Yoga class in rishikesh
welcome to Tridev dhyan yogshala in rishikesh.
22/11/2022
29/03/2022
सौंफ की तासीर ठंडी होती है इसलिए गर्मी में इसका इस्तेमाल बढ़ जाता है. सौंफ में कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो स्वस्थ रहने के लिए बहुत जरूरी होते हैं. सौंफ का सबसे बड़ा फायदा तो यह है कि यह याददाश्त बढ़ाता है और शरीर को ठंडा रखता है. सौंफ में कैल्शियम, सोडियम, आयरन और पोटैशियम जैसे कई खनिज तत्व पाए जाते हैं. इसके अलावा इसकी सुगंध भी बहुत अच्छी होती हैं और ताजगी का एहसास कराती है.
29/01/2022
🙏 *_हृदय, वक्षस्थल और फुफ्फुस शक्ति संवर्धन क्रिया योग: हृदय और फेफड़ो की सामर्थ्यता बढ़ाने वाला क्रिया योग_*
आज के इस युग मे श्वास भी शुद्ध नही तो खानपान भी शुद्ध नही। इम्युनिटी कमजोर हो रही है हृदय रोगों बढ़ रहे है। ऐसी दशा में आप निम्न छोटी छोटी क्रियाओं के द्वारा अपने फेफड़े मजबूत कर श्वसन क्रिया को सुचारू और आकस्मिक परिस्तिथियों के अनुकूल बना सकते है।
ये क्रियाए ना केवल आपकी इम्युनिटी बढ़ाएगी वरन हृदय को भी स्वस्थ रखने में सहायक होगी
🙏*हृदय, वक्षस्थल और फुफ्फुस शक्ति संवर्धन क्रिया के लाभ*
आजकल हार्ट अटैक आदि व्याधियों की संख्या बढ़ रही है। लाखों रुपये आपरेशन आदि के लिए खर्च हो रहे हैं। इन सुलभ क्रियाओं से छाती संबंधी व्याधियाँ दूर होंगी
इन क्रियाओं से सीना चौड़ा होता है।
प्राणवायु अधिक मिलने के कारण छाती, हृदय तथा फेफड़ों की शक्ति बढ़ती है।
थकावट दूर होती है।
काम करने का उत्साह बढ़ता है।
फेफड़े संबंधी टी.बी.आदि, व्याधियाँ भी रोकी जा सकेगी |
🙏*हृदय, वक्षस्थल और फुफ्फुस शक्ति संवर्धन क्रिया योग की विधि*
सभी क्रियाएं सुखासन में बैठकर की जानी चाहिए तथापि उम्र, समय, अवधि, वातावरण या अन्य किसी प्रकार का कोई विशेष बंधन नही है
सभी क्रियाएँ करते समय छाती फुलाते हुए 3 या 4 लीटर हवा अंदर लें। यथास्थिति में आते हुए उस हवा को बाहर पूरा छोड़ दें। हर एक क्रिया 5 से 10 बार करें। क्रियाएँ निम्न प्रकार हैं |
🙏*प्रथम क्रिया*🙏
अंगूठों को हथेलियों में बंद कर मुट्ठी कस लें। दोनों मुट्टियाँ नाभि के पास रखें। साँस लेते हुए दोनों मुड़ियों को बाजू से सिर के साथ ऊपर उठावें। साँस छोड़ते हुए मुट्टियाँ नाभि के पास ले आवें।
🙏*द्वितीय क्रिया*🙏
दोनों हाथ सामने की ओर पसारें। धीरे से साँस लेते हुए हाथ ऊपर उठावें। नमस्कार करते हुए सिर उठा कर हाथों को देखें | सांस छोड़ते हुए हाथों तथा सिर को यथास्थिति में ले आवें।
🙏*तृतीय क्रिया*🙏
दोनों हाथ आगे पसारें। दोनों हथेलियाँ मिलावें। साँस लेते हुए हाथ बगल में पसार कर सिर उठाते हुए ऊपर देखें| सांस छोड़ते हुए यथास्थिति में आ जावें।
🙏*चतुर्थ क्रिया*🙏
दोनों हथेलियों को उलटा कर उन्हें मिलावें, ऊपरी क्रिया की तरह करें।
🙏*पंचम क्रिया*🙏
दोनों हाथ बगल में पसारें। सांस लेते हुए दोनों हाथ और सिर ऊपर उठाकर वे नमस्कार करें। सांस छोड़ते हुए पूर्वस्थिति में आवें।
🙏*षष्टम क्रिया*🙏
दोनों हाथ आगे पसार कर ऊपर से गोलाकार में उन्हें घुमावें | हाथ ऊपर उठाते समय सांस लें। ऊपर से हाथों को नीचे लाते हुए सांस छोड़ें। 8 से 10 बार ऐसा घुमावें। फिर इसी प्रकार रिवर्स करें |
🙏*सप्तम क्रिया*🙏
दोनों हाथ बगल में पसार कर सांस छोड़ते हुए दोनों हथेलियों से दोनों ओर से पीठ का स्पर्श करते रहें। एक कुहनी दूसरी कुहनी पर आवें। सांस लेते हुए जल्दी-जल्दी हाथ पसारते रहें। एक बार दायाँ हाथ ऊपर आवे और एक बार बायाँ हाथ ऊपर आवे |
🙏*अष्ठम क्रिया*🙏
दोनों हाथ बगल में से ऊपर उठाकर सिर के ऊपर से दायों हथेली से बायीं कुहनी का, बायीं हथेली से दायीं कुहनी का स्पर्श करते रहें। सांस लेते हुए हाथ ऊपर उठावें। सांस छोड़ते हुए हाथ नीचे उतारें।
Join Tridev Dhyan Yogshala
With
Certificate and diploma course.
❤️Contact yogacharya Pawan Kumar maurya ❤️
🙏9997243563. 7579123173 🙏
25/01/2022
☘️ *_हस्त बाहु कलाई संधि योग क्रियाए: हाथों बाहों को मजबूत व निरोगी रखने वाली इन क्रियाओं के जानिए लाभ और विधि_*
हाथों बाहों भुजाओं कलाइयों और पंजे सहित हाथ की अंगुलियों को पूर्ण व्यायाम व मजबूती के लिए की जाने वाली इन सूक्ष्म क्रियाओं का महत्त्व भी कम नही है
*हस्त बाहु कलाई संधि योग क्रियाए में लाभ*
इन क्रियाओं से कंधे और उनके जोड़ चुस्त होकर शक्तिशाली बनते हैं। बोझ उठाने की शक्ति बढ़ेगी। कंधा उठा न सकने की व्याधि (फ्रोजन षोल्डर) से छुटकारा मिलेगा।
कलाइयाँ बलिष्ठ होती हैं। कलाइयों का दर्द मिट जाता है। वाहन चलाने वाले तथा कम्पुटर का काम करने वालों के लिए विशेष लाभ करता है |
इन क्रियाओं से हाथ मज़बूत होंगे। हाथों का दर्द कम होगा। कुहनियों के जोड़ लचीले और शक्तिवान बनेंगे।
इससे हथेलियों में रक्त प्रसार अच्छी तरह होता है। हथेलियाँ मज़बूत बनती हैं।
इससे ऊँगलियों के स्पर्श की शक्ति बढ़ेगी |
इससे उँगलियों के जोड़ों का दर्द दूर होगा। लिखने और अन्य काम करने में उँगलियों के जोड़ थकेंगे नहीं | जोड़ों की शक्ति बढ़ेगी |
ये क्रियाएँ धीमें से करने पर हृदय मज़बूत होगा | तेज़ी से करें तो उँगलियाँ मज़बूत होंगी। काम करने की शक्ति ऊँगलियों में बढ़ेगी।
*हस्त बाहु कलाई संधि योग क्रिया विधियां*
ये सभी क्रियाए आप अकेले बिना किसी की सहायता के कर सकते है।इनमे किसी प्रकार का समय बंधन नही है अर्थात सुबह शाम दोपहर या 1 मिनट 10 मिनट तक जैसे चाहे वैसे कर सकते है। किसी स्थान विशेष या किसी अन्य उपकरण या भोजन संबंधी कोई रोक भी नही है चाहे बैठकर चाहे खड़े या चाहे लेटकर भी ये क्रियाए की जा सकती है। किंतु समझने की दृष्टि से ये सभी क्रियाए सुखासन में बैठकर ही करने की बताई जा रही है
1) बाहु क्रिया (स्कंध)
दोनों हथेलियाँ दोनों घुटनों पर रखें। साँस लेते हुए कंधे ऊपर उठावें। साँस छोड़ते हुए कंधे नीचे उतारें।
उँगलियों से कंधे पकड़े। कुहनियाँ सामने लावें। साँस लेते हुए कुहनियाँ ऊपर उठावें। साँस छोड़ते हुए कुहनियाँ नीचे उतारें।
दोनों हाथों की उँगलियों से दोनों कंधे पकड़ कर साँस लेते हुए दोनों कुहनियाँ बगल से ऊपर उठावें। सांस छोड़ते हुए नीचे उतारें।
दोनों कुहनियाँ उठा कर उँगलियों से दोनों कंधे पकड़ें। छाती के सामने दोनों कुहनियाँ लाकर मिलावें। सांस लेते हुए कुहनियाँ ऊपर उठाकर गोलाकार में बड़े सर्किल में उन्हें घुमावें।
ऊपर की क्रिया उसी प्रकार नीचे से उलटा घुमाते हुए करें।
दोनों हाथों की ऊँगलियों से दोनों कंधे पकड़े। कुहनियाँ तेज़ी से जल्दी जल्दी ऊपर उठाते-उतारते रहें।
दोनों हाथों की उँगलियों से दोनों कंधे पकड़ कर कुहनियाँ आगे पीछे जल्दी जल्दी हिलाते रहें।
दोनो हाथों की उँगलियों से दोनों कंधों को पकड़ कर बारी बारी से एक कुहनी ऊपर-नीचे तथा एक कुहनी नीचे – ऊपर करते रहें ।
दोनों घुटनों को पकड कर एक-एक कंधे को गोलाकार घुमाते रहें। उलटा भी घुमायें।
दायीं हथेली से बायें कंधे तथा बायीं हथेली से दायें कंधे की मालिश करें।
2) हस्त जोड़ कुहनियां – हाथ
दोनों हाथ आगे की ओर पसारें। सांस छोड़ते हुए, उंगलियों से कंधों का स्पर्श करें। सांस लेते हुए हाथ सामने करें।
दोनों हाथ बगल में पसार कर दोनों हाथों की उंगलियों से कंधों का स्पर्श करें। फिर शीघ्रता से हाथों को यथास्थान ले आवें |
हाथ सीधे नीचे की ओर पसारें। कुहनियों के पास हाथ ऊपर की ओर मोड़ते हुए उंगलियों से कंधों का शीघ्रता से स्पर्श करें | फिर हाथों को नीचे ले जावे
दोनों हाथ ऊपर उठावें। कुहनियों के पास मोड़कर उंगलियों से कंधों का स्पर्श करते हुए ऊपर नीचे करते रहें।
हाथ सामने पसार कर दोनों अंगूठे मुट्टियों में बंद करें। कुहनियों से हाथ मोड़ते हुए मुट्टियों से कंधों का स्पर्श करें। फिर वापस ले आवें। यह क्रिया तेज़ी से फोर्स के साथ करें |
दोनों हाथ बगल में पसार कर, दोनों अंगूठे मुड़ी में दबाते हुए, कुहनी से हाथ मोड़ते हुए, मुट्टियों से कंधों का स्पर्श करें। फिर शीघ्रता से हाथों को यथास्थान ले आवें।
दोनों हाथ सीधे नीचे की ओर पसारें। अंगूठे मुड़ियों में बंद करें। कुहनियों से हाथ ऊपर की ओर मोड़ते हुए मुट्टियों से कंधों को छुएँ और मुट्टियों को तेज़ी से नीचे ले जावे |
दोनों मुड़ियाँ ऊपर उठावें। अंगूठे मुट्टियों में बंद रहें। कुहनियों से हाथ नीचे की ओर मोड़ते हुए, मुट्टियों से कंधों को छुएँ और तेज़ी से ऊपर ले जावें।
अंगूठे मुट्टियों में बंद रखें। दोनों कुहनियाँ बगल में सटा कर रखें। फोर्स के साथ साँस लेते हुए मुड़ियों को सामने की ओर तेज़ी से फेंके और साँस छोड़ते हुए यथास्थान ले आवें।
अंगूठे मुट्ठी में बंद रखे। कुहनियाँ बगल में सटा कर रखें। मुट्टियाँ पलटाते हुए आगे तेज़ी से फेकें | बाद हाथ यथास्थान ले आवें।
अंगूठे अंदर की ओर मोड़ें। मुड़ी बाँध लें।
हाथ आगे करें। इसके बाद दायाँ हाथ आगे बायीं कुहनी पीछे तेजी से आगे पीछे करते रहें। कंधे भी आगे और पीछे हिलाते रहें। यह महत्वपूर्ण मंथनक्रिया है।
3) हस्त जोड़ कलाई
दोनों अंगूठे मुड़ियों में बंद करें। दोनों हाथ आगे पसारें | मात्र मुट्टियों को ऊपर नीचे 10 या 15 बार करें। इसके बाद मुट्टियों को गोलाकार में 10 या 15 बार घुमावें। फिर इसी प्रकार रिवर्स भी करें।
मुड़ियाँ कस कर नीचे उतारें ‘अ’ क्रिया की तरह करें।
मुड़ियाँ कस कर ऊपर उठावें और ‘अ’ क्रिया की तरह करें।
4) हस्त करतल हथेली
दोनों हाथ आगे की ओर पसारें। हथेलियों की उंगलियों को मिला कर पंजा बनावें। हथेलियाँ ऊपर उठावें और नीचे उतारें। 10 या 15 बार इस तरह करें। बाद हथेलियाँ इधर-उधर 10-15 बार घुमावें ।
दोनों हथेलियाँ छाती के पास ले आवें। फिर ‘अ’ की तरह करें।
दोनों हथेलियाँ बगल में फैला कर ‘अ’ की तरह करें।
दोनों हथेलियाँ नीचे कर ‘अ’ की तरह करें।
दोनों हथेलियाँ ऊपर उठा कर `अ’ की तरह करें।
दोनों हथेलियाँ उठा कर सिर के पीछे रखें और ‘अ’ की तरह करें।
*विपरीत क्रिया करतल*
हथेलियाँ (कर पृष्ठ)
उपर्युक्त सभी क्रियाएँ उँगलियाँ दूर-दूर रख कर करें |
5) करतल अंगुष्ठ जोड़
दोनों हाथ सामने पसारें | ऊँगलियों तथा हाथों को ढोला कर 15 या 20 बार हिलावें
बाद में हाथों को छाती के पास ला कर करें। इसी तरह हाथ नीचे झुका कर, ऊपर उठा कर, सिर के पीछे गर्दन के दोनों ओर रख कर भी ऊपर की तरह करें।
6) करतल अंगुष्ठ
दोनों हाथ सामने पसारें। उँगलियों को मोड़ कर मुड़ियाँ कसे। फिर खोलें। यह क्रिया धीरे-धीरे 10 या 15 सेकंड तक करें। इसी प्रकार तेज़ी से फोर्स के साथ भी 10-15 सेकंड तक करते रहें।
हाथों को छाती के पास रख कर करें। बगल में फैला कर, ऊपर उठा कर, नीचे झुका कर तथा सिर के पीछे गर्दन के दोनों ओर रख कर भी उपर्युक्त क्रियाएँ धीरे धीरे तथा तेजी से फोर्स के साथ करें।
7) अंगुष्ठ पोर ऊँगलियों के सिरे
दोनों हाथों की उँगलियों के सिरों को एक दूसरे से सटा कर 10 या 15 सेकंड तक दबा कर रखें। फिर ढीला करें | ऐसा 4 या 5 बार करें |
किसी वस्तु को पकड़ कर खींच रहे हों। सांस हुई वस्तु को छोड़ रहे हों |
*विशेष*
उपर्युक्त सभी क्रियाएँ करने के बाद हाथों तथा हाथों की उँगलियों को ढीला कर खूब हिलावें। इसके बाद दायें हाथ से बायें हाथ और बायें हाथ से दायें हाथ की मालिश करें। इससे हाथों तथा ऊँगलियों को आराम मिलेगा
हस्त बाहु शक्ति विकास की हर क्रिया 15 से 60 सेकंड तक करनी चाहिए।
#कॉम्पिटिशन
13/01/2022
09/01/2022
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में हल्दी वाला दूध बहुत फायदेमंद माना जाता है. अगर आप रात को सोने से पहले एक गिलास दूध में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर पीते हैं तो यह आपको बीमारियों से बचाता और आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है. इसलिए रात को सोने से पहले एक गिलास गुनगुना हल्दी वाला दूध पीने की सलाह दी जाती है.
🕉️Tridev Dhyan Yogshala 🕉️
🕉️Pawan Kumar maurya 🕉️
.
20/12/2021
Join Tridev Dhyan Yogshala
With
certificate and diploma
Dhalwala police chowki opposite primary school dhalwala rishikesh.
🙏 yogacharya Pawan Kumar Maurya 9997243563. 7579123173.🙏
13/12/2021
Join Tridev Dhyan Yogshala in Dhalwala rishikesh.9997243563.
01/12/2021
गुड़ की तासीर गर्म होती है, इसलिए सर्दी के दिनों में इसका सेवन आपको गर्माहट देने में बेहद कारगर होता है। सर्दी में गुड़ का प्रतिदिन सेवन आपको सर्दी, खांसी और जुकाम से भी बचाता है। सर्दी के दिनों में आम तौर पर रक्तसंचार बहुत धीमा होता है। लेकिन गुड़ का नियमित सेवन करना रक्तसंचार को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है।
🙏Yogacharya Pawan Kumar maurya 🙏
9997243563
30/11/2021
*मूली खाने से होने वाले फायदे*
1. रोजाना सुबह खाने में मूली का सेवन करने से डायबिटीज से जल्द छुटकारा मिल सकता हैं.
2. मूली खाने से जुखाम रोग भी नही होता हैं, इसीलिए मुली को स्लाद के रूप में जरूर खाना चाहिए.
3. हर-रोज मूली के ऊपर काला नमक डालकर खाने से भूख न लगने की समस्या दूर हो जाती हैं.
4. मूली खाने से हमे विटामिन ए मिलता हैं, जिससे हमारे दांतो को मजबूती मिलती हैं.
5. मूली खाने से बाल झड़ने की समस्या दूर हो जाती हैं.
6. बवासीर रोग में कच्ची मूली या मूली के पत्तो की सब्जी बनाकर खाना फायदेमंद होता हैं.
7. अगर पेशाब का बनना बंद हो जाये तो मूली का रस पीने से पेशाब दोबारा बनने लगता हैं.
8. हर-रोज 1 कच्ची मूली सुबह उठते ही खाने पीलीया रोग में आराम मिलता हैं.
9. नियमित रूप से मूली खाने से मधुमेह का खतरा भी कम रहता हैं.
10. अगर आपको भी खट्टी डकारे आती हैं, तो मूली के 1 कप रस में मिश्री मिलाकर पीने से लाभ मिलता हैं.
11. नियमित रूप से मूली खाने से मुँह,आंत और किडनी की कैंसर का खतरा कम रहता हैं.
12. थकान मिटाने और नींद लाने में भी मूली सहायक हैं.
13. मोटापा दूर करने के लिए मूली के रस में नींबू और नमक मिलाकर सेवन करें.
14. पायरिया से परेशान लोग मूली के रस से दिन में 2-3 बार कुल्ले करें और इसका रस पिएं.
15. सुबह-शाम मूली का रस पीने से पुराने कब्ज में भी लाभ होता हैं.
16. मूली के रस में समान मात्रा में अनार का रस मिलाकर पीने से हीमोग्लोबिन बढ़ता हैं.
17. मूली को धीरे-धीरे चबाकर खाने से दांत चमकते हैं, और शरीर से दाग-धब्बे भी दूर हटते हैं.
18. मूली खाने से हमारी आंखों की रोशनी भी बढ़ती हैं.
19. नियमित रूप से मूली खाने से ब्लड प्रैशर कंट्रोल में रहता हैं.
20. मूली खाने का सबसे बडा फायदा पेट में गैस तो बिल्कुल नही रहती हैं.
21. हाथ-पैरों के नाख़ूनों का रंग सफ़ेद हो जाए तो मूली के पत्तों का रस पीना लाभदायक हैं.
22. सुबह-सुबह मूली के नरम पत्तों पर सेंधा नमक लगाकर खाने से मुंह की दुर्गंध दूर होती हैं.
23. मूली के पत्तों में सोडियम होता है, जो हमारे शरीर में नमक की कमी को पूरा करता हैं.
24. नियमित रूप से मूली खाने से पेट के कीडे नष्ट हो जाते हैं.
❤️Yogacharya Pawan Kumar maurya ❤️
🙏9997243563🙏
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Contact the business
Telephone
Website
Address
Rishikesh