रहा हूं इसलिए सोचा कि अपनी इस अनुभव को आप सबसे शेयर कर दूं। अब ज्यादा समय न लेते हुए सीधे अपनी कहानी पर आता हूं। ये कहानी थोड़ी लंबी है लेकिन मुझे पूरा यकीन है कि आप सभी को ये बहुत पसंद आएगी। मैं लखनऊ के एक प्राइवेट डिग्री कॉलेज में लेक्चरर हूं और इस नौकरी को दो साल हो चुके हैं। मेरी उम्र 27 साल है और दिखने में मैं काफी आकर्षक लगता हूं जैसा मेरे दोस्त हमेशा कहते हैं। मुझे जिम जाना बहुत पसंद है इसलिए मेरा शरीर फिट और मजबूत है और मैं फिजिक्स पढ़ाता हूं। जिस क्लास में मैं पढ़ाता हूं उसमें करीब 35 लड़के और 22 लड़कियां हैं और कॉलेज के बाद मैं अपने घर पर प्राइवेट ट्यूशन भी लेता हूं।

प्रिया नाम की एक लड़की मेरी क्लास में थी और वो दिखने में बेहद खूबसूरत थी। उसकी उम्र 21 या 22 के आसपास होगी फिगर 36-30-34 का था वो एकदम सेक्सी गोरी चमकदार थी। पहले मैं उसे कभी गलत नजर से नहीं देखता था लेकिन कॉलेज के पहले साल के इंटरनल टेस्ट के बाद पता चला कि कई बच्चे फिजिक्स में फेल हो गए हैं लेकिन मेरी क्लास के सिर्फ चार या पांच बच्चे ही फेल हुए थे और उनमें प्रिया भी शामिल थी। सबको पता है कि मैं फिजिक्स बहुत अच्छा पढ़ाता हूं इसलिए प्रिया एक दिन मेरे पास आई और बोली कि सर मुझे किसी भी तरह पास करा दो इसके लिए मैं कुछ भी करने को तैयार हूं। उस दिन वो सफेद रंग की टाइट शर्ट और जीन पैंट पहने आई थी जिसमें उसकी कमर नजर आ रही थी और शर्ट टाइट होने से उसके बूब्स ऊपर उठकर और भी आकर्षक लग रहे थे।

जब वो बात करते हुए मेरे सामने झुकी तो उसके बड़े बूब्स देखकर मेरी नियत खराब हो गई और मेरा लंड पैंट के अंदर छटपटाने लगा। मैंने सोचा कि इसे घर बुलाकर फायदा उठाता हूं और उससे कहा कि तुम एक काम करो मेरी कोचिंग में तो बहुत बच्चे हैं इसलिए तुम पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाऊंगा तो तुम रात को क्लास खत्म होने के बाद नौ से ग्यारह बजे तक मेरे घर आया करो। मैंने उस दिन उसके घर जाकर उसके पिताजी से भी बात कर ली। उस दिन उसकी कमर और बूब्स के ख्याल से मैंने तीन बार मुठ मारी और अब वो रोज मेरे घर आने लगी थी जहां मैं उसे पढ़ाया करता था। मैं उस पर चांस मारना चाहता था लेकिन इधर उधर हाथ लगाने के अलावा कुछ आगे नहीं बढ़ पा रहा था।

एक दिन जब प्रिया मेरे घर आने वाली थी तो मैंने जानबूझकर अपने रूम का दरवाजा खुला छोड़ दिया और कंप्यूटर पर ब्लू फिल्म चला दी थोड़ी ज्यादा आवाज में और अपनी पैंट उतारकर लंड को हिला रहा था। तभी प्रिया अंदर आई और मुझे ढूंढते हुए मेरे कमरे तक पहुंच गई उसे अजीब सी आवाजें सुनाई दीं तो उसने दरवाजा थोड़ा खोला और देखने लगी। मैं शीशे से उसे देख रहा था और वो मेरे सात इंच के लंड को घूर रही थी उसका पूरा शरीर अजीब हो रहा था और वो अपनी चूत सिकोड़ने लगी। मुझे लगा कि अब उसकी चूत गीली हो गई है और अगर मैं इसे प्यासा तड़पता छोड़ दूं तो वो खुद मुझसे चुदवाने आएगी। मैंने कंप्यूटर बंद कर दिया और वो झट से भाग गई।

पांच मिनट बाद मैं स्टडी रूम में गया और बोला कि माफ करना मैं सो गया था नींद की वजह से देर हो गई। उसने कहा कोई बात नहीं सर और उसके बाद से उसकी मेरे साथ बातचीत बदल गई। वो दिन ब दिन अपने बदन को मेरे सामने नए तरीके से दिखाने लगी और किसी न किसी बहाने से मेरे बदन को छूने की कोशिश करने लगी। फिर एक दिन उसने मुझसे पूछा कि सर क्या आपकी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है तो मैंने कहा नहीं मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है। उसने मेरी बात पर विश्वास नहीं किया और बोली ऐसा हो ही नहीं सकता आप इतने अच्छे लगते हो तो आपकी गर्लफ्रेंड कैसे नहीं हो सकती। मैंने कहा कि मुझे आज तक तुम्हारी तरह कोई खूबसूरत लड़की नहीं मिली इसलिए गर्लफ्रेंड नहीं बनाई। वो शर्मा गई और फिर मैंने एक हाथ उसकी पीठ पर और दूसरा जांघ पर रख दिया वो कुछ नहीं बोली।

उसके जाने के बाद मैंने ठान लिया कि कल शनिवार है और मैं उसे मौका देखकर चोदकर ही रहूंगा। जब वो आई तो मैंने कहा कि मेरा बदन बहुत दर्द कर रहा है क्या तुम मेरी थोड़ी मालिश कर दोगी। वो तुरंत मान गई लेकिन बोली कि मैंने आज सफेद ड्रेस पहनी है और मालिश से खराब हो जाएगी। मैंने कहा कोई बात नहीं तुम एक टॉवल पहन लो और मालिश कर दो। थोड़ी देर सोचने के बाद वो मान गई मैं अंदर गया अंडरवियर पहनकर आ गया। वो मेरे पैरों की मालिश कर रही थी उसके गोरे जिस्म पर काली ब्रा की डोरी साफ दिख रही थी और गोरी दूध जैसी जांघें देखकर मेरा लंड अंडरवियर फाड़कर बाहर आने को बेताब था। वो मालिश करते वक्त बार बार मेरा लंड देख रही थी और हाथ घुमा रही थी।

फिर उसने कहा सर आपका यह इतना बड़ा क्यों हो रहा है अभी तो छोटा था। मैंने अनजान बनकर पूछा क्या। वो शरमाई मैंने कहा शरमाओ मत बोलो क्या कह रही थी। वो इशारा करके बोली आपका लंड अभी बहुत छोटा था और अब बड़ा ऐसा क्यों। मैंने सोचा लड़की फंस गई है और इसे जाने नहीं देना चाहिए मैंने कहा मुझे भी पता नहीं ना जाने क्यों तुम्हें देखने के बाद इसमें दर्द होने लगा और अब तो ये तुम्हारे स्पर्श से और उत्तेजित हो रहा है। वो और शर्मा गई लेकिन उसकी सांसें तेज हो गई थीं। मैंने उसे पास खींच लिया और उसके होंठों पर किस किया वो थोड़ा प्रतिरोध कर रही थी लेकिन फिर पूरी तरह से मुझमें घुल गई।

मैंने उसके कपड़े उतारने शुरू किए टॉवल हटाया ब्रा खोली और उसके बड़े बूब्स बाहर आ गए मैंने उन्हें चूसा और दबाया वो आहें भरने लगी। फिर मैंने उसकी पैंटी उतारी और उसकी चूत को देखा जो पहले से गीली थी। मैंने कहा प्रिया आज मैं तुम्हें पूरी तरह से अपनी बना लूंगा वो बोली सर मैं भी चाहती हूं लेकिन प्लीज धीरे से। मैंने सोचा कि चुदाई और मजेदार बनाने के लिए देसी घी का इस्तेमाल करूंगा क्योंकि वो नैचुरल लुब्रिकेंट है। मैंने किचन से देसी घी का जार लाया और उसकी चूत पर अच्छे से लगाया फिर अपने लंड पर भी मल दिया। घी लगाते ही उसकी चूत चमक उठी और मेरा लंड और भी स्लिपरी हो गया।

मैंने उसे बेड पर लिटाया और उसके पैर फैलाकर अपनी लंड की नोक उसकी चूत पर रखी धीरे से दबाया तो घी की वजह से आसानी से अंदर चला गया वो चीख उठी लेकिन दर्द के साथ मजा भी ले रही थी। मैंने चोदना शुरू किया पहले धीरे धीरे फिर तेजी से वो चुदवाती हुई बोली सर और जोर से चोदो मेरा लंड पूरी तरह से उसकी चूत में घुस रहा था घी की वजह से आवाजें और भी जोर से आ रही थीं। हम दोनों पसीने से तर थे मैं उसके बूब्स दबाते हुए उसे चोद रहा था वो मेरी पीठ पर नाखून गड़ाए हुए थी।

कुछ देर बाद मैंने पोजीशन बदली उसे घुटनों के बल खड़ा किया और पीछे से लंड डाला घी अभी भी काम कर रहा था मैं तेजी से चोदते हुए उसके बाल पकड़ रहा था वो चीख रही थी सर आपका लंड बहुत मोटा है मुझे पूरा चोद दो। मैंने उसे चोदते चोदते कहा प्रिया अब तुम मेरी गर्लफ्रेंड हो जाओगी वो हां में सिर हिलाती रही। हम दोनों का क्लाइमेक्स आ गया मैंने उसके अंदर झड़ दिया घी और वीर्य मिलकर बहने लगा।

उसके बाद हम थोड़ी देर लेटे रहे फिर दोबारा शुरू किया इस बार मैंने घी और लगाया और उसे ऊपर बैठाकर चुदवाया वो खुद ऊपर नीचे हो रही थी और चुदाई का मजा ले रही थी। रात के ग्यारह बज गए लेकिन हम रुके नहीं मैंने उसे तीन बार चोदा हर बार देसी घी लगाकर ताकि चूत बिना दर्द के पूरी तरह से भर जाए। वो चुदक्कड़ बन गई थी और कह रही थी सर अब रोज चोदना मुझे।

उस दिन के बाद से हमारी चुदाई नियमित हो गई मैं उसे घर बुलाता देसी घी लगाकर चोदता और वो भी पूरी तरह तैयार रहती। कभी कॉलेज के बाद कभी रात को हम लंड और चूत की चुदाई करते रहते। ये मेरी जिंदगी की सबसे हॉट याद है जो मैं हमेशा छुपाए रखना चाहता था लेकिन आज शेयर कर दी।

तो दोस्तों ये थी प्रिया स्टूडेंट की चुदाई कहानी जिसमें देसी घी ने पूरा खेल बदल दिया। अगर आपको ये कहानी पसंद आई तो कमेंट में जरूर बताना और अपनी स्टोरी भी शेयर करो

02/01/2025

Want your business to be the top-listed Beauty Salon in Mumbai?
Click here to claim your Sponsored Listing.

Category

Website

Address


Mumbai
400093