kashi vishwanath
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22/07/2024
श्रावण मास, प्रथम सोमवार के पावन पर्व पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में मंगला आरती के भव्य दर्शन।
🔱जय विश्वनाथ🔱
📿हर हर महादेव📿
11/02/2024
Shri kashi Vishwanath mandir me Mangla Aarti ke darshan
📿Jay shri Kashi Vishwanath📿
🔱Har har Mahadev🔱
the ganga arti wedding event Contact for cultural program
📿Har Har Mahadev📿
🔱Jai shri Kashi Vishwanath🔱
16/01/2024
आज दिनांक 16-01-2024 को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में शयन आरती के भव्य दर्शन
📿हर हर महादेव📿
🔱जय श्री काशी विश्वनाथ🔱
29/12/2023
🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺
*********|| जय श्री राधे ||*********
🌺🙏 *जय श्री काशी विश्वनाथ पंचांग* 🙏🌺
🙏🌺🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌺🙏
*********ll जय श्री राधे ll*********
🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺
*दिनाँक:-29/12/2023, शुक्रवार* द्वितीया, कृष्ण पक्ष, पौष """""(समाप्ति काल)
तिथि------------- द्वितीया 07: 59:08 तक
पक्ष--------------------------- कृष्ण
नक्षत्र--------------------- पुष्य 27:08:37
योग-------------------- वैधृति 26:27:20
करण----------------------- गर 07:59:08
करण------------------- वणिज 20:47:25
वार--------------------------- शुक्रवार
माह--------------------------- पौष
चन्द्र राशि---------------------- कर्क
सूर्य राशि---------------------- धनु
रितु--------------------------- शिशिर
आयन------------------------- उत्तरायण
संवत्सर----------------------- शोभकृत
संवत्सर (उत्तर) ------------ पिंगल
विक्रम संवत------------------- 2080
गुजराती संवत----------------- 2080
शक संवत--------------------- 1945
कलि संवत-------------------- 5124
*वृन्दावन*
सूर्योदय----------------------- 07:10:00
सूर्यास्त------------------------ 17:32:14
दिन काल--------------------- 10:22:13
रात्री काल--------------------- 13:38:07
चंद्रास्त------------------------ 09:05:34
चंद्रोदय------------------------ 19:39:31
लग्न-------------- धनु 12°52', 252°52'
सूर्य नक्षत्र--------------------- मूल
चन्द्र नक्षत्र--------------------- पुष्य
नक्षत्र पाया--------------------- रजत
*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*
हु------------------------- पुष्य 07:32:06
हे------------------------- पुष्य 14:02:28
हो------------------------ पुष्य 20:34:40
ड------------------------ पुष्य 27:08:37
*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*
ग्रह =राशी, अंश, नक्षत्र, पद
==========================
सूर्य= धनु 11:30, मूल 4 भी
चन्द्र= मिथुन 24:30, पुनर्वसु 2 को
बुध = धनु 00:53' मूल 1 ये
शुक्र= वृश्चिक 03°05, अनुराधा' 1 ना
मंगल= वृश्चिक 00°30' मूल' 1 ये
गुरु= मेष 11°30' अश्विनी, 4 ला
शनि= कुम्भ 08°40' शतभिषा, 1 गो
राहू= (व) मीन 26°55 रेवती, 4 ची
केतु= (व) कन्या 26°55 चित्रा, 2 पो
*💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮*
राहू काल 11:03 - 12:21 अशुभ
यम घंटा 14:57 - 16:14 अशुभ
गुली काल 08:28 - 09: 46अशुभ
अभिजित 12:00 - 12:42 शुभ
दूर मुहूर्त 09:14 - 09:56 अशुभ
दूर मुहूर्त 12:42 - 13:23 अशुभ
वर्ज्यम 09:42 - 11:26 अशुभ
🚩गंड मूल 27:09* - अहोरात्र अशुभ
💮चोघडिया, दिन
चर 07:10 - 08:28 शुभ
लाभ 08:28 - 09:46 शुभ
अमृत 09:46 - 11:03 शुभ
काल 11:03 - 12:21 अशुभ
शुभ 12:21 - 13:39 शुभ
रोग 13:39 - 14:57 अशुभ
उद्वेग 14:57 - 16:14 अशुभ
चर 16:14 - 17:32 शुभ
🚩चोघडिया, रात
रोग 17:32 - 19:14 अशुभ
काल 19:14 - 20:57 अशुभ
लाभ 20:57 - 22:39 शुभ
उद्वेग 22:39 - 24:21* अशुभ
शुभ 24:21* - 26:04* शुभ
अमृत 26:04* - 27:46* शुभ
चर 27:46* - 29:28* शुभ
रोग 29:28* - 31:10* अशुभ
💮होरा, दिन
शुक्र 07:10 - 08:02
बुध 08:02 - 08:54
चन्द्र 08:54 - 09:46
शनि 09:46 - 10:37
बृहस्पति 10:37 - 11:29
मंगल 11:29 - 12:21
सूर्य 12:21 - 13:13
शुक्र 13:13 - 14:05
बुध 14:05 - 14:57
चन्द्र 14:57 - 15:49
शनि 15:49 - 16:40
बृहस्पति 16:40 - 17:32
🚩होरा, रात
मंगल 17:32 - 18:40
सूर्य 18:40 - 19:49
शुक्र 19:49 - 20:57
बुध 20:57 - 22:05
चन्द्र 22:05 - 23:13
शनि 23:13 - 24:21
बृहस्पति 24:21* - 25:29
मंगल 25:29* - 26:38
सूर्य 26:38* - 27:46
शुक्र 27:46* - 28:54
बुध 28:54* - 30:02
चन्द्र 30:02* - 31:10
*🚩 उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*
धनु > 05:12 से 07:22 तक
मकर > 07:22 से 09:14 तक
कुम्भ > 09:14 से 10:36 तक
मीन > 10:36 से 12:06 तक
मेष > 12:06 से 13:48 तक
वृषभ > 13:48 से 15:46 तक
मिथुन > 15:46 से 17:58 तक
कर्क > 17:58 से 20:18 तक
सिंह > 20:18 से 22:26 तक
कन्या > 22:26 से 00:46 तक
तुला > 00:46 से 02:50 तक
वृश्चिक > 02:50 से 05:08 तक
*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*
(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट
*नोट*- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये, उद्वेगे थलगार।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे, लाभ में करो व्यापार॥
रोग में रोगी स्नान करे, काल करो भण्डार।
अमृत में काम सभी करो, सहाय करो कर्तार॥
अर्थात- चर में वाहन, मशीन आदि कार्य करें।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें।
शुभ में स्त्री श्रृंगार, सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें।
लाभ में व्यापार करें।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें।
*💮दिशा शूल ज्ञान----------------पश्चिम*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते हैl
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*
*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं।।*
*महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत्।।*
15 + 2 + 6 + 1 = 24 ÷ 4 = 0 शेष
मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक हैl
*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
मंगल ग्रह मुखहुति
*💮 शिव वास एवं फल -:*
18 + 18 + 5 = 41 ÷ 7 = 6 शेष
क्रीड़ायां = शोक , दुःख कारक
*🚩भद्रा वास एवं फल -:*
*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*
रात्रि 20:51 से प्रारम्भ
मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशीनी
*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*
*द्वितीया वृद्धि
*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*
अग्निर्देवो द्विजातीनां मुनीनां हृदि दैवतम्।
प्रतिमा त्वल्पबुध्दीनां सर्वत्र समदर्शिनाम्।।
।। चा o नी o।।
द्विज अग्नि में भगवान् देखते है.
भक्तो के ह्रदय में परमात्मा का वास होता है.
जो अल्प मति के लोग है वो मूर्ति में भगवान् देखते है.
लेकिन जो व्यापक दृष्टी रखने वाले लोग है, वो यह जानते है की भगवान सर्व व्यापी है.
*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*
गीता -: सांख्ययोग अo-02
दुःखेष्वनुद्विग्नमनाः सुखेषु विगतस्पृहः।,
वीतरागभयक्रोधः स्थितधीर्मुनिरुच्यते॥,
दुःखों की प्राप्ति होने पर जिसके मन में उद्वेग नहीं होता, सुखों की प्राप्ति में सर्वथा निःस्पृह है तथा जिसके राग, भय और क्रोध नष्ट हो गए हैं, ऐसा मुनि स्थिरबुद्धि कहा जाता है॥,56॥,
*💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*
देशे ग्रामे गृहे युद्ध सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत।।
🐏मेष-
धन प्राप्ति सुगम होगी। कानूनी बाधा दूर होकर लाभ होगा। पूँजी निवेश बढ़ेगा। पहले किए गए कार्यों का लाभदायी फल आज मिल सकेगा। संतान के कामों से खुशी होगी। व्यापार-व्यवसाय में तरक्की होगी। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। यात्रा सफल रहेगी।
🐂वृष-
पुराने संगी-साथियों से मुलाकात होगी। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा। परिश्रम का पूरा परिणाम मिलेगा। अच्छी व सुखद स्थितियाँ निर्मित होंगी। विरोधी आपकी छवि खराब करने का प्रयास कर सकते हैं। व्यावसायिक सफलता से मनोबल बढ़ेगा।
👫मिथुन-
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। रोजगार मिलेगा। अप्रत्याशित लाभ होगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। विवाद न करें। नौकरी करने वालों को ऐच्छिक स्थानांतरण एवं पदोन्नति मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें।
🦀कर्क-
फालतू खर्च होगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। वाणी पर नियंत्रण रखें। चिंता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। नवीन मुलाकातों से लाभ होगा। आमदनी बढ़ेगी। रुका धन मिलने से निवेश में वृद्धि होने के योग हैं। उदर संबंधी विकार हो सकते हैं।
🐅सिंह-
भागदौड़ रहेगी। घर-परिवार का सहयोग प्राप्त होगा। राजकीय सहयोग मिलेगा। कार्यकुशलता सहयोग से लाभान्वित होंगे। काम में मन लगेगा। स्वयं का सोच अनुकूल रहेगा। रिश्तेदारों से संबंधों की मर्यादा बनाए रखें। शारीरिक कष्ट से बाधा संभव है।
🙎♀️कन्या-
प्रयास सफल रहेंगे। प्रशंसा प्राप्त होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। वाणी पर नियंत्रण रखें। लाभ होगा। व्यवसाय अच्छा चलेगा। कार्य क्षेत्र में नई योजनाओं से लाभ होगा। लगन, मेहनत का उचित फल मिल सकेगा। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें। विवाद सुलझेंगे।
⚖️तुला-
नया काम, व्यवसाय आदि की बात बनेगी। घर-बाहर तनाव रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। जल्दबाजी न करें। नई योजना बनेगी। नए अनुबंध होंगे। किसी मामले में कटु अनुभव मिल सकते हैं। सरकारी, कानूनी विवाद सुलझेंगे। जोखिम, लोभ, लालच से बचें।
🦂वृश्चिक-
बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा सफल रहेगी। आपसी मतभेद, मनमुटाव बढ़ेगा। किसी से मदद की उम्मीद नहीं रहेगी। आर्थिक समस्या बनी रहेगी। व्यसनाधीनता से बचें। व्यापार, रोजगार मध्यम रहेगा। विवाद से क्लेश होगा। शारीरिक कष्ट संभव है।
🏹धनु-
जोखिम व जमानत के कार्य टालें। परिवार की स्थिति अच्छी रहेगी। रचनात्मक काम करेंगे। कर्मचारियों पर निगाह रखें। परिवार की समस्या का उचित समाधान होगा। चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। पुराना रोग उभर सकता है।
🐊मकर-
भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होगी। रोजगार मिलेगा। संतान के स्वास्थ्य में सुधार होगा। सोचे कामों में मनचाही सफलता मिलेगी। व्यापारिक निर्णय समय पर लेना होंगे। पुरानी बीमारी उभर सकती है। चोट व रोग से बाधा संभव है। बेचैनी रहेगी।
🍯कुंभ-
पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग को सफलता मिलेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रमाद न करें। नए कार्यों, योजनाओं की चर्चा होगी। लाभदायी समाचार आएँगे। समाज में आपके कार्यों की प्रशंसा होगी। साहस, पराक्रम बढ़ेगा। विश्वासप्रद माहौल रहेगा।
🐟मीन-
धैर्य रखें। अस्वस्थता बनी रहेगी। खुद के प्रयत्नों से ही जनप्रियता एवं सम्मान मिलेगा। रोजगार के क्षेत्र में संभावनाएँ बढ़ेंगी। स्थायी संपत्ति संबंधी खटपट हो सकती है। पुराना रोग उभर सकता है। भागदौड़ रहेगी। दु:खद समाचार मिल सकता है।
🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺
03/12/2023
*जय श्री काशी विश्वनाथ पंचांग*
*दिनाँक:-03/12/2023, रविवार*
षष्ठी, कृष्ण पक्ष,
मार्गशीर्ष
"""""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल)
तिथि------------- षष्ठी 19:26:32 तक
पक्ष------------------------- कृष्ण
नक्षत्र-------- आश्लेषा 21:34:55
योग-------------- ऐन्द्र 20:54:36
करण----------- वणिज 19:26:32
वार----------------------- रविवार
माह---------------------- मार्गशीर्ष
चन्द्र राशि------- कर्क 21:34:55
चन्द्र राशि------------------- सिंह
सूर्य राशि----------------- वृश्चिक
रितु------------------------- हेमंत
आयन----------------- दक्षिणायण
संवत्सर------------------- शोभकृत
संवत्सर (उत्तर) -------------------पिंगल
विक्रम संवत-----------------2080
गुजराती संवत---------------2080
शक संवत-------------------1945
कलि संवत---------------- ---5124
वृन्दावन
सूर्योदय--------------- 06:54:49
सूर्यास्त---------------- 17:22:49
दिन काल------------- 10:28:00
रात्री काल------------- 13:32:43
चंद्रास्त---------------- 11:47:27
चंद्रोदय---------------- 22:46:49
लग्न----वृश्चिक 16°25' , 226°25'
सूर्य नक्षत्र----------------- अनुराधा
चन्द्र नक्षत्र---------------- आश्लेषा
नक्षत्र पाया------------------- रजत
*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*
डू---- आश्लेषा 08:11:05
डे---- आश्लेषा 14:52:21
डो---- आश्लेषा 21:34:55
मा---- मघा 28:18:35
*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
==========================
सूर्य= वृश्चिक 16:30, अनुराधा 4 ने
चन्द्र= कर्क 22:30 , आश्लेषा 2 डू
बुध =धनु 07:53' मूल 3 भा
शु क्र=तुला 03°05, चित्रा' 4 री
मंगल=वृश्चिक 11°30 ' अनुराधा' 3 नू
गुरु=मेष 12°30 ' अश्विनी , 4 ला
शनि=कुम्भ 07°50 ' शतभिषा ,1 गो
राहू=(व) मीन 28°20 वी रेवती , 4 ची
केतु=(व) कन्या 28°20 चित्रा , 2 पो
*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*
राहू काल 16:04 - 17:23 अशुभ
यम घंटा 12:09 - 13:27 अशुभ
गुली काल 14:46 - 16: 04अशुभ
अभिजित 11:48 - 12:30 शुभ
दूर मुहूर्त 15:59 - 16:41 अशुभ
वर्ज्यम 09:05 - 10:51 अशुभ
🚩गंड मूल अहोरात्र अशुभ
💮चोघडिया, दिन
उद्वेग 06:55 - 08:13 अशुभ
चर 08:13 - 09:32 शुभ
लाभ 09:32 - 10:50 शुभ
अमृत 10:50 - 12:09 शुभ
काल 12:09 - 13:27 अशुभ
शुभ 13:27 - 14:46 शुभ
रोग 14:46 - 16:04 अशुभ
उद्वेग 16:04 - 17:23 अशुभ
🚩चोघडिया, रात
शुभ 17:23 - 19:04 शुभ
अमृत 19:04 - 20:46 शुभ
चर 20:46 - 22:28 शुभ
रोग 22:28 - 24:09* अशुभ
काल 24:09* - 25:51* अशुभ
लाभ 25:51* - 27:32* शुभ
उद्वेग 27:32* - 29:14* अशुभ
शुभ 29:14* - 30:56* शुभ
💮होरा, दिन
सूर्य 06:55 - 07:47
शुक्र 07:47 - 08:39
बुध 08:39 - 09:32
चन्द्र 09:32 - 10:24
शनि 10:24 - 11:16
बृहस्पति 11:16 - 12:09
मंगल 12:09 - 13:01
सूर्य 13:01 - 13:53
शुक्र 13:53 - 14:46
बुध 14:46 - 15:38
चन्द्र 15:38 - 16:30
शनि 16:30 - 17:23
🚩होरा, रात
बृहस्पति 17:23 - 18:31
मंगल 18:31 - 19:38
सूर्य 19:38 - 20:46
शुक्र 20:46 - 21:54
बुध 21:54 - 23:01
चन्द्र 23:01 - 24:09
शनि 24:09* - 25:17
बृहस्पति 25:17* - 26:25
मंगल 26:25* - 27:32
सूर्य 27:32* - 28:40
शुक्र 28:40* - 29:48
बुध 29:48* - 30:56
*🚩 उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*
वृश्चिक > 04:36 से 06:56 तक
धनु > 06:56 से 09:02 तक
मकर > 09:02 से 10:48 तक
कुम्भ > 10:48 से 12:16 तक
मीन > 12:16 से 13:48 तक
मेष > 13:48 से 15:28 तक
वृषभ > 15:28 से 17:28 तक
मिथुन > 17:28 से 19:40 तक
कर्क > 19:40 से 21:56 तक
सिंह > 21:56 से 00:10 तक
कन्या > 00:10 से 02:20 तक
तुला > 02:20 से 04:36 तक
*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*
(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट
*नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
*💮दिशा शूल ज्ञान-------------पश्चिम*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा चिरौजी खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*
*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*
15 + 6 + 1 + 1 = 23 ÷ 4 = 3 शेष
मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l
*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
गुरु ग्रह मुखहुति
*💮 शिव वास एवं फल -:*
21 + 21 + 5 = 27 ÷ 7 = 6 शेष
क्रीड़ायां = शोक, दुःख कारक
*🚩भद्रा वास एवं फल -:*
*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*
रात्री 19:27 से प्रारम्भ
मृत्यु लोक =सर्वकार्य विनाशिनी
*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*
*श्री निंबार्क भगवान छटी महोत्सव
*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*
अतिरूपेण वै सीता अतिगर्वेणः रावणः ।
अतिदानाब्दलिर्बध्दो ह्यति सर्वत्र वर्जयेत् ।।
।। चा o नी o।।
आत्याधिक सुन्दरता के कारन सीताहरण हुआ, अत्यंत घमंड के कारन रावन का अंत हुआ, अत्यधिक दान देने के कारन रजा बाली को बंधन में बंधना पड़ा, अतः सर्वत्र अति को त्यागना चाहिए.
*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*
गीता -: सांख्ययोग अo-02
आश्चर्यवत्पश्यति कश्चिदेन-
माश्चर्यवद्वदति तथैव चान्यः ।,
आश्चर्यवच्चैनमन्यः श्रृणोति
श्रुत्वाप्येनं वेद न चैव कश्चित् ॥,
कोई एक महापुरुष ही इस आत्मा को आश्चर्य की भाँति देखता है और वैसे ही दूसरा कोई महापुरुष ही इसके तत्व का आश्चर्य की भाँति वर्णन करता है तथा दूसरा कोई अधिकारी पुरुष ही इसे आश्चर्य की भाँति सुनता है और कोई-कोई तो सुनकर भी इसको नहीं जानता॥,29॥,
*💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
🐏मेष
व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास मनोनुकूल रहेंगे। अपनी देनदारी समय पर चुका पाएंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। भाग्य का साथ मिलेगा। धनार्जन होगा। कोई ऐसा कार्य न करें जिससे कि नीचा देखना पड़े।
🐂वृष
पूजा-पाठ में मन लगेगा। किसी धार्मिक आयोजन में भाग लेने का अवसर प्राप्त हो सकता है। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। कानूनी अड़चन दूर होकर स्थिति अनुकूल होगी। आय में वृद्धि होगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। अनहोनी की आशंका रहेगी।
👫मिथुन
कार्यप्रणाली में सुधार होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। मित्रों की सहायता करने का अवसर प्राप्त होगा। मान-सम्मान मिलेगा। कारोबारी अनुबंध होंगे। आशंका-कुशंका के चलते निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होगी। योजना में परिवर्तन हो सकता है।
🦀कर्क
अविवाहितों के लिए वैवाहिक प्रस्ताव आ सकता है। कोर्ट व कचहरी में अनुकूलता रहेगी। कारोबार लाभदायक रहेगा। नौकरी में चैन रहेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। घरेलू कार्य समय पर होंगे। सुख-शांति बनी रहेगी। थकान व कमजोरी रहेगी। प्रतिद्वंद्विता बढ़ेगी।
🐅सिंह
वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। विवाद से क्लेश हो सकता है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। गृहिणियां विशेष सावधानी रखें। रसोई में चोट लग सकती है। अपेक्षित कार्यों में विलंब हो सकता है। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी।
🙍♀️कन्या
प्रेम-प्रसंग में जोखिम न लें। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। पुराना रोग उभर सकता है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। नौकरी में अधिकारी की अपेक्षाएं बढ़ेगी। तनाव रहेगा। कुसंगति से हानि होगी। दूसरों के कार्य की जवाबदारी न लें। व्यवसाय ठीक चलेगा।
⚖️तुला
स्वास्थ्य का ध्यान रखें। शरीर साथ नहीं देगा। कार्य की बाधा दूर होकर स्थिति लाभप्रद रहेगी। कोई बड़ी समस्या से छुटकारा मिल सकता है। अप्रत्याशित लाभ के योग हैं। सट्टे व लॉटरी से दूर रहें। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। प्रमाद न करें। उत्साह बढ़ेगा।
🦂वृश्चिक
दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में सहकर्मियों का साथ मिलेगा। जल्दबाजी न करें। धनागम होगा। थकान महसूस होगी। शारीरिक आराम की आवश्यकता रहेगी।
🏹धनु
परिवार के छोटे सदस्यों के अध्ययन तथा स्वास्थ्य संबंधी चिंता रहेगी। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। लापरवाही न करें। थोड़े प्रयास से ही कार्यसिद्धि होगी। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। निवेश में विवेक का प्रयोग करें। धनार्जन होगा।
🐊मकर
आय में निश्चितता रहेगी। व्यवसाय-व्यापार लाभदायक रहेगा। पुराने शत्रु सक्रिय रहेंगे। वाणी पर नियंत्रण रखें। किसी व्यक्ति से बेवजह विवाद हो सकता है। दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है, धैर्य रखें। शारीरिक कष्ट के योग हैं। लापरवाही न करें।
🍯कुंभ
धनलाभ के अवसर हाथ आएंगे। पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बनेगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। पारिवारिक चिंता बनी रहेगी।
🐟मीन
स्वास्थ्य का ध्यान रखें। शत्रुता में वृद्धि हो सकती है। भूमि व भवन के खरीद-फरोख्त की योजना बनेगी। बड़ा लाभ के योग हैं। परीक्षा व साक्षात्कार में सफलता प्राप्त होगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। व्यापार लाभदायक रहेगा। जल्दबाजी न करें।
📿हर हर महादेव📿
🔱जय श्री काशी विश्वनाथ🔱
🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺
30/11/2023
श्री काशी विश्वनाथ पंचांग
*दिनाँक:-30/11/2023, गुरुवार* तृतीया, कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष """"""(समाप्ति काल)
तिथि--------------- तृतीया 14: 24:23 तक
पक्ष---------------------------- कृष्ण
नक्षत्र-------------------- आर्द्रा 15:00:15
योग---------------------- शुभ 20:13:07
करण---------------- विष्टि भद्र 14:24:22
करण---------------------- बव 26:52:48
वार--------------------------- गुरूवार
माह--------------------------- मार्गशीर्ष
चन्द्र राशि---------------------- मिथुन
सूर्य राशि---------------------- वृश्चिक
रितु---------------------------- हेमंत
आयन------------------------- दक्षिणायण
संवत्सर----------------------- शोभकृत
संवत्सर (उत्तर) ------------ पिंगल
विक्रम संवत------------------- 2080
गुजराती संवत----------------- 2080
शक संवत--------------------- 1945
कलि संवत-------------------- 5124
*वृन्दावन*
सूर्योदय----------------------- 06:52:32
सूर्यास्त------------------------ 17:22:48
दिन काल--------------------- 10:30:15
रात्री काल--------------------- 13:30:30
चंद्रास्त------------------------ 09:39:49
चंद्रोदय------------------------ 19:54:59
लग्न----------- वृश्चिक 13°22', 223°22'
सूर्य नक्षत्र--------------------- अनुराधा
चन्द्र नक्षत्र--------------------- आर्द्रा
नक्षत्र पाया--------------------- रजत
*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*
ङ----------------------- आर्द्रा 08:41:11
छ----------------------- आर्द्रा 15:00:15
के--------------------- पुनर्वसु 21:21:37
को-------------------- पुनर्वसु 27:45:18
*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
==========================
सूर्य= वृश्चिक 13:30, अनुराधा 4 ने
चन्द्र= मिथुन 15:30 , आर्द्रा 3 ड॰
बुध =धनु 03:53' मूल 2 यो
शु क्र=तुला 00°05, चित्रा' 3 रा
मंगल=वृश्चिक 09°30 ' अनुराधा' 2 नी
गुरु=मेष 13°30 ' अश्विनी , 4 ला
शनि=कुम्भ 06°50 ' शतभिषा ,1 गो
राहू=(व) मीन 28°25 वी रेवती , 4 ची
केतु=(व) कन्या 28°25 चित्रा , 2 पो
*🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩*
राहू काल 13:26 - 14:45 अशुभ
यम घंटा 06:53 - 08:11 अशुभ
गुली काल 09:30 - 10: 49अशुभ
अभिजित 11:47 - 12:29 शुभ
दूर मुहूर्त 10:23 - 11:05 अशुभ
दूर मुहूर्त 14:35 - 15:17 अशुभ
वर्ज्यम 27:45* - 29:28* अशुभ
💮चोघडिया, दिन
शुभ 06:53 - 08:11 शुभ
रोग 08:11 - 09:30 अशुभ
उद्वेग 09:30 - 10:49 अशुभ
चर 10:49 - 12:08 शुभ
लाभ 12:08 - 13:26 शुभ
अमृत 13:26 - 14:45 शुभ
काल 14:45 - 16:04 अशुभ
शुभ 16:04 - 17:23 शुभ
🚩चोघडिया, रात
अमृत 17:23 - 19:04 शुभ
चर 19:04 - 20:45 शुभ
रोग 20:45 - 22:27 अशुभ
काल 22:27 - 24:08* अशुभ
लाभ 24:08* - 25:49* शुभ
उद्वेग 25:49* - 27:31* अशुभ
शुभ 27:31* - 29:12* शुभ
अमृत 29:12* - 30:53* शुभ
💮होरा, दिन
बृहस्पति 06:53 - 07:45
मंगल 07:45 - 08:38
सूर्य 08:38 - 09:30
शुक्र 09:30 - 10:23
बुध 10:23 - 11:15
चन्द्र 11:15 - 12:08
शनि 12:08 - 13:00
बृहस्पति 13:00 - 13:53
मंगल 13:53 - 14:45
सूर्य 14:45 - 15:38
शुक्र 15:38 - 16:30
बुध 16:30 - 17:23
🚩होरा, रात
चन्द्र 17:23 - 18:30
शनि 18:30 - 19:38
बृहस्पति 19:38 - 20:45
मंगल 20:45 - 21:53
सूर्य 21:53 - 23:01
शुक्र 23:01 - 24:08
बुध 24:08* - 25:16
चन्द्र 25:16* - 26:23
शनि 26:23* - 27:31
बृहस्पति 27:31* - 28:38
मंगल 28:38* - 29:46
सूर्य 29:46* - 30:53
*🚩 उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩*
वृश्चिक > 04:48 से 07:08 तक
धनु > 07:08 से 09:14 तक
मकर > 09:14 से 11:00 तक
कुम्भ > 11:00 से 12:28 तक
मीन > 12:28 से 14:00 तक
मेष > 14:00 से 15:40 तक
वृषभ > 15:40 से 17:38 तक
मिथुन > 17:38 से 19:52 तक
कर्क > 19:52 से 22:08 तक
सिंह > 22:08 से 00:22 तक
कन्या > 00:22 से 02:32 तक
तुला > 02:32 से 04:48 तक
*🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार*
(लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट--------- जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट------ अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट------------ मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट--------बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54-----जैसलमेर -15 मिनट
*नोट*- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये, उद्वेगे थलगार।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे, लाभ में करो व्यापार॥
रोग में रोगी स्नान करे, काल करो भण्डार।
अमृत में काम सभी करो, सहाय करो कर्तार॥
अर्थात- चर में वाहन, मशीन आदि कार्य करें।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें।
शुभ में स्त्री श्रृंगार, सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें।
लाभ में व्यापार करें।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें।
*💮दिशा शूल ज्ञान----------------दक्षिण*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा केशर खाके यात्रा कर सकते हैl
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु चl*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय:ll*
*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं।।*
*महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत्।।*
15 + 3 + 5 + 1 = 24 ÷ 4 = 0 शेष
पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक हैl
*🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩*
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
मंगल ग्रह मुखहुति
*💮 शिव वास एवं फल -:*
18 + 18 + 5 = 41 ÷ 7 = 6 शेष
क्रीड़ायां = शोक , दुःख कारक
*🚩भद्रा वास एवं फल -:*
*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*
दोपहर 14:25 तक समाप्त
स्वर्ग लोक = शुभ कारक
*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*
*चतुर्थी व्रत, चंद्रोदय रात्रि 19:56
*सर्वार्थ सिद्धि योग 15:00
*💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮*
त्यजेदेकं कुलस्यार्थे ग्रामस्यार्थे कुलं त्यजेत्।
ग्रामं जनपदस्यार्थे आत्मार्थे पृथिवीं त्यजेत्।।
।। चा o नी o।।
कुल की रक्षा के लिए एक सदस्य का बिलदान दें,गाव की रक्षा के लिए एक कुल का बिलदान दें, देश की रक्षा के लिए एक गाव का बिलदान दें, आतमा की रक्षा के लिए देश का बिलदान दें.
*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*
गीता -: सांख्ययोग अo-02
अथ चैनं नित्यजातं नित्यं वा मन्यसे मृतम्।,
तथापि त्वं महाबाहो नैवं शोचितुमर्हसि॥,
किन्तु यदि तू इस आत्मा को सदा जन्मने वाला तथा सदा मरने वाला मानता हो, तो भी हे महाबाहो! तू इस प्रकार शोक करने योग्य नहीं है॥,26॥,
*💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮*
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत।।
🐏मेष-
धन प्राप्ति सुगम होगी। पराक्रम बढ़ेगा। जीवनसाथी से आर्थिक मतभेद हो सकते हैं। कामकाज में आशानुरूप स्थिति बनेगी। संतान के व्यवहार पर नजर रखें। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। थकान रहेगी।
🐂वृष-
आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। आपके व्यवहार एवं कार्यकुशलता से अधिकारी वर्ग से लाभ होगा। आपसी विचार-विमर्श लाभप्रद रहेगा। बुरी खबर मिल सकती है। वाणी पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। लेन-देन में सावधानी रखें।
👫मिथुन-
दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। पूंजी निवेश बढ़ेगा। साहित्यिक रुचि बढ़ेगी। आर्थिक योग शुभ हैं। यात्रा से व्यापारिक लाभ हो सकता है। रुका हुआ धन प्राप्त होगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। विवाद न करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। सुसंगति से लाभ होगा।
🦀कर्क-
अप्रत्याशित लाभ होगा। राजकीय सहयोग मिलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। जोखिम बिलकुल न लें। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। व्यापार व नौकरी में हितकारकों की पूर्ण कृपा रहेगी। गृह उपयोगी वस्तुएं क्रय करेंगे। नए संबंधों के प्रति सतर्क रहें।
🐅सिंह-
पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा। रुका पैसा मिलेगा। शत्रु आपकी छवि को धूमिल करने का प्रयास करेंगे। अतः सावधान रहें। फालतू खर्च होगा। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। कुसंगति से बचें। दूसरों पर भरोसा न करें। धैर्य रखें। व्यापार में सफलता मिलेगी।
🙎♀️कन्या-
पुराने मित्र-संबंधी मिलेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। कार्य एवं व्यवसाय के क्षेत्र में विभिन्न बाधाओं से मन अशांत रहेगा। विवादों से दूर रहना चाहिए। उत्साहवर्द्धक सूचना मिलेगी। स्वाभिमान बढ़ेगा। आर्थिक तंगी रहेगी। पिछले कार्यों को टालें। पारिवारिक तनाव से मन परेशान रहेगा। व्यापार में हानि हो सकती है।
⚖️तुला-
कार्यसिद्धि होगी। आय-व्यय में संतुलन रहेगा। क्रोध पर संयम आवश्यक है। व्यापार में नए अनुबंध लाभकारी रहेंगे। धर्म में रुचि बढ़ेगी। नई योजना से लाभ होगा। धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। वरिष्ठजनों का सहयोग मिलेगा। कोर्ट व कचहरी के काम बनेंगे।
🦂वृश्चिक-
संतान की ओर से अच्छे समाचार मिलेंगे। दूसरों के कार्यों में हस्तक्षेप नहीं करें। परिवार की चिंता रहेगी। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। पुराना रोग उभर सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। व्यापार के विस्तार हेतु किए गए प्रयास सफल होंगे।
🏹धनु-
लाभ होगा। पिछले कार्यों को टालना चाहिए क्योंकि उसमें असफलता का योग है। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। राजकीय बाधा दूर होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। शत्रुभय रहेगा। अनावश्यक विवाद होगा। व्यावसायिक योजनाएँ क्रियान्वित नहीं हो पाएँगी।
🐊मकर-
नए अनुबंध होंगे। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। जल्दबाजी व भागदौड़ से काम करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाएँ। अच्छे मित्र से भेंट होगी। पराक्रम की वृद्धि होगी। समाज-परिवार में आदर मिलेगा। योजना फलीभूत होगी।
🍯कुंभ-
धनलाभ होगा। प्रसन्नता बनी रहेगी। वाहन सुख मिलेगा। संपत्ति के लेन-देन में सावधानी बरतें। परिवार में सहयोग का वातावरण रहेगा। मेहनत का फल मिलेगा। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। यात्रा सफल रहेगी। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। संतान पर ध्यान दें। जल्दबाजी व भागदौड़ से कार्य करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाएं।
🐟मीन-
प्रसन्नता रहेगी। संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। संतान के रोजगार की समस्या का समाधान संभव है। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। कश्मकश दूर होगी। स्वजनों से भेंट होगी। खर्चों में वृद्धि से चिंता होगी।
🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
📿हर हर महादेव📿
🔱जय श्री काशी विश्वनाथ🔱
25/11/2023
आज श्री मार्कण्डे महादेव जी का रुद्राभिषेक परम् पूज्य श्री महराज जी के द्वारा किया गया
📿हर हर महादेव📿
🔱जय श्री काशी विश्वनाथ🔱
24/11/2023
🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩
*धर्म एव हतो हन्ति*
*धर्मो रक्षति रक्षितः।*
*तस्माद्धर्मं न त्यजामि*
*मा नो धर्मो हतोऽवधीत्॥*
🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩
*अर्थात 👉 जो पुरूष धर्म का नाश करता है, उसी का नाश धर्म कर देता है, और जो धर्म की रक्षा करता है, उसकी धर्म भी रक्षा करता है। इसलिए मारा हुआ धर्म कभी हमको न मार डाले, इस भय से धर्म का हनन अर्थात् त्याग कभी न करना चाहिए।*
*आपका दिन मंगलमय रहे*
🔱Har har mahadev🔱
📿Jay shri Kashi Vishwanath📿
17/11/2023
*🌞~ श्री काशी विश्वनाथ पंचांग ~🌞*
*⛅दिनांक - 17 नवम्बर 2023*
*⛅दिन - शुक्रवार*
*⛅विक्रम संवत् - 2080*
*⛅शक संवत् - 1945*
*⛅अयन - दक्षिणायन*
*⛅ऋतु - हेमंत*
*⛅मास - कार्तिक*
*⛅पक्ष - शुक्ल*
*⛅तिथि - चतुर्थी सुबह 11:03 तक तत्पश्चात पंचमी*
*⛅नक्षत्र - पूर्वाषाढ़ा रात्रि 01:17 तक तत्पश्चात ऊत्तराषाढ़ा*
*⛅योग - धृति सुबह 07:37 तक तत्पश्चात शूल*
*⛅राहु काल - सुबह 11:02 से 12:24 तक*
*⛅सूर्योदय - 06:54*
*⛅सूर्यास्त - 05:55*
*⛅दिशा शूल - पश्चिम दिशा में*
*⛅ब्राह्ममुहूर्त - प्रातः 05:10 से 06:02 तक*
*⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 11:59 से 12:51 तक*
*⛅व्रत पर्व विवरण - विष्णुपदी-बृश्चिक संक्रांति*
*⛅विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है । पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है । (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
*🌹विष्णुपदी संक्रांति : 17 नवम्बर 2023🌹*
*🔸(पुण्यकाल : सूर्योदय से दोपहर १२-२४ तक) (इसमें किये गये ध्यान, जप व पुण्यकर्म का फल लाख गुना होता है । - पद्म पुराण)*
*🔹नवयौवन देनेवाली पुनर्नवा🔹*
*🔸यह शरीर को, विशेषकर दृष्टि को नया करती की है इसलिए इसको 'पुनर्नवा' कहते हैं । इसे हिन्दी में गदहपूरना या पुनर्नवा, मराठी में घेटुली, गुजराती में लाल साटोड़ी कहते हैं ।*
*🔸यह कोशिकाओं में संचित सूक्ष्म मल तथा दोषों को मूत्र के द्वारा बाहर निकालकर सम्पूर्ण शरीर की शुद्धि करती है, जिससे गुर्दे (kidneys), यकृत, हृदय आदि सभी अंग-प्रत्यंगों की कार्यशीलता व मजबूती बढ़ती है तथा युवावस्था दीर्घकाल तक बनी रहती है । यह बड़ी उम्र में कष्टदायी अनेक रोगों, जैसे मधुमेह (diabetes), हृदयरोग, श्वासरोग (दमा), खाँसी आदि से रक्षा करती है ।*
*🔸आचार्य वाग्भटजी ने भी कहा है: 'जीर्णोऽपि भूयः सः पुनर्नवः स्यात् ।' अर्थात् चाहे कैसा भी वृद्ध मनुष्य हो, इसके विधिवत् सेवन से वह पुनः नवयुवक सदृश बनता है ।*
*🔸आधुनिक शोधों के अनुसार पुनर्नवा पोषक तत्त्वों का एक अच्छा स्रोत है। इसमें अमीनो एसिड, कैल्शियम, विटामिन 'सी', 'बी २', 'बी ३' पाये जाते हैं । यह कैंसर, मधुमेह, तनाव आदि में लाभदायक है ।*
*🔸पुनर्नवा उत्तम विषनाशक भी है । यह विरुद्ध आहार व अंग्रेजी दवाओं के अतिशय सेवन से शरीर में संचित हुए विषैले द्रव्यों का निष्कासन रोगों से रक्षा करती है । पाचकाग्नि को बढ़ाती है । इसके पेशाब खुलकर लानेवाले एवं सूजन पुणे कम करनेवाले गुणों के कारण यह सूजन, पेट में फेफड़ों में पानी भरना, पेशाब कम आना, गुर्दों पथरी आदि में बहुत ही लाभदायी औषधि है । रक्ताल्पता, संधिवात, आमवात और अजीर्ण में यह लाभकारी है ।*
*🔸पत्तों की सब्जी : मूँग की दाल मिला के इसकी रसदार सब्जी बनती है, जो शरीर की सूजन, मूत्ररोगों (विशेषकर मूत्राल्पता), हृदयरोगों, दमा, शरीरदर्द, मंदाग्नि, खून की कमी, यकृत के रोग तथा इन रोगों से रक्षा करने में फायदेमंद है ।*
*🔸नेत्रज्योति बढ़ाने हेतु विशेष प्रयोग पुनर्नवा की जड़ व पत्तों के ५-१० मि.ली. छने हुए रस में १ चम्मच मिश्री मिलाकर सुबह खाली पेट १ मास तक सेवन करें । इससे नेत्रज्योति खूब बढ़ती है एवं शरीर में स्फूर्ति आती है ।*
*🔸रसायन-प्रयोग: आयुर्वेद के आचार्यों ने पुनर्नवा को रसायन (tonic) कहा है । इसके सेवन से दीर्घायुष्य और आरोग्य की प्राप्ति होती है । इससे जठराग्नि की वृद्धि होती है और शरीर का पोषण होता है । यह बल व शक्ति प्रदान करनेवाला है ।*
*🔸(१) पुनर्नवा के ताजे पत्तों के ५-१० मि.ली. रस में एक चुटकी काली मिर्च व थोड़ा-सा शहद मिलाकर लें ।*
*🔸(२) २-२ ग्राम पुनर्नवा चूर्ण या २-२ पुनर्नवा मूल (टेबलेट) सुबह-शाम दूध के साथ एक वर्ष तक लेने से शरीर में नयी कोशिकाओं का निर्माण होता है ।*
*-ऋषि प्रसाद नवम्बर 2023*
*🔸इसकी सावधानी है जरूरी🔸*
*🔸स्नान के बाद गीले वस्त्रों को झटकते हैं तो उनमें से जो जल उड़ता है वह शरीर में लगने से पुण्य नाश होता है । इसलिए गीले वस्त्रों का जल शरीर को न लगे इसकी सावधानी रखनी चाहिए ।
📿हर हर महादेव📿
🔱जय श्री काशी विश्वनाथ🔱
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