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23/09/2025
Shahi imam bayan .duniya mye sabse pehley suraj jaha se nikalta hai azan waha shuru hoti hai . Aur jaha suraj dubta hai waha tak azan hoti hai.
इस्लाम का वह इतिहास जिसे हम नहीं जानते ? Shahi Imam Punjab | Maulana Usman Ludhianvi इस्लाम का वह इतिहास जिसे हम नहीं जानते ? Shahi Imam Punjab | Maulana Usman Ludhianvi ka itihaas Islam kaise phela Islam ki poori kahan...
15/09/2025
Mohd Nadeem
13/09/2025
Safar zari hai.
Zindagi jeney ka behtreen nuskha.
Zindagi jine ke behtreen nuskhey......Surat No 87 : سورة الأعلى - Ayat No 14
قَدۡ اَفۡلَحَ مَنۡ تَزَکّٰی ﴿ۙ۱۴﴾
बेशक उसने फ़लाह पाई जो पाक होगया। ۔Surat No 6 : سورة الأنعام - Ayat No 120
وَ ذَرُوۡا ظَاہِرَ الۡاِثۡمِ وَ بَاطِنَہٗ ؕ اِنَّ الَّذِیۡنَ یَکۡسِبُوۡنَ الۡاِثۡمَ سَیُجۡزَوۡنَ بِمَا کَانُوۡا یَقۡتَرِفُوۡنَ ﴿۱۲۰﴾
और तुम ज़ाहिरी गुनाह को भी छोड़ दो और बातनी को भी छोड़ दो, बिला शुबह जो लोग गुनाह कर रहे हैं इन को इनके किये की बहुत जल्द सज़ा मिले गी |। 1. ज़ाहिरी गुनाह (ظاہری گناہ)
ये वे गुनाह हैं जो खुले रूप से, बाहरी अंगों (आंख, कान, ज़ुबान, हाथ, पैर आदि) से किए जाते हैं।
जैसे:
चोरी करना, झूठ बोलना, धोखा देना
हत्या, ज़िना (व्यभिचार)
शराब पीना, हराम खाना
रिश्वत लेना, गाली देना
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2. बातिनी गुनाह (باطنی گناہ)
ये दिल और नफ़्स (मन) के गुनाह होते हैं, जो बाहर से नज़र नहीं आते लेकिन अंदरूनी तौर पर इंसान को नापाक कर देते हैं।
जैसे:
किब्र (غرور / घमंड) – खुद को बड़ा समझना
हसद (حسد / जलन) – दूसरों की नेमत पर जलना
रियाकारी (ریا / दिखावा) – अल्लाह के लिए नहीं बल्कि लोगों को दिखाने के लिए नेक काम करना
क़िन (کینہ / बैर, नफ़रत) – दिल में बदले की भावना रखना
तम्मा (لالच) – हराम तरीकों से दुनिया की चाहत
तकज़ीब (انکار) – सच्चाई को जानते हुए न मानना-
ग़ीबत= पीठ पीछे किसी की बुराई करना। |
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3. बातिनी नापाकी (باطنی ناپاکی)
दिल में बुरी सिफ़तों (गुनाहों) का होना
नीयत का खराब होना (जैसे इबादत सिर्फ दिखावे के लिए करना)
दिल का गाफ़िल होना (अल्लाह की याद से दूर रहना)
यानी जब दिल गुनाहों और बुरी आदतों से भर जाता है, तो इंसान “मुतहर” (پاک) नहीं रह पाता।
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4. सारांश
ज़ाहिरी पाकीज़गी = शरीर और आमाल (काम) की सफाई
बातिनी पाकीज़गी = दिल, नीयत और ख्यालात की सफाई
क़ुरआन की गहराई वही समझ सकते हैं, जिनका दिल और नीयत साफ़ हो, जो बाहरी और अंदरूनी गुनाहों से दूर रहते हों।
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09/09/2025
06/09/2025