Dr Mukhtar Alam
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⭐Post Graduate in Ayurveda Medicine & Surgery
🇮🇳 Government Medical Officer
07/06/2025
01/06/2025
23/04/2025
Know your Nutritional importance of dietary fruits⭐
22/04/2025
Yoga for a Healthy Heart ❤️
22/04/2025
World Earth Day
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वमन , पंचकर्म की एक प्रमुख प्रक्रिया है, जो मुख्य रूप से कफ दोष की शुद्धि के लिए की जाती है। वसन्त ऋतु में कफ दोष स्वाभाविक रूप से बढ़ता है, इसलिए इस ऋतु में वमन करना विशेष रूप से लाभकारी माना गया है।
आपका यह अभ्यास न केवल शरीर को शुद्ध करता है, बल्कि रोगों की सम्भावना को भी कम करता है। यह आयुर्वेद की पूर्व-रक्षा प्रणाली (preventive care) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
वमन के लाभ:
1. कफ दोष का शुद्धिकरण:
वमन से फेफड़ों, गले, छाती और पेट में जमा हुआ अतिरिक्त कफ बाहर निकलता है जिससे श्वसन तंत्र साफ़ होता है।
2. एलर्जी और अस्थमा में राहत:
दमा (asthma), एलर्जी, ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारियों में कफ दोष की प्रमुख भूमिका होती है। वमन से इनका प्रभाव कम होता है।
3. त्वचा रोगों में लाभ:
जैसे – एक्जिमा, सोरायसिस, मुंहासे आदि में शरीर की अंदरूनी सफाई करके त्वचा को सुधारा जा सकता है।
4. मेटाबॉलिज्म में सुधार:
अग्नि (जठराग्नि) को संतुलित करके पाचन शक्ति को बेहतर बनाता है, जिससे वजन नियंत्रित रहता है।
5. मानसिक स्पष्टता व हलकापन:
शरीर और मन दोनों में एक तरह की ताजगी व मानसिक शुद्धता अनुभव होती है।
6. माइग्रेन और सिरदर्द में राहत:
विशेष रूप से कफजन्य सिरदर्द या भारीपन में वमन उपयोगी होता है।
7. डायबिटीज़ जैसी बीमारियों में सहायक:
जब यह कफवृद्धि या मोटापे से जुड़ी हो, तो वमन सहायक हो सकता है।
नोट
वमन एक चिकित्सकीय प्रक्रिया है, चिकित्सक की देखरेख में, उचित पूर्व तैयारी (पूर्वकर्म) और पश्चात् देखभाल (पश्चात्कर्म) के साथ की जानी चाहिए। स्वयं प्रयोग करना उचित नहीं है।
17/04/2025
⭐मोतियाबिंद के कारण
उम्र का बढ़ना
डायबिटीज
अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन
सूर्य के प्रकाश का अत्यधिक एक्सपोजर
मोतियाबिंद का पारिवारिक इतिहास
उच्च रक्तदाब
मोटापा
आंखों में चोट लगना या सूजन
पहले हुई आंखों की सर्जरी
कार्टिस्टेरॉइड मोडिकेशन का लंबे समय तक इस्तेमाल
धुम्रपान
⭐मोतियाबिंद के लक्षण
अधिकतर मोतियाबिंद धीरे-धीरे विकसित होते हैं और शुरूआत में दृष्टि प्रभावित नहीं होती है, लेकिन समय के साथ यह आपकी देखने की क्षमता को प्रभावित करता है। इसके कारण व्यक्ति को अपनी प्रतिदिन की सामान्य गतिविधियों को करना भी मुश्किल हो जाता है। मोतियाबिंद के प्रमुख लक्षणों में:
दृष्टि में धुंधलापन या अस्पष्टता
बुजुर्गों में निकट दृष्टि दोष में निरंतर बढ़ोतरी
रंगों को देखने की क्षमता में बदलाव क्योंकि लेंस एक फ़िल्टर की तरह काम करता है
रात में ड्राइविंग में दिक्कत आनाजैसे कि सामने से आती गाड़ी की हैडलाइट से आँखें चैंधियाना
दिन के समय आँखें चैंधियाना
दोहरी दृष्टि (डबल विज़न)
चश्मे के नंबर में अचानक बदलाव आना
16/04/2025
आनुवांशिक मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के प्रारंभिक लक्षण
Signs and symptoms, which typically appear in early childhood, might include:
Frequent falls
Difficulty rising from a lying or sitting position
Trouble running and jumping
Waddling gait
Walking on the toes
Large calf muscles
Muscle pain and stiffness
Learning disabilities
Delayed growth
15/04/2025
जन्म से 6 माह तक शिशु को सिर्फ स्तनपान करायें।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
State Health Society, Bihar
Mangal Pandey
15/04/2025
⭐ घुटनों में दर्द के कुछ कारगर घरेलू उपचार ⭐
⭐हल्दी और दूध: हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो दर्द और सूजन को कम करने में मदद करते हैं। एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर पीने से राहत मिल सकती है।
⭐गर्म पानी की सिकाई: गर्म पानी से सिकाई करने से सूजन और दर्द से बहुत ज्यादा आराम मिलता है। गर्म पानी में हल्का नमक डालने से बहुत अच्छे परिणाम भी मिल सकते हैं, जिससे दर्द भी कम होने लगता है।
⭐मेथी के दाने: मेथी के दाने को रात-भर भिगो कर रखने और सुबह खाली पेट खाने से घुटनों के दर्द से आराम मिल सकता है। मेथी में एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा भरपूर होती है, जो सूजन को कम करती है।
⭐अदरक और शहद: अदरक का रस और शहद को मिलाकर पीने से घुटने के दर्द से बहुत हद तक आराम मिल सकता है। दोनों में ही ऐसे गुण होते हैं, जिससे दर्द से बहुत आराम मिलता है।
यदि आप चाय के शौकीन हैं तब केवल लेमन टी या ग्रीन टी का सेवन करें
14/04/2025
आंवले में उच्च मात्रा में फाइबर और पोटेशियम होता है, जो ब्लैड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है. यह कोलेस्ट्रॉल के लेवल को भी कम करता है. बालों के झड़ने एवं सफ़ेद होने को भी रोकता है।
इसके अलावा, आंवला में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो हृदय की रक्त वाहिकाओं में सूजन को कम करने में मदद करते हैं।
खाने का तरीका:
⭐कच्चा एवं साबुत सेवन
⭐आमला का जूस एवं मुरब्बा के रूप में भी उपयोग कर सकते हैं।
#आमला
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